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	<title>अन्तर्राष्ट्रीय Archives - Haqeeqat Today</title>
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	<link>https://www.haqeeqattoday.com/news/category/अन्तर्राष्ट्रीय</link>
	<description>Most Popular Urdu News Paper &#38; Portal</description>
	<lastBuildDate>Wed, 13 May 2026 10:25:44 +0000</lastBuildDate>
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		<title>ट्रंप की ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल शील्ड पर आएगा 1.2 ट्रिलियन डॉलर का खर्च</title>
		<link>https://www.haqeeqattoday.com/news/333082</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Haqeeqat Today Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 May 2026 10:25:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की महत्वाकांक्षी योजना जिसे अमेरिका के लिए गोल्डन डोम मिसाइल रक्षा कार्यक्रम के रूप में पेश किया गया है की अनुमानित लागत 20 वर्षों में 1.2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर होगी। यह जानकारी कांग्रेसनल बजट आफिस के एक नए विश्लेषण से सामने आई है। यह पिछले साल के शुरुआती अनुमान 175 &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की महत्वाकांक्षी योजना जिसे अमेरिका के लिए गोल्डन डोम मिसाइल रक्षा कार्यक्रम के रूप में पेश किया गया है की अनुमानित लागत 20 वर्षों में 1.2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर होगी। यह जानकारी कांग्रेसनल बजट आफिस के एक नए विश्लेषण से सामने आई है।</p>
<p>यह पिछले साल के शुरुआती अनुमान 175 अरब अमेरिकी डॉलर के से कहीं अधिक है। गोल्डन डोम संबंधी का आदेश ट्रंप ने अपने कार्यकाल के पहले सप्ताह में एक कार्यकारी आदेश के माध्यम से दिया था।</p>
<h2 class="wp-block-heading">कौन सा है सबसे महंगा हिस्सा?</h2>
<p>CBO ने एक रिपोर्ट में कहा, “1.2 ट्रिलियन डॉलर की कुल राशि में से अधिग्रहण की लागत 1 ट्रिलियन डॉलर से थोड़ी ज्यादा होगी। इस राशि में सिस्टम के मुख्य घटकों की लागत शामिल है। यानी, इंटरसेप्टर लेयर्स और अंतरिक्ष-आधारित मिसाइल चेतावनी और ट्रैकिंग सिस्टम।”</p>
<p>इसमें कहा गया है, “सबसे महंगा हिस्सा अंतरिक्ष-आधारित इंटरसेप्टर लेयर है, जो अधिग्रहण लागत का लगभग 70 प्रतिशत और कुल लागत का 60 प्रतिशत है।”</p>
<h2 class="wp-block-heading">इजरायल की रक्षा प्रणाली से प्रेरित</h2>
<p>इस मिसाइल प्रणाली की अवधारणा आंशिक रूप से इजरायल की बहुस्तरीय रक्षा प्रणाली से प्रेरित है, जिसे अक्सर सामूहिक रूप से आयरन डोम कहा जाता है, जिसने ईरान के खिलाफ युद्ध में ईरान और सहयोगी आतंकी समूहों के रॉकेट और मिसाइल हमलों से इसकी रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।</p>
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		<item>
		<title>अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच ट्रंप-चिनफिंग की मीटिंग</title>
		<link>https://www.haqeeqattoday.com/news/333071</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Haqeeqat Today Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 May 2026 10:06:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। इसी तनावपूर्ण माहौल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप अपनी बीजिंग यात्रा पर निकल रहे हैं जहां वे राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मिलेंगे। ट्रंप ने कई हफ्तों तक चीनी सरकार को यह समझाने की कोशिश की कि वह अपने व्यापक प्रभाव &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। इसी तनावपूर्ण माहौल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप अपनी बीजिंग यात्रा पर निकल रहे हैं जहां वे राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मिलेंगे।</p>
<p>ट्रंप ने कई हफ्तों तक चीनी सरकार को यह समझाने की कोशिश की कि वह अपने व्यापक प्रभाव का इस्तेमाल करके ईरान को दो महीने से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिकी शर्तों पर सहमत कराए या कम से कम महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोले। लेकिन, वह अब तक असफल रहे हैं।</p>
<p>एक तरफ वॉशिंगटन की नाराजगी है कि चीन अपने प्रभाव का इस्तेमाल ईरान को झुकाने के लिए नहीं कर रहा, तो दूसरी तरफ बीजिंग इसे ‘जंगल राज’ और एकतरफा दबाव की राजनीति बता रहा है।</p>
<p>इन गंभीर मतभेदों के बावजूद, दोनों महाशक्तियां इस कोशिश में जुटी हैं कि ईरान का मुद्दा उनके द्विपक्षीय संबंधों और व्यापारिक समझौतों को पूरी तरह पटरी से न उतार दे।</p>
<h3 class="wp-block-heading">प्रतिबंधों का वार और कूटनीतिक दीवार</h3>
<p>ट्रंप की यात्रा से ठीक पहले अमेरिका ने ईरानी सेना को संवेदनशील सैटेलाइट इमेज और तेल शोधन में मदद करने वाली चीनी कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगाकर इरादे साफ कर दिए हैं।</p>
<p>जवाब में बीजिंग ने अपने पुराने कानून को ढाल बनाकर इन प्रतिबंधों को मानने से इनकार कर दिया। जहां अमेरिका चाहता है कि चीन ईरान पर दबाव डाले, वहीं शी चिनफिंग ने ईरानी विदेश मंत्री की मेजबानी एवं तेहरान के परमाणु अधिकारों का समर्थन कर यह संदेश दिया है कि चीन अपनी शर्तों पर ही बात करेगा।</p>
<p>आर्थिक हितों की मजबूरी और नाजुक शांति सच्चाई यह है कि न तो ट्रंप फिर से ‘टैरिफ वार’ चाहते हैं और न ही शी चिनफिंग अपनी डगमगाती अर्थव्यवस्था पर नया बोझ।</p>
<p>दुनिया के 20 प्रतिशत कच्चे तेल की आवाजाही रुकने से चीन को अमेरिका से कहीं अधिक नुकसान हो रहा है। ट्रंप का मानना है कि बंद बंदरगाह और महंगी ऊर्जा चीन की निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर देगी। फिर भी, बीजिंग किसी ऐसी राजनीतिक दलदल में नहीं फंसना चाहता जहां उसे अमेरिका का पक्ष लेते हुए देखा जाए।</p>
<p>माना जा रहा है कि यह शिखर सम्मेलन मतभेदों को सुलझाने से ज्यादा, उन्हें और गहरा होने से रोकने की एक कवायद है। दोनों नेता व्यापारिक स्थिरता और ‘सुपरपावर’ की गरिमा बनाए रखने के लिए ईरान के मुद्दे को एक सीमा तक ही खींचना चाहते हैं।</p>
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		<item>
		<title>ट्रंप ने कैमरन हैमिल्टन को दोबारा सौंपी FEMA की जिम्मेदारी</title>
		<link>https://www.haqeeqattoday.com/news/332997</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Haqeeqat Today Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 May 2026 09:55:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोमवार को कैमरन हैमिल्टन को फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (FEMA) का नेतृत्व करने के लिए नामित किया। यह पूर्व नेवी सील के लिए एक चौंकाने वाली वापसी है, जिन्हें पिछले साल FEMA के अस्थायी प्रमुख के पद से हटा दिया गया था, क्योंकि उन्होंने एजेंसी के अस्तित्व का बचाव किया &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोमवार को कैमरन हैमिल्टन को फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (FEMA) का नेतृत्व करने के लिए नामित किया। यह पूर्व नेवी सील के लिए एक चौंकाने वाली वापसी है, जिन्हें पिछले साल FEMA के अस्थायी प्रमुख के पद से हटा दिया गया था, क्योंकि उन्होंने एजेंसी के अस्तित्व का बचाव किया था।</p>
<p><strong>ट्रंप प्रशासन ने FEMA को खत्म करने के संकेत दिए थे<br />
</strong>उनका नामांकन ऐसे समय में हुआ है जब ट्रंप प्रशासन ने लगातार संकेत दिए कि, FEMA को खत्म कर दिया जाएगा। बता दें कि, यह वही एजेंसी है जिसकी राष्ट्रपति ने कड़ी आलोचना की थी। वहीं, अगर उनके नामांकन की पुष्टि हो जाती है, तो हैमिल्टन आपातकालीन प्रबंधन के मामलों में ट्रंप और होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी मार्कवेन मुलिन के मुख्य सलाहकार होंगे।</p>
<p>एजेंसी ने तीन अस्थायी प्रमुखों का कार्यकाल देखा है, जिसमें जनवरी से मई 2025 तक हैमिल्टन का संक्षिप्त कार्यकाल भी शामिल है। वह एक ऐसी संकटग्रस्त एजेंसी की कमान संभालेंगे, जहां मौजूदा समय में उथल-पुथल भरी स्थिति है। इसके साथ ही हैमिल्टन को यह सुनिश्चित करना होगा कि, एजेंसी गर्मियों की आपदाओं के मौसम के लिए तैयार हो; जो बस कुछ ही सप्ताह दूर है।</p>
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		<item>
		<title>ट्रंप की बड़ी धमकी; ईरान के परमाणु ठिकानों पर US स्पेस फोर्स का पहरा</title>
		<link>https://www.haqeeqattoday.com/news/332957</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Haqeeqat Today Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 May 2026 11:11:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ईरान के उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई भी इन परमाणु ठिकानों के पास पहुंचने की कोशिश करेगा तो अमेरिकी सेना उसे तुरंत ‘उड़ा देगी।’ स्वतंत्र पत्रकार शेरिल एटकिसन को दिए इंटरव्यू &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ईरान के उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई भी इन परमाणु ठिकानों के पास पहुंचने की कोशिश करेगा तो अमेरिकी सेना उसे तुरंत ‘उड़ा देगी।’</p>
<p>स्वतंत्र पत्रकार शेरिल एटकिसन को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की स्पेस फोर्स इन ठिकानों की निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा, “अगर कोई उस जगह के करीब पहुंचा तो हमें तुरंत पता चल जाएगा और हम उसे खत्म कर देंगे।” ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी स्पेस फोर्स इतनी सटीक निगरानी कर सकती है कि किसी भी व्यक्ति का नाम, पता और पहचान तक पता चल सकती है।</p>
<h2 class="wp-block-heading">‘ईरान सैन्य रूप से हार चुका’</h2>
<p>ट्रंप ने इंटरव्यू में कहा कि ईरान की सैन्य क्षमता काफी हद तक खत्म हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास अब प्रभावी नौसेना, वायुसेना या एंटी एयरक्राफ्ट सिस्टम नहीं बचे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान की सैन्य और रणनीतिक संरचना को गंभीर नुकसान पहुंचा है और अगर अमेरिका अभी पीछे हट जाए, तब भी ईरान को दोबारा मजबूत होने में करीब 20 साल लग सकते हैं।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिकी सेना ने अब तक अपने लगभग 70 प्रतिशत लक्ष्यों को नष्ट कर दिया है। हालांकि उन्होंने संकेत दिए कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका अगले दो हफ्तों तक और सैन्य कार्रवाई कर सकता है।</p>
<h2 class="wp-block-heading">परमाणु हथियारों को लेकर दोहराया विरोध</h2>
<p>ट्रंप ने कहा कि दुनिया ‘पागल शासन’ को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दे सकती। उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम का विरोध दोहराते हुए कहा कि यह पूरे मध्य पूर्व और इजरायल के लिए खतरा है।</p>
<p>उन्होंने 2015 में हुए परमाणु समझौते (जेसीपीओए) से अमेरिका के बाहर निकलने के अपने फैसले का बचाव भी किया। ट्रंप ने कहा कि अगर वह उस समझौते से बाहर नहीं आते तो ईरान परमाणु हथियार का इस्तेमाल कर सकता था। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई ने ईरान को कई दशक पीछे धकेल दिया है और अब भी वॉशिंगटन की नजर ईरान की हर गतिविधि पर बनी हुई है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>ऑपरेशन सिंदूर पर आसिम मुनीर ने फिर बोला झूठ</title>
		<link>https://www.haqeeqattoday.com/news/332954</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Haqeeqat Today Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 May 2026 11:08:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने पिछले वर्ष भारत के साथ हुए चार दिवसीय सैन्य संघर्ष को ‘दो विचारधाराओं के बीच की लड़ाई’ करार दिया है। रावलपिंडी स्थित सैन्य मुख्यालय में ‘मारका-ए-हक’ की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक समारोह में मुनीर ने यह बयान दिया। पाकिस्तान ने पिछले साल छह से &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने पिछले वर्ष भारत के साथ हुए चार दिवसीय सैन्य संघर्ष को ‘दो विचारधाराओं के बीच की लड़ाई’ करार दिया है। रावलपिंडी स्थित सैन्य मुख्यालय में ‘मारका-ए-हक’ की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक समारोह में मुनीर ने यह बयान दिया।</p>
<p>पाकिस्तान ने पिछले साल छह से 10 मई के बीच हुए इस संघर्ष को ‘मारका-ए-हक’ का नाम दिया है। समारोह को संबोधित करते हुए मुनीर ने दावा किया कि संघर्ष के दौरान पाकिस्तान की रणनीति भारत की तुलना में ‘श्रेष्ठ’ थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत ने पाकिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन किया, जिसका जवाब पाकिस्तान ने ‘राष्ट्रीय एकता और सैन्य शक्ति’ के साथ दिया।</p>
<h3 class="wp-block-heading">मल्टी-डोमेन युद्ध पर फोकस</h3>
<p>मुनीर के अनुसार, यह केवल दो सेनाओं के बीच का पारंपरिक युद्ध नहीं, बल्कि एक वैचारिक निर्णायक युद्ध था। भविष्य की चुनौतियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अब युद्ध ‘मल्टी-डोमेन’ (बहु-आयामी) होंगे।</p>
<p>इसके लिए पाकिस्तान अपनी सैन्य तकनीक, हार्डवेयर और प्रशिक्षण को आधुनिक बना रहा है। उन्होंने शांति बनाए रखने के लिए ‘विश्वसनीय प्रतिरक्षा’ पर जोर दिया और हेंगोर-श्रेणी की पनडुब्बियों, नए राकेट बल और लड़ाकू विमानों की खरीद जैसे आधुनिकीकरण कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया।</p>
<p>पाक मंत्री ने खुद को मुनीर का ‘साधारण कार्यकर्ता’ बताया, बयान पर विवाद शुरू पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्री अली परवेज मलिक ने हाल ही में एक प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान खुद को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर की टीम का एक ”साधारण कार्यकर्ता” बताया।</p>
<h3 class="wp-block-heading">तेल की कीमतों में गिरावट</h3>
<p>अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट का लाभ जनता तक पहुंचाने के वादे के बीच दिए गए इस बयान ने इंटरनेट मीडिया पर हंगामा खड़ा कर दिया है।</p>
<p>आलोचकों का तर्क है कि एक मंत्री द्वारा सेना प्रमुख को अपना नेता मानना पाकिस्तान की राजनीति में सैन्य हस्तक्षेप और ‘हाइब्रिड’ शासन व्यवस्था को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। इंटरनेट मीडिया पर लोग इसे लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ और सैन्य प्रतिष्ठान को खुश करने की कोशिश बता रहे हैं।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>ग्रीस में विस्फोटकों से लैस एक ड्रोन बोट जब्त</title>
		<link>https://www.haqeeqattoday.com/news/332895</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Haqeeqat Today Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 10 May 2026 09:06:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>ग्रीस में मछुआरों की एक रहस्यमयी ड्रोन बोट मिला है, जिसके विस्फोटकों से लैस होने का अनुमान है। पुलिस अब इसकी जांच कर रही है। यह बोट, जो यूक्रेन में बना एक मानवरहित सतही वाहन है, जो आयोनियन द्वीप लेफकाडा पर मिला। अभी यह साफ नहीं है कि गुरुवार को एर गुफा में मिला यह &#8230;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>ग्रीस में मछुआरों की एक रहस्यमयी ड्रोन बोट मिला है, जिसके विस्फोटकों से लैस होने का अनुमान है। पुलिस अब इसकी जांच कर रही है। यह बोट, जो यूक्रेन में बना एक मानवरहित सतही वाहन है, जो आयोनियन द्वीप लेफकाडा पर मिला। अभी यह साफ नहीं है कि गुरुवार को एर गुफा में मिला यह बोट ग्रीस के जलक्षेत्र में कैसे पहुंची।</p>
<p>अधिकारियों ने रॉयटर्स को बताया कि शुरुआती जांच में पता चलता है कि MAGURA V3 टाइप के इल समुद्री ड्रोन में तीन डेटोनेटर लगे थे। एक सूत्र ने समाचार एजेंसी को बताया कि बोट में विस्फोटक लगे थे, हालांकि ग्रीस की सेना ने इसकी पुष्टि नहीं की है।</p>
<p>बम निरोधक विशेषज्ञों ने ड्रोन को खोलना और उसकी बैटरियां निकालना शुरू कर दिया है, इसके लिए घटनास्थल पर गोताखोर भी तैनात किए गए हैं।</p>
<h3 class="wp-block-heading">बोट की जांच में जुटी पुलिस</h3>
<p>एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि सुरक्षाबल इस बोट की तकनीकी विशेषताओं और इसके संभावित उद्देश्यों का पता लगाने के लिए जांच का नेतृत्व करेंगें। तटरक्षक बल के एक सूत्र ने बताया कि जांचकर्ता इस बात की जांच कर रहे हैं कि ड्रोन का उद्देश्य भूमध्य सागर के बड़े क्षेत्र में रूसी तेल ले जाने वाले जहाजों को निशाना बनाना था।</p>
<p>समुद्री सुरक्षा से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि बोट शायद ऐसे ही कई ड्रोनों की किसी खेप का हिस्सा रहा हो, या फिर सिग्नल फेल होने के कारण यह अपने रास्ते से भटक गया हो।</p>
<h3 class="wp-block-heading">बोट को नौसैनिक अड्डे पर लाया गया</h3>
<p>ग्रीस के सरकारी प्रसारक ERT के अनुसार, शुक्रवार को इस बोट को जांच के लिए मुख्य भूमि पर स्थित एक नौसैनिक अड्डे पर ले जाया गया।</p>
<p>यूक्रेन ने काला सागर में रूसी नौसैनिक जहाजों के खिलाफ एक प्रभावी अभियान चलाने के लिए ड्रोन बोट का इस्तेमाल किया है। मॉस्को ने भी इसी तरह के डिजाइन वाले समुद्री ड्रोन विकसित किए हैं।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>अमेरिकी नाकेबंदी के बावजूद जल्द नहीं झुकेगा ईरान</title>
		<link>https://www.haqeeqattoday.com/news/332892</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Haqeeqat Today Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 10 May 2026 09:03:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी के बावजूद ईरान जल्द झुकने वाला नहीं है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआइए के एक गोपनीय आकलन में कहा गया है कि ईरान कम से कम तीन से चार महीने तक अमेरिकी दबाव और आर्थिक नाकेबंदी का सामना कर सकता है। यह आकलन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी के बावजूद ईरान जल्द झुकने वाला नहीं है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआइए के एक गोपनीय आकलन में कहा गया है कि ईरान कम से कम तीन से चार महीने तक अमेरिकी दबाव और आर्थिक नाकेबंदी का सामना कर सकता है।</p>
<p>यह आकलन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे से अलग माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि तेल निर्यात रुकने के बाद ईरान जल्दी ही समर्पण के लिए मजबूर हो जाएगा।वा¨शगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, सीआइए और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की हालिया रिपोर्ट व्हाइट हाउस को सौंपी गई है।</p>
<p>इसमें कहा गया है कि ईरान पर आर्थिक दबाव जरूर बढ़ रहा है, लेकिन उसकी सैन्य और रणनीतिक क्षमता अब भी काफी हद तक बरकरार है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के पास युद्ध से पहले मौजूद मोबाइल मिसाइल लांचरों का लगभग 75 प्रतिशत और मिसाइल भंडार का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा अब भी सुरक्षित है।</p>
<h2 class="wp-block-heading">ट्रंप प्रशासन का सवाल</h2>
<p>सीआइए के इस आकलन ने ट्रंप प्रशासन के उस दावे पर भी सवाल खड़े किए हैं, जिसमें कहा गया था कि नाकेबंदी के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था तेजी से टूट रही है। ट्रंप ने 13 अप्रैल को होर्मुज स्ट्रेट के बाहर नौसैनिक नाकेबंदी लागू करते हुए कहा था कि ईरान के तेल डिपो तेजी से भर रहे हैं और अगर उसने उत्पादन कम नहीं किया तो उसकी तेल पाइपलाइन और कुओं पर गंभीर असर पड़ सकता है।</p>
<p>हालांकि, अमेरिकी खुफिया अधिकारियों का कहना है कि ईरान ने इस संकट से निपटने के लिए वैकल्पिक रणनीति अपनाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान अपने अतिरिक्त तेल को समुद्र में खड़े टैंकरों में स्टोर कर रहा है और तेल उत्पादन की रफ्तार नियंत्रित कर कुओं को नुकसान से बचाने की कोशिश कर रहा है।</p>
<p>वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, कुछ अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान की वास्तविक सहन क्षमता सीआइए के अनुमान से भी ज्यादा हो सकती है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ईरानी नेतृत्व अब पहले की तुलना में ज्यादा कट्टर, संगठित और लंबे संघर्ष के लिए तैयार दिखाई दे रहा है।</p>
<h2 class="wp-block-heading">इजरायल की चेतावनी</h2>
<p>इजरायली सैन्य खुफिया के पूर्व अधिकारी डैनी सिट्रिनोविज ने भी कहा कि केवल आर्थिक नाकेबंदी से ईरान को झुकाना आसान नहीं होगा। उनके मुताबिक, तेहरान को लगता है कि वह अमेरिकी राजनीतिक इच्छाशक्ति से ज्यादा समय तक टिक सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि युद्ध का मौजूदा स्वरूप अंतत: रणनीतिक रूप से अमेरिका और इजरायल के लिए उल्टा भी पड़ सकता है।</p>
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		<title>एलियंस और UFO के रहस्यों से उठेगा पर्दा?</title>
		<link>https://www.haqeeqattoday.com/news/332857</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Haqeeqat Today Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 09 May 2026 11:42:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने आकाश में उड़ने वाली अज्ञात मशीनों (यूएफओ) से संबंधित कुछ जानकारियों को सार्वजनिक किया है। कहा है कि लोग इनके बारे में निष्कर्ष तक खुद पहुंचें। कई दशकों तक उड़नतश्तरी के बारे में जानकारी होने से इन्कार करने के बाद अमेरिका ने उनसे जुड़ी बातों को सार्वजनिक किया है। पेंटागन &#8230;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने आकाश में उड़ने वाली अज्ञात मशीनों (यूएफओ) से संबंधित कुछ जानकारियों को सार्वजनिक किया है।</p>
<p>कहा है कि लोग इनके बारे में निष्कर्ष तक खुद पहुंचें। कई दशकों तक उड़नतश्तरी के बारे में जानकारी होने से इन्कार करने के बाद अमेरिका ने उनसे जुड़ी बातों को सार्वजनिक किया है।</p>
<p><strong>पेंटागन ने यूएफओ से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक की<br />
</strong>उड़नतश्तरी से संबंधित जानकारियां सार्वजनिक करने का निर्णय व्हाइट हाउस ने लिया है जबकि इसमें खुफिया विभाग, एफबीआई, नासा और ऊर्जा विभाग ने भी सहमति जताई है।</p>
<p>पेंटागन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पिछली सरकारों ने अमेरिकी लोगों को यूएफओ से संबंधित जानकारियों से दूर रखा। लेकिन राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप सरकारी कामकाज में अधिकतम पारदर्शिता बरतने में विश्वास रखते हैं।</p>
<p>इसी के चलते यूएफओ से जुड़ी जानकारियों को सार्वजनिक किया जा रहा है। अब जनता इन जानकारियों के आधार पर निष्कर्ष निकाले। पेंटागन इन जानकारियों को सार्वजनिक करने का सिलसिला जारी रखेगा।</p>
<p><strong>एलियन तकनीक मिलने की रिपोर्ट 2024 में आई थी<br />
</strong>वैसे पेंटागन ने 2022 से यूएफओ से जुड़ी जानकारियों को सार्वजनिक करने की प्रक्रिया शुरू कर रखी है लेकिन उड़नतश्तरी से आए एलियन से संबंधित कोई विशेष जानकारी नहीं दी है।</p>
<p>लेकिन पेंटागन की 2024 में आई रिपोर्ट में कहा गया था कि एलियन से जुड़ी तकनीक अमेरिका के हाथ लगी है। यह एलियन के अस्तित्व की पुष्टि थी। राष्ट्रपति के तौर पर ट्रंप पहले भी गोपनीय सूचनाओं को सार्वजनिक करवाते रहे हैं।</p>
<p>फरवरी में उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जान एफ केनेडी, सेन राबर्ट एफ केनेडी और मार्टिन लूथर किंग जूनियर की हत्याओं से संबंधित जानकारियां सार्वजनिक करने की घोषणा की थी। वैसे इन तीनों ही प्रमुख लोगों की हत्याओं से संबंधित जानकारियां काफी हद तक पहले ही सार्वजनिक हो चुकी हैं।</p>
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		<item>
		<title>ट्रंप का शायराना अंदाज, कहा- ईरान पर हमला प्यार की थपकी</title>
		<link>https://www.haqeeqattoday.com/news/332711</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Haqeeqat Today Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 08 May 2026 07:15:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अमेरिका और ईरान के बीच फिर एक बार गोलीबारी की घटना सामने आई है। एक तरफ जहां दोनों देशों के बीच समझौता होने की उम्मीद लग रही थी, वहीं दोनों देशों के बीच फिर तनाव बढ़ता दिख रहा है। ईरान ने अमेरिकी सेना पर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में दो जहाजों को निशाना बनाकर &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[

अमेरिका और ईरान के बीच फिर एक बार गोलीबारी की घटना सामने आई है। एक तरफ जहां दोनों देशों के बीच समझौता होने की उम्मीद लग रही थी, वहीं दोनों देशों के बीच फिर तनाव बढ़ता दिख रहा है।

 

ईरान ने अमेरिकी सेना पर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में दो जहाजों को निशाना बनाकर और नागरिक इलाकों पर हमला करके आक्रामकता शुरू करने का आरोप लगाया। वहीं अमेरिका का कहना है कि उसने जवाबी कार्रवाई में गोलीबारी की है।

 

अमेरिका-ईरान के बीच इन झड़पों ने सीजफायर को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जो पिछले एक महीने से कायम था। डोनल्ड ट्रंप ने जोर देकर कहा कि उल्लंघन होने के बावजूद सीजफायर अभी भी बरकरार है।

 

एबीसी न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में ट्रंप ने इन उल्लंघनों को महज एक &#8216;प्यार की थपकी (love tap)&#8217; बताया। ABC News की रैचल स्कॉट से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, &#8216;यह तो बस एक प्यार की थपकी है&#8230; सीजफायर जारी है। यह अभी भी लागू है।&#8217;

 
<h3 class="wp-block-heading">ट्रंप ने दी ईरान को वॉर्निंग</h3>
 

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, &#8216;तीन विश्व-स्तरीय अमेरिकी डिस्ट्रॉयर जहाज अभी-अभी गोलीबारी के बीच सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर निकले हैं। तीनों डिस्ट्रॉयर जहाजों को कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन ईरानी हमलावरों को भारी नुकसान पहुंचा है।&#8217;

 

ट्रंप ने आगे लिखा, &#8216;वे कई छोटी नावों के साथ पूरी तरह से नष्ट हो गए, जिनका इस्तेमाल उनकी पूरी तरह से तबाह हो चुकी नौसेना की जगह लेने के लिए किया जा रहा था। ये नावें समुद्र की गहराई में डूब गई हैं।&#8217;

 

ट्रंप ने लिखा, &#8216;कोई भी सामान्य देश इन डिस्ट्रॉयर को गुजरने देता, लेकिन ईरान एक सामान्य देश नहीं है। उनका नेतृत्व पागलों के हाथों में है और अगर उन्हें कभी परमाणु हथियार इस्तेमाल करने का मौका मिला, तो वे बिना किसी हिचकिचाहट के ऐसा कर देंगे, लेकिन उन्हें वह मौका कभी नहीं मिलेगा और ठीक वैसे ही जैसे हमने आज उन्हें फिर से मार गिराया।&#8217;

 

ट्रंप ने आगे लिखा, &#8216;भविष्य में हम उन्हें और भी जोरदार तरीके से और भी ज्यादा हिंसक रूप से मार गिराएंगे, अगर वे अपनी डील पर जल्दी से हस्ताक्षर नहीं करते हैं!&#8217;

 
<h3 class="wp-block-heading">ईरान के भी सख्त तेवर</h3>
 

ईरान ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के तटीय जल क्षेत्र से जास्क (Jask) के पास से होर्मुज की ओर जा रहे एक तेल टैंकर को और साथ ही अमीराती बंदरगाह फुजैराह (Fujairah) के पास जलडमरूमध्य में प्रवेश कर रहे एक और जहाज को निशाना बनाया है।&#8217;

 

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, &#8216;अगर आपको शेर के नुकीले दांत बाहर निकले हुए दिखें, तो यह मत सोचिए कि शेर मुस्कुरा रहा है।&#8217;

 

इस्माइल बाकाई ने ईरान को एक महाशक्ति बताया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, जब एक रिपोर्टर ने उनसे पूछा कि जब अमेरिका एक महाशक्ति है, तो ईरान पीछे क्यों नहीं हट रहा है, तो बाकाई ने कहा, &#8216;ईरान भी एक महाशक्ति है।&#8217;

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		<title>हंटावायरस वाले जहाज पर दो भारतीय भी थे सवार, अबतक तीन लोगों की मौत</title>
		<link>https://www.haqeeqattoday.com/news/332708</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Haqeeqat Today Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 08 May 2026 07:01:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.haqeeqattoday.com/?p=332708</guid>

					<description><![CDATA[<p>अटलांटिक महासागर में केप वर्डे के पास फंसे क्रूज शिप पर हंटावायरस के मामले सामने आए हैं। इस शिप पर मौजूद क्रू सदस्यों में दो भारतीय भी शामिल हैं। इस जहाज पर हंटावायरस फैलने की खबर सामने आई, जिसमें अब तक पांच मामलों की पुष्टि हुई है, जिनमें तीन लोगों की मौत हो चुकी है। &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[

अटलांटिक महासागर में केप वर्डे के पास फंसे क्रूज शिप पर हंटावायरस के मामले सामने आए हैं। इस शिप पर मौजूद क्रू सदस्यों में दो भारतीय भी शामिल हैं।

 

इस जहाज पर हंटावायरस फैलने की खबर सामने आई, जिसमें अब तक पांच मामलों की पुष्टि हुई है, जिनमें तीन लोगों की मौत हो चुकी है।

 

Oceanwide Expeditions का ये लग्जरी क्रूज शिप 1 अप्रैल को अर्जेंटीना के उशुआइया (Ushuaia) से निकला था और इसके 10 मई को स्पेन के कैनरी आईलैंड पहुंचने की उम्मीद है।

 
<h3 class="wp-block-heading">क्रूज पर दो भारतीय क्रू सदस्य मौजूद</h3>
 

रिपोर्ट के मुताबिक, जब ये क्रूज 10 अप्रैल को निकला, तब इस लग्जरी क्रूज पर 28 देशों के लगभग 150 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे, लेकिन 24 अप्रैल को दर्जनों लोग St Helena द्वीप पर उतर गए।

 

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, क्रूज पर सवार 28 अलग-अलग देशों के लोगों में से 38 फिलीपींस से, 31 यूनाइटेड किंगडम से, 23 अमेरिका, 16 नीदरलैंड, 14 स्पेन, नौ जर्मनी, छह कनाडा और दो क्रू सदस्य भारत से थे।

 
<h3 class="wp-block-heading">WHO ने की तीन लोगों की मौत की पुष्टि</h3>
 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गुरुवार को हंटावायरस के आठ संदिग्ध मामलों में से पांच की पुष्टि की है। हंटावायरस से 69 वर्षीय डच महिला, जिसमें वायरस होने की पुष्टि हुई थी, उनकी मौत हो गई है। उसके डच पति और एक जर्मन महिला भी मरने वालों में शामिल हैं।

 

यूनाइटेड नेशन्स की स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा है कि इस वायरस का फैलना किसी महामारी की शुरुआत नहीं है। WHO में संक्रामक रोग महामारी विशेषज्ञ Maria van Kerkhove ने एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि मौजूदा हालात छह साल पहले Covid-19 के समय जैसे नहीं हैं, क्योंकि हंटावायरस नजदीकी और सीधे संपर्क से फैलता है।

 

Van Kerkhove ने कहा, &#8216;यह Covid नहीं है, यह इन्फ्लूएंजा नहीं है, यह बहुत ही अलग तरीके से फैलता है। अधिकारियों ने MV Hondius पर सवार सभी लोगों से मास्क पहनने के लिए भी कहा था।&#8217;

 

WHO ने बताया कि हंटावायरस आमतौर पर चूहों जैसे जीवों से फैलता है, लेकिन इस बार के प्रकोप में पहली बार यह देखा गया है कि यह इंसानों से इंसानों में भी फैल सकता है।

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