
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ईरान के उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई भी इन परमाणु ठिकानों के पास पहुंचने की कोशिश करेगा तो अमेरिकी सेना उसे तुरंत ‘उड़ा देगी।’
स्वतंत्र पत्रकार शेरिल एटकिसन को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की स्पेस फोर्स इन ठिकानों की निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा, “अगर कोई उस जगह के करीब पहुंचा तो हमें तुरंत पता चल जाएगा और हम उसे खत्म कर देंगे।” ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी स्पेस फोर्स इतनी सटीक निगरानी कर सकती है कि किसी भी व्यक्ति का नाम, पता और पहचान तक पता चल सकती है।
‘ईरान सैन्य रूप से हार चुका’
ट्रंप ने इंटरव्यू में कहा कि ईरान की सैन्य क्षमता काफी हद तक खत्म हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास अब प्रभावी नौसेना, वायुसेना या एंटी एयरक्राफ्ट सिस्टम नहीं बचे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान की सैन्य और रणनीतिक संरचना को गंभीर नुकसान पहुंचा है और अगर अमेरिका अभी पीछे हट जाए, तब भी ईरान को दोबारा मजबूत होने में करीब 20 साल लग सकते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिकी सेना ने अब तक अपने लगभग 70 प्रतिशत लक्ष्यों को नष्ट कर दिया है। हालांकि उन्होंने संकेत दिए कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका अगले दो हफ्तों तक और सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
परमाणु हथियारों को लेकर दोहराया विरोध
ट्रंप ने कहा कि दुनिया ‘पागल शासन’ को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दे सकती। उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम का विरोध दोहराते हुए कहा कि यह पूरे मध्य पूर्व और इजरायल के लिए खतरा है।
उन्होंने 2015 में हुए परमाणु समझौते (जेसीपीओए) से अमेरिका के बाहर निकलने के अपने फैसले का बचाव भी किया। ट्रंप ने कहा कि अगर वह उस समझौते से बाहर नहीं आते तो ईरान परमाणु हथियार का इस्तेमाल कर सकता था। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई ने ईरान को कई दशक पीछे धकेल दिया है और अब भी वॉशिंगटन की नजर ईरान की हर गतिविधि पर बनी हुई है।