
मेटा प्लेटफॉर्म्स ने छंटनी शुरू कर दी है, जिसका असर करीब 8,000 कर्मचारियों पर पड़ेगा। छंटनी से जुड़ा पहला संदेश उसके सिंगापुर हब से सामने आया।
अमेरिका और ब्रिटेन समेत अलग-अलग इलाकों के कर्मचारियों से कहा गया कि वे दफ्तर न आएं और एक सीधा-सादा निर्देश दिया गया कि आज घर से काम करें (WFH)। फिर ईमेल आने शुरू हो गए।
सुबह चार बजे मिली छटनी की खबर
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, सिंगापुर में प्रभावित कर्मचारियों को स्थानीय समय के अनुसार सुबह 4 बजे (भारतीय समयानुसार 1:30 बजे) ईमेल प्राप्त हुए। ये सूचनाएं अलग-अलग चरणों में भेजी जा रही हैं, जिन्हें टाइम जोन के हिसाब से व्यवस्थित किया गया है। यह क्रम साफ नजर आया, पहले वर्क फ्रॉम होम फिर छंटनी।
छंटनी के पीछे क्या है कारण?
इस प्रक्रिया से पहले मेटा में लगभग 78,000 कर्मचारी थे। अब, हजारों कर्मचारी बाहर हो चुके हैं तो हजारों कर्मचारियों को दूसरी जगहों पर भेजा जा रहा है। एक आंतरिक मेमो में चीफ पीपल ऑफिसर जेनेल गेल ने कहा कि 7,000 कर्मचारियों को नई AI-नेटिव टीमों में फिर से नियुक्त किया जाएगा। लगभग 6,000 खाली पद खत्म कर दिए गए हैं। मैनेजर स्तर के लोगों को कम किया जा रहा है।
गेल ने लिखा, “हम अब उस स्तर पर हैं जहां कई संगठन छोटे समूहों/समूहों की एक सपाट संरचना के साथ काम कर सकते हैं जो तेजी से आगे बढ़ सकते हैं और अधिक स्वामित्व के साथ काम कर सकते हैं।”
किन लोगों पर होगा असर?
इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट टीमों पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की उम्मीद है। इस साल के आखिर में और भी कटौतियां हो सकती हैं। टॉप लेवल पर मार्क जकरबर्ग ने AI को कंपनी की मुख्य प्राथमिकता बनाया है। मेटा ने कहा है कि वह इस साल 125-145 बिलियन डॉलर खर्च करने की योजना बना रही है, जिसका ज़्यादातर हिस्सा AI पर खर्च होगा।
कई कर्मचारियों को लगा कि WFH के आदेश ने यह सुनिश्चित कर दिया कि छंटनी चुपचाप हो जाए। कोई हंगामा नहीं। कोई जमावड़ा नहीं। कोई अशांति नहीं।