उन्नाव कांड में पीड़िता के पिता की पिटाई के बाद दबाव बनाने एसपी कार्यालय पहुंचे थे विधायक

लखनऊ। उन्नाव कांड में सीबीआइ आरोपित भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से कई बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है, जिसके आधार पर दुष्कर्म व पीडि़त किशोरी के पिता की हत्या के जांच सिलसिलेवार आगे बढ़ रही है। सूत्रों के मुताबिक पीडि़त किशोरी के पिता के साथ मारपीट की घटना के बाद भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर एक ब्लाक प्रमुख व कुछ अन्य करीबियों को लेकर उन्नाव एसपी के आवासीय कार्यालय पहुंचे थे और अपने पक्ष की पैरवी की थी। माना जा रहा है कि सीबीआइ विधायक के साथ गए ब्लाक प्रमुख से भी पूछताछ कर सकती है।

पीडि़त किशोरी के पिता के साथ मारपीट की घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने पहले दूसरे पक्ष की ओर से एफआइआर दर्ज की थी। उन्नाव पुलिस ने दबाव के चलते ही पीडि़त किशोरी के पिता पक्ष को थाने से बैरंग लौटा दिया था। अगले दिन डीएम उन्नाव के हस्तक्षेप पर उन्नाव के माखी थाने की पुलिस ने पीडि़त किशोरी के पक्ष की ओर से एफआइआर दर्ज की थी। सूत्रों के मुताबिक जिस दिन मारपीट की घटना हुई, उस दिन विधायक सेंगर उन्नाव में ही थे।

मारपीट की सूचना पर माखी थाने के तत्कालीन एसओ भी मौके पर गए थे और पुलिस ही पीडि़त किशोरी के घायल पिता को लेकर थाने आई थी। उन्नाव कांड में स्थानीय पुलिस की भूमिका शुरुआत से ही सवालों के घेरे में है। सीबीआइ जांच में ऐसे कई तथ्य सामने आए हैं, जिनके बाद सीबीआइ का शिकंजा निलंबित छह पुलिसकर्मियों पर कस सकता है। जांच की जद में कई अन्य पुलिसकर्मी भी होंगे।

सीबीआइ ने कराया विधायक का मेडिकल परीक्षण

सीबीआइ ने सोमवार को आरोपित विधायक सेंगर का राममनोहर लोहिया अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। बताया गया कि विधायक के ब्लेड प्रेशर व हार्ट सहित अन्य जांचें की गईं। विधायक की स्थिति सामान्य पाई गई। इसके बाद सीबीआइ विधायक को लेकर वापस मुख्यालय चली गई। विधायक की पुलिस कस्टडी रिमांड 28 अप्रैल तक है।

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