
करीब 52 महीनों से जारी यूक्रेन युद्ध समय के लिहाज से प्रथम विश्वयुद्ध से भी ज्यादा अवधि तक जारी युद्ध बन गया है।
फरवरी 2022 से जारी यूक्रेन युद्ध 1,569 से चल रहा है जबकि प्रथम विश्वयुद्ध जुलाई 2014 से नवंबर 2018 के बीच 1,568 दिनों तक चला था।
2014 में जर्मनी और फ्रांस की लड़ाई से शुरू हुआ युद्ध ने धीरे-धीरे कई महाद्वीपों को अपनी चपेट में ले लिया था और वह प्रथम विश्वयुद्ध कहलाया था। इस युद्ध में चार वर्ष में दो करोड़ से ज्यादा सैनिक और आमजन मारे गए थे।
इस युद्ध में रासायनिक हथियारों का भी खुलकर इस्तेमाल हुआ था। जबकि 1939 से 1945 के बीच छह वर्षों तक चले द्वितीय विश्वयुद्ध में सात करोड़ से ज्यादा लोग मारे गए थे।
द्वितीय विश्व युद्ध से ज्यादा चला रूस-यूक्रेन युद्ध
द्वितीय विश्वयुद्ध धरती का सबसे ज्यादा खूनखराबे वाला युद्ध था। दोनों विश्वयुद्धों की तुलना में यूक्रेन युद्ध में खूनखराबा कम हुआ है लेकिन इसकी अवधि प्रथम विश्वयुद्ध से ज्यादा हो गई है।
युद्धरत रूस और यूक्रेन पर आरोप है कि वे अपने मृत सैन्य जनों की संख्या छिपा रहे हैं। लेकिन अनुमान है कि दोनों देशों के अभी तक के युद्ध में दस लाख से कम लोग ही मारे गए हैं।
रॉयटर्स के अनुसार यूक्रेन युद्ध में यूक्रेनी ड्रोन कमांडरों की कोशिश है कि वह रूस से क्रीमिया को होने वाली आपूर्ति व्यवस्था को बाधित कर दें।
इससे क्रीमिया में मौजूद रूसी बल अलग-थलग पड़ जाएगा, तब यूक्रेनी सैनिक उन पर जमीनी हमला कर क्रीमिया को रूस से मुक्त करा सकते हैं।
इसीलिए यूक्रेन ने हाल के महीनों में क्रीमिया में रूसी संसाधनों पर हमले लगातार बढ़ाए हैं। वैसे चार वर्ष से जारी युद्ध में रूस को हुए कुल नुकसान का तिहाई हिस्सा केवल बीते 12 महीनों के यूक्रेनी ड्रोन के हमलों से हुआ है।