
देश की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए रक्षा मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाया है। भारतीय वायुसेना के लिए आधुनिक माउंटेन रडार खरीदने का समझौता किया गया है, जिससे पहाड़ी इलाकों में निगरानी और सुरक्षा क्षमता और मजबूत होगी।
रक्षा मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के साथ करीब 1950 करोड़ रुपये का बड़ा करार किया है। इस समझौते के तहत भारतीय वायुसेना के लिए दो माउंटेन रडार और उनसे जुड़े उपकरण व इंफ्रास्ट्रक्चर खरीदे जाएंगे। इन रडार की तैनाती और संचालन से देश की एयर डिफेंस क्षमता बढ़ेगी और राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी। साथ ही इससे विदेशी उपकरणों पर निर्भरता भी कम होगी।
स्वदेशी तकनीक से तैयार रडार
ये रडार पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से बनाए गए हैं। इन्हें डीआरडीओ के इलेक्ट्रॉनिक्स और रडार विकास प्रतिष्ठान ने डिजाइन और विकसित किया है।
इनका निर्माण भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा किया जाएगा, जिससे देश में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूती मिलेगी।
कैसे हुआ समझौता?
यह करार ‘बाय (इंडियन-इंडिजिनसली डिजाइन, डेवलप और मैन्युफैक्चर)’ श्रेणी के तहत किया गया है, जिसका मतलब है कि उत्पाद पूरी तरह भारत में डिजाइन और निर्मित होगा। इस समझौते पर 31 मार्च को रक्षा मंत्रालय और BEL के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए। यह पिछले वित्त वर्ष का आखिरी बड़ा रक्षा खरीद सौदा भी रहा।