
हिंदी सिनेमा के वो खलनायक जो हीरो के अंदर दहशत भी लेकर आए और दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान भी। करीब 380 फिल्मों में काम कर चुके प्रेम चोपड़ा (Prem Chopra) ने ज्यादातर फिल्मों में खलनायक की भूमिका निभाई।
प्रेम चोपड़ा जब भी पर्दे पर आते तो अपनी भूमिका से दर्शकों का दिल जीत लेते थे। उन्होंने अपने करियर में ज्यादातर खलनायक की भूमिका निभाई। मगर क्या आपको पता है कि एक बार उनकी जिंदगी में एक सांप ही खलनायक बन गया था।
प्रेम चोपड़ा को सांपों से था खौफ
दरअसल, प्रेम चोपड़ा को एक बार फिल्म के लिए सांप के साथ शूटिंग करनी थी। उस वक्त वह इंडस्ट्री में नए थे, लेकिन बेखौफ थे। मगर सांप के आगे उनका दिल कमजोर पड़ जाता था। जब डायरेक्टर जिद पर अड़ गए कि उन्हें एक सीन के लिए असली सांप के साथ शूटिंग करनी है तो पहले तो वह डर गए और मना कर दिया।
मगर डायरेक्टर अड़ गए कि उन्हें असली सांप के साथ ही शूटिंग करनी होगी। इसके बाद जो प्रेम ने किया, उसके आगे तो डायरेक्टर को भी अपनी जिद से पीछे हटना पड़ा।
शूटिंग के वक्त कांपने लगे थे प्रेम चोपड़ा के हाथ
हुआ यूं कि सुपरहिट फिल्म चौधरी करनैल सिंह (1960) की शूटिंग हो रही थी। वह फिल्म में सपेरे का किरदार निभा रहे थे। बॉम्बे के चांदीवली स्टूडियो में पहला शेड्यूल आसानी से हो गया लेकिन फेमस स्टूडियो में अगले शेड्यूल के दौरान प्रेम चोपड़ा को बताया गया कि सीन के लिए उन्हें टोकरी से एक जिंदा सांप निकालकर हाथ में पकड़ना है और फिर उसे घुमाकर दूर ले जाना है।
एक्टर को सांपों से डर लगता था। फिर भी उन्होंने सीन को फिल्माने की कोशिश की और कंपकंपाते हाथों से टोकरी में सांप निकालने की कोशिश करते रहे। हालांकि, कई रीटेक के बाद भी वह उस सांप को छूने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।
फिल्म छोड़ने के लिए तैयार हो गए थे एक्टर
जब डायरेक्टर और उनके दो असिस्टेंट उनसे मिले तो उन्हें पता चला कि उनके हीरो को सांपों से बहुत डर लगता है। रोशमिला भट्टाचार्या की किताब Bollywood’s Iconic Villains Bad Men में लिखे क्वोट के मुताबिक, प्रेम चोपड़ा ने उस किस्से को याद कर कहा था, “उन्होंने मुझे यह बताने की कोशिश की कि सांप के नुकीले दांत निकाल दिए गए हैं और टोकरी में रखा सांप नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन मेरी समझ में नहीं आ रहा था।”
प्रेम चोपड़ा साफ-साफ कहा कि वह सांप को हाथ में नहीं पकड़ेंगे, भले ही उन्हें फिल्म से हाथ क्यों न धोना पड़े। चूंकि उन्होंने फिल्म का एक-चौथाई हिस्सा पहले ही शूट कर लिया था। इसलिए डायरेक्टर को आखिरकार प्रेम की बात माननी पड़ी और सीन के लिए रबर के नकली सांप का इस्तेमाल करना पड़ा।