योगी राज मे क़ायम है सर्वोत्तम क़ानून व्यवस्था: अली ज़ैदी

उत्तर प्रदेश में अराजकतत्वों के लिये नही है कोई स्थान

लखनऊ13 फ़रवरी 2026

शिया सेंट्रल वक़्फबोर्ड के चेयरमैन अली ज़ैदी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाले कुछ तथाकथित धर्म के ठेकेदारों के बयान पर रोष व्यक्त करते हुए अपने जारी किए एक बयान में कहा कि हाल ही में कुछ तथाकथित “मुल्ला जी” और उनके हमनवा बयान दे रहे हैं कि भारत में खासकर उत्तर प्रदेश में, मुसलमानों के लिए माहौल “असुरक्षित” है। यह बयान नसिर्फ बेबुनियाद है बल्कि अवाम को गुमराह करने की एक सोची-समझी साज़िश का हिस्सा है।

अली ज़ैदी ने कहा उत्तर प्रदेश मे आज हक़ीक़त यह है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में क़ानून-व्यवस्था को मज़बूती से लागू किया गया है। जिन अराजकतत्वों के सरपरस्त गुंडे, माफ़िया हुआ करते थे, आज उन्हीं अराजकतत्वों पर सख़्त कार्रवाई हो रही है। प्रदेश में ग़ुंडागर्दी और माफ़ियाराज पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है। यह मज़बूत कानून व्यवस्था कुछ लोगों को इसलिए नागवार गुज़र रही है क्योंकि उनके नाजायज़ हितों पर रोक लग गई है।

उन्होंने कहा सबसे अफ़सोसनाक बात यह है कि जब पाकिस्तान में शिया मुसलमान नमाज़ियों को मस्जिदों में बम धमाकों से शहीद कर दिया जाता है, तब इन तथाकथित मुल्लाओं की ज़ुबान से एक लफ़्ज़ भी नहीं निकलता। वहाँ होरहे ज़ुल्म, दहशतगर्दी और शिया क़ौम पर हो रहे हमलों पर इनकी खामोशी बहुत कुछ बयां करती है। यह दोहरा मापदंड (डबल स्टैंडर्ड) पूरी तरह से निंदनीय है।

भारत सरकार द्वारा तीन तलक के ख़िलाफ़ क़ानून लाये जाने के बाद जिनकी हलाला की दुकाने बंद हुई उन्होंने नए नए धंदे ढूँढ लिए कभी अवैध “हलाल सर्टिफिकेट” के नाम पर अपनों से धन उगाही तो कभी पैसे लेकर अवैध तरीक़े से धर्मांतरण का धंधा चलाने वालो को ही प्रदेश में सारी दिक्कते नज़र आ रही है। आम मुसलमान की परेशानियों के लिए इनके पास ना तो मदद के लिये कोई फण्ड है और ना समय।

उत्तर प्रदेश की सरज़मीन गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल रही है, जहाँ हर मज़हब के लोग अमन, भाईचारे और इत्तेहाद के साथ रहते आए हैं। आज जब प्रदेश में अमन-ओ-अमान कायम है, तब कुछ लोग अपनी सियासी दुकान चलाने के लिए झूठा प्रोपेगेंडा फैलाने में लगे हैं। दरअसल, ये लोग छोटे-छोटे सियासी दलों के हाथों इस्तेमाल होकर सिर्फ़ एक “मोहरा” बनकर रह गए हैं। कानून सबके लिए बराबर है। किसी को भी अवाम के बीच नफ़रत या खौफ़ फैलाने की इजाज़त नहीं दी जा सकती।

चेयरमैन अली ज़ैदी ने अवाम से अपील करते हुए कहा कि ऐसे गुमराह करने वाले बयानों से जनता सावधान रहे, अमन-ओ-भाईचारे को मज़बूत करें तथा सच्चाई व हक़ के साथ डट कर खड़े रहें।

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