
मुलेठी एक बहुत ही प्राचीन औषधीय जड़ी-बूटी है जिसका इस्तेमाल आयुर्वेद, यूनानी और चीनी चिकित्सा में सदियों से किया जा रहा है। इसका स्वाद मीठा होता है और इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-वायरल, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं।
यही कारण है कि यह शरीर, स्किन और बालों के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती है। आइए जानते हैं मुलेठी के कुछ ऐसे ही चमत्कारी फायदों के बारे में-
गले की खराश और खांसी से राहत
मुलेठी एक नेचुरल कफ नाशक है। यह गले की खराश, सूजन और खांसी को शांत करती है। इसका काढ़ा या मुलेठी चबाने से गले की जलन तुरंत कम होती है।
पाचन तंत्र को मजबूत बनाए
मुलेठी पेट की गैस, एसिडिटी और अल्सर जैसी समस्याओं को दूर करती है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण आंतों की सूजन को कम करते हैं और पाचन शक्ति बढ़ाते हैं।
इम्यून सिस्टम को बूस्ट करे
इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। यह शरीर को वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने की शक्ति देता है।
स्किन डिजीज में लाभकारी
मुलेठी का लेप त्वचा की खुजली, फंगल इन्फेक्शन और झाइयों को कम करता है। यह स्किन को नेचुरली ग्लोइंग और स्वस्थ बनाती है।
स्ट्रेस और थकान कम करे
मुलेठी में मौजूद एडैप्टोजेनिक गुण मेंटल स्ट्रेस, एंग्जायटी और थकान को कम करने में मदद करते हैं। यह शरीर को एनर्जी प्रदान करता है।
हड्डियों और जोड़ों के लिए लाभकारी
इसकी एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण गठिया और जोड़ों के दर्द में राहत देती है। यह हड्डियों को मजबूती प्रदान करती है।
वेट लॉस करने में सहायक
मुलेठी मेटाबॉलिज्म को बढ़ाती है और शरीर में फैट जमा होने से रोकती है। इसे नियमित सेवन करने से वजन नियंत्रित रहता है।
हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद
मुलेठी ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती है और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करती है। इससे हार्ट डिजीज का खतरा कम होता है।
बालों की मजबूती के लिए
मुलेठी का पेस्ट बालों की जड़ों को पोषण देता है, डैंड्रफ और बाल झड़ने की समस्या को कम करता है। यह बालों को घना और मजबूत बनाती है।
श्वसन संबंधी रोगों से बचाव
मुलेठी दमा, ब्रोंकाइटिस और सर्दी-जुकाम में कारगर है। यह फेफड़ों से कफ को बाहर निकालने में मदद करती है और सांस की नलियों को साफ रखती है।
मुलेठी एक बहुमुखी औषधीय जड़ी-बूटी है, जो गले की खराश से लेकर हार्ट हेल्थ और स्किन तक कई समस्याओं में प्राकृतिक उपचार का काम करती है। लेकिन इसका सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए, क्योंकि अधिक सेवन से ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल पर असर पड़ सकता है।