केंद्र सरकार जल्द निर्यातकों के लिए चौबीसों घंटे की हेल्पलाइन सेवा करेगी शुरू

नई दिल्ली, सरकार जल्द निर्यातकों के लिए चौबीसों घंटे की हेल्पलाइन सेवा शुरू करेगी। यहां पर उनकी शिकायतों का निवारण किया जाएगा। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नोएडा एसईजेड में राष्ट्रीय वाणिज्य सप्ताह की शुरुआत करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि कोरोना की शुरुआत में सरकार ने व्यापारियों के लिए 24 घंटे की हेल्पलाइन शुरू की थी, लेकिन अब हमने महसूस किया है कि निर्यातकों के लिए भी इसी तरह की हेल्पलाइन शुरू किए जाने की जरूरत है।

गोयल ने कहा कि वाणिज्य सप्ताह देश के 749 जिलों में आयोजित किया जाएगा। प्रगति की ओर तेजी से बढ़ रहे देश के सबसे बड़े राज्य से इस अभियान की शुरुआत करने पर गर्व हो रहा है। एयरपोर्ट और रेलवे मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट हब जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण के चलते उत्तर प्रदेश की ईज आफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग भी 12 से 2018-19 में दूसरे नंबर पर आ गई है। उन्होंने कहा कि कंटेनरों की कमी वैश्विक मुद्दा है, फिर भी सरकार इनकी उपलब्धता बढ़ाने की कोशिश में लगी है।

निर्यात बढ़ाने को नए उत्पादों पर देंगे ध्यान : फियो

निर्यात इकाइयों के संगठन फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गनाइजेशन (फियो) ने कहा है कि वह निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नए उत्पादों और बाजारों पर ध्यान केंद्रित करेगा। फियो के प्रेसिडेंट ए. शक्तिवेल ने कहा कि अक्टूबर तक आर्डर बुकिंग की स्थिति उत्साहजनक है, लेकिन नकदी संकट और नीतिगत मोर्च पर अनिश्चतता के चलते निर्यातक आगे आर्डर लेने की स्थिति में नहीं हैं।

चर्म उत्पाद इकाइयों को भी मिले पीएलआइ स्कीम का लाभ

सीएलईचर्म निर्यात परिषद (सीएलई) ने सरकार से आग्रह किया है कि पीएलआइ स्कीम को चमड़ा, चमड़ा उत्पादों और फुटवियर क्षेत्र तक बढ़ाया जाए। संगठन ने कहा है कि ऐसा करने से ना केवल घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा बल्कि नए रोजगार पैदा होने के साथ निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी। उल्लेखनीय है कि सरकार ने 13 सेक्टरों के लिए 1.97 लाख करोड़ रुपये की पीएलआइ स्कीम घोषित की है। इनमें कपड़ा, आटो, इस्पात, दूरसंचार और फार्मास्युटिकल्स शामिल हैं। इसका उद्देश्य घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।

 

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