काबुल एयरपोर्ट पर ब्रिटेन और अमेरिकी सैनिकों को खतरा, आत्मघाती हमला कर सकते हैं तालिबानी

लंदन, ब्रिटेन के शीर्ष सैन्य अधिकारियों का मानना ​​​​है कि इस्लामिक स्टेट (आइएस) काबुल हवाई अड्डे पर निकासी अभियानों में मदद करने वाले ब्रिटिश और अमेरिकी सैनिकों को निशाना बना सकता है। स्पुतनिक ने टाइम्स के सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि आइएसआइएस भीड़ में एक आत्मघाती हमला कर सकता है। ब्रिटिश और अमेरिकी सैनिकों के लिए आइएस के आत्मघाती हमलावर एक गंभीर खतरा है। सैनिकों को अपनी उंगलियां हमेश ट्रिगर पर रखनी पड़ रही हैं, जबकि उनके दूसरे हाथ में बच्चा है। यह बहुत नाजुक स्थिति है।

वहीं, तालिबान के एक सदस्य ने अखबार को बताया कि उसके सदस्यों को हवाई अड्डे पर सुरक्षा सुनिश्चित करने और इस्लामिक स्टेट द्वारा संभावित हमलों को विफल करने का निर्देश दिया गया है। कमांडर ने कहा कि एयरपोर्ट पर सुरक्षा जोखिम है और आइएसआइएस कभी भी हमला कर सकता है। हमारे जवान हर व्यक्ति और वाहन की जांच कर रहे हैं। हमारा इरादा अफगान लोगों के लिए परेशानी पैदा करना नहीं है।

ब्रिटिश अखबार के मुताबिक काबुल से अफगानों और अन्य देशों के नागरिकों को एयरलिफ्ट करने में अमेरिकी सैनिकों की मदद के लिए ब्रिटेन के 900 सैनिकों को अफगानिस्तान भेजा गया था। लंदन ने भी अफगानिस्तान में निकासी अभियान की समय सीमा बढ़ाने का फैसला किया है। इस हफ्ते ब्रिटेन लगभग 6,000 लोगों को अफगानिस्तान से निकालने की योजना बना रहा है। स्पुतनिक ने बताया कि ब्रिटेन ने अब तक काबुल से लगभग 5,725 लोगों को निकाला है, जिनमें 3,100 अफगान नागरिक भी शामिल हैं।

अफगानिस्तान में संभावित सुरक्षा खतरे के मद्देनजर अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को काबुल एयरपोर्ट पर आने से बचने की सलाह दी है, जबकत की अमेरिकी सरकार के प्रतिनिधि से व्यक्तिगत निर्देश प्राप्त न हो। अफगानिस्तान की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। पिछले सप्ताह तालिबान के नियंत्रण में आने के बाद से लोग देश छोड़ने की जल्दी में हैं। 15 अगस्त को राष्ट्रपति अशरफ गनी के देश छोड़ने के तुरंत बाद देश की सरकार गिर गई। देश युद्धग्रस्त राष्ट्र से अपने नागरिकों को तेजी से निकाल रहे हैं। काबुल हवाईअड्डा इन दिनों क्षेत्र में अस्थिरता के कारण भारी अराजकता का सामना कर रहा है।

 

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