देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड में BSP विधायक रामबाई सिंह के पति की बढ़ी मुसीबत, SC ने जमानत की रद्द

कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया की हत्या के केस में मध्य प्रदेश की बीएसपी विधायक के पति को मिली बेल सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को रद्द कर दी। कोर्ट ने यह माना कि आरोपी को न्याय प्रशासन के लोग ही बचाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी की वजह से निष्पक्ष सुनवाई के लिए शीर्ष न्यायालय ने बीजेपी विधायक रामबाई सिंह के पति गोविंद सिंह को दूसरी जेल में शिफ्ट करने के भी निर्देश दिए। 

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और एमआर शाह ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से आरोपी गोविंद सिंह को दिए गए बेल के आदेश को भी खारिज करते हुए कहा कि हाईकोर्ट ने कानूनी सिद्धांतों को गलत तरीके से लागू किया है।

बेंच ने कहा कि बेल रद्द करने से यह साबित होता है कि हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत देने में बड़ी चूक की है। शीर्ष न्यायालय ने सत्र न्यायालय के अतिरिक्त जज की ओर से जाहिर की गई चिंताओं का निपटारा एक महीने के अंदर करने के भी आदेश दिए। सेशन कोर्ट के एडिशनल जज ने 8 फरवरी को दिए अपने आदेश में इस बात का जिक्र किया था कि उन पर दामोह के एसपी और उनके अंदर काम कर रहे पुलिसकर्मी दबाव बना रहे हैं।

इसी साल 28 मार्च को फरार चल रहे गोविंद सिंह को गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी इसलिए भी चर्चा में थी क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश पुलिस के डीजी को यह डेडलाइन दी थी कि 5 अप्रैल तक गोविंद सिंह को किसी भी कीमत पर गिरफ्तार किया जाए नहीं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मध्य प्रदेश डीजीपी ने कोर्ट को बताया था कि आदेश के बावजूद पुलिस गोविंद सिंह को पकड़ नहीं पा रही। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने माना था कि न्याय व्यवस्था के अंदर ही कुछ लोग आरोपी को बचाने की कोशिश कर रहे थे। बता दें कि शीर्ष न्यायालय का यह आदेश कांग्रेस नेता चौरसिया के बेटे सोमेश की याचिका पर आया। याचिका में कहा गया था कि कई हत्याओं में शामिल होने के बावजूद गोविंद सिंह बेल पर बाहर है।

चौरसिया की हत्या साल 2019 में कांग्रेस जॉइन करने के कुछ समय बाद की गई थी। उस समय पुलिस ने गोविंद सिंह और कुछ अन्य आरोपियों के खिलाफ मर्डर केस दर्ज किया था। 

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