
बीजेपी विधायकों को इंटरनेशनल नम्बर से धमकी देने के मामले में जैसे ही ये खुलासा हुआ की विधायकों को दाऊद इब्राहिम का ख़ास आदमी धमकी दे रहा है और फिरौती की मांग कर रहा है , इसका खुलासा होते ही बीजेपी विधायक अपने ही प्रशासन से भरोसा उठ गया , और पुलिस की सुरक्षा को दरकिनार कर विधायक ने इंटरनेशनल डॉन से खुद ही लड़ने का फैसला लिया है और दर्जनों असलहा धरियों को अपने साथ रखना शुरू कर दिया है हालंकि जिले में इन दिनों धारा 144 लागू है बावजूद इसके विधायक असलहा प्रदर्शन करते और एसपी हरदोई को कोसते नज़र आ रहे है | 
वीओ — जरा इन तस्वीरों को गौर से देखिए तमाम असलहाधारी लोगों के साथ घिरे हुए यह गोपामऊ के बीजेपी विधायक श्याम प्रकाश है जिनको 3 दिन पहले इंटरनेशनल कॉल के द्वारा अली बुदेश भाई के नाम से धमकी भरे मैसेज प्राप्त हुए थे। जिसके बाद विधायक श्याम प्रकाश ने अपनी ही सरकार के पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े करते हुए अपने घर पर निजी असलहाधारीयो की तैनाती की है। बीजेपी विधायक का दावा है कि उन्हें सरकार से ज्यादा अपनी सुरक्षा पर अपने लोगों की सुरक्षा पर भरोसा है।उनके मुताबिक दिनांक 21 मई 18 को मेरे मोबाइल नंबर पर मुझे अली बुदेश भाई का धमकी भरा मैसेज आया जिसमें कहा गया कि आप दस लाख की फिरौती लीजिए अन्यथा आपको तथा आपके परिवार के सदस्यों को एक-एक करके मार दिया जाएगा उक्त धमकी का संज्ञान लेते हुए क्योंकि मैं जनपद से बाहर था मेरे पुत्र रवि प्रकाश ने पुलिस अधीक्षक जी को प्रार्थना पत्र दिया जिस पर शहर कोतवाली में FIR दर्ज हुई। FIR दर्ज होने और इतना गंभीर प्रकरण अंतरराष्ट्रीय डॉन से जुड़ा होने के बाद भी पुलिस अधीक्षक महोदय ने मेरे और मेरे परिवार की कोई व्यवस्था नहीं की तीन दिनों तक मेरे परिवार के लोग भय और आतंक में यहाँ रहे। एसपी हरदोई विपिन मिश्रा ने मुझे सुरक्षा मुहैया कराने की जगह मुझ से अभद्रता की, फोन पर बत्तमीज़ी से बात की |
बाईट — श्याम प्रकाश (एमएलए)
वीओ 02 — विधायक श्याम प्रकाश ने अपनी ही सरकार के पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े करते हुए अपने घर पर निजी असलहाधारीयो की तैनाती की है और इन्ही के सहारे अब वो इंटरनेशल डॉन से आमना सामना करने की बात कह रहे है ,बीजेपी विधायक का दावा है कि उन्हें सरकार से ज्यादा अपनी सुरक्षा पर अपने लोगों की सुरक्षा पर भरोसा है।उन्होंने कहा की — —पुलिस अधीक्षक हरदोई ने फोन पर मेरे साथ गलत तरीके से पेश आना एक गंभीर प्रकरण की गंभीरता का संज्ञान ना लेना मेरी तथा मेरे परिवार की सुरक्षा व्यवस्था ना करना अपने पद और दायित्व का उचित निर्वहन ना करना अत्यंत निंदनीय एवं चिंताजनक है। पुलिस अधीक्षक द्वारा सुरक्षा न दिए जाने पर मेरे साथियों व सहयोगी अपने शास्त्रों के साथ मेरी तथा मेरे परिवार की सुरक्षा में तैनात हैं
श्याम प्रकाश (एमएलए ) 02
Conclusion — अब सवाल ये की जब सत्ताधारी पार्टी के विधायक का भरोसा ही अपनी पुलिस पर नहीं रहा तो जनता ऐसी पुलिसिंग पर कैसे भरोसा कर ले , और जो पुलिस नागरिक सुरक्षा की बात करती हो वो जब सरकार के जनप्रतिनिधि को ही सुरक्षा के मांमले में मुतमइन नहीं कर पा रही है तो ऐसी पुलिस जनता की सुरक्षा की गारंटी क्या ख़ाक ले पायेगी , विधायक की तरह जनता भी खुद की सुरक्षा के लिए क्या अब असलहे उठाएगी और हर गली और चौराहो पर क्या कानून धारा 144 तार तार होती नज़र आयेगी ?
संवैधनिक ये सवाल बड़े ज़रूर है लेकिन इनका जवाब किसी भी ज़िम्मेदार के पास नहीं है!