
-जिला अस्पताल के जिम्मेदार अफसर आखिर कब तक यू सोते रहेंगे चेन की नींद
-खबर सुर्खियों में आते ही रटा रटाया जबाव देने में जुटे जिम्मेदार
एंकर–लापरवाही की हद तो उस समय हरदोई जिला अस्पताल में देखने को मिली जब एक सड़क दुर्घटना में घायल दो भाइयों को इलाज के जिला अस्पताल में उनके परिजनों के द्वारा भर्ती कराया गया।परिजनों को भरोसा था कि उनके बच्चे सही होकर वापस घर जायेगे मगर जिला अस्पताल के जिम्मेदार धरती के भगवान के कहे जाने वाले डॉक्टरों की लापरवाही के चलते दुर्घटना में घायल एक भाई ने दम तोड़ दिया।जिसके बाद उनके परिजन दूसरे घायल उसके भाई भयभीत होकर इलाज के लिये एक प्राइवेट वाहन का इंतजाम कर लेकर चले गए।इस बात की खबर जैसे ही सुर्खियों में आई तो जिला अस्पताल के जिम्मेदार अफसर वही रटा रटाया जबाब देने में जुट गए।कि जांच करा कर दोषी कर्मचारियों के ऊपर कार्यवाही की जाएगी।
मामला पाली थाना क्षेत्र के सुरसेया गाँव का है।जहाँ रहने वाले रामपाल के तीन पुत्र अनिल 22 वर्ष,श्रवण 16 वर्ष, छवि राम 10 वर्ष आज एक बाइक पर सवार होकर दवा लेने जा रहे थे रास्ते मे अचानक एक डीएएम कि चपेट में आने से तीनों घायल हो गए जिनको उपचार के लिये जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वीओ–परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही के चलते सही इलाज न मिल पाने के कारण उनके बेटे अनिल ने दम तोड़ दिया है।जिस कारण भयभीत होकर वो अपने छोटे बेटे छविराम को लेकर किसी प्राइवेट नर्सिंग होम इलाज के लिये लेकर जा रहे है।
वीओ02—इस बात की बात की खबर जैसे ही जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ रामवीर सिंह को मिली तो वही अपना रटा रटाया जबाब देने में जुट गए।कि जांच कराकर दोषी कर्मचारियों के ऊपर कार्यवाही की जाएगी।
बाइट—-माँ—-रानी
बाईट—मामी—रामा
बाईट—डॉ रामवीर सिंह सीएमएस जिला अस्पताल हरदोई।