
आपको सचिन…सचिन… की गूंज याद है? क्रिकेट का भगवान जब मैदान पर उतरता था तो स्टेडियम सचिन-सचिन से गूंजने लगता था, जब वह आउट होते थे तो भारत में टेलीविजन बंद हो जाते थे। भारत ही नहीं ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, श्रीलंका, पाकिस्तान, बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, वेस्टइंडीज, केन्या और जिंबाब्वे जैसे देशों में उनके प्रशंसक थे। इसके बाद महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली और रोहित शर्मा का भी दौर आया।
हालांकि उनमें से कोई सचिन से आगे नहीं निकल पाया लेकिन 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के पास उसका मौका है। वह वैश्विक क्रिकेट के ब्रांड एंबेसडर बन सकते हैं। 10 से 12 देशों के बीच बहुचर्चित इस खेल को यह वंडर ब्वाय दुनिया के सबसे ज्यादा खेले जाने वाले खेलों की सूची में शुमार कर सकता है। सचिन ने 16 साल की उम्र में पाकिस्तान के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था, बिहार के वैभव भी जल्द ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण कर सकते हैं।
वैभव के पास सचिन की ही तरह लंबा क्रिकेट करियर होगा। बल्ले के बिना उनका भोलापन और बल्ले के साथ मैदान पर उनकी क्रूरता का काकटेल इस खिलाड़ी को बहुत आगे तक ले जा सकता है। आज से 15-20 साल बाद अगर दुनिया वैभव को सर्वकालिक महान क्रिकेटर कह रही हो तो आप अचंभित मत होइएगा।
दुनियाभर के क्रिकेट को वैभव की जरूरत
वैसे तो भारत समेत कुल 110 देशों में क्रिकेट खेला जाता है लेकिन कुछ ही ऐसे देश हैं जहां पर इस खेल को जुनून के स्तर पर चाहा जाता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) पिछले कुछ वर्षों में क्रिकेट को फुटबॉल की तरह वैश्विक पहचान दिलाने की कोशिश में लगा हुआ है। 2028 में लास एंजिल्स में होने वाले ओलिंपिक में पहली बार क्रिकेट शामिल होने जा रहा है और वहां पर सूर्यवंशी की धमक इस खेल की चमक को और बढ़ा सकती है।
लगातार बढ़ती दीवानगी
वैभव की दीवानगी लगातार बढ़ती जा रही है। आईपीएल के एलिमिनेटर मुकाबले ने इस दीवानगी को एक बार फिर दुनिया के सामने ला दिया है। राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेले गए इस मुकाबले में वही उत्साह और रोमांच देखने को मिला, जो कभी सचिन, विराट और धौनी के दौर में स्टेडियमों में उमड़ता था।
विराट कोहली आज भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सिर्फ वनडे खेलने के बावजूद करोड़ों प्रशंसकों को मैदान तक खींच लाते हैं लेकिन न्यू चंडीगढ़ में वैभव ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। भारत में क्रिकेट प्रेमियों के लिए 22 गज की पिच पर होने वाली हर घटना बेहद खास होती है। पिछले तीन दशकों में भारतीय क्रिकेट ने कई ऐसे चेहरे दिए हैं, जिन्होंने देश की भावनाओं को दिशा दी।
90 के दशक में सचिन उम्मीद और भरोसे का प्रतीक बने। इसके बाद एमएस धोनी ने छोटे शहरों से आने वाले युवाओं को बड़े सपने देखने का साहस दिया। विराट कोहली ने अपने जुनून और आक्रामक अंदाज से भारतीय क्रिकेट को नई पहचान दी। अब इसी विरासत को आगे बढ़ाने का संकेत युवा बल्लेबाज वैभव ने दिया है।
पिछले एक साल से उनके नाम की चर्चा जरूर हो रही थी, लेकिन शायद ही किसी ने सोचा होगा कि बिहार का यह युवा बल्लेबाज प्लेऑफ जैसे बड़े मुकाबले में पैट कमिंस जैसे अनुभवी गेंदबाजों पर इतना हावी हो जाएगा। अब तक उन्हें सिर्फ भविष्य का प्रतिभाशाली खिलाड़ी माना जा रहा था। कुछ लोग उन्हें जल्द भारतीय टी-20 टीम में शामिल करने की मांग कर रहे थे, जबकि कई लोग धैर्य बरतने की सलाह दे रहे थे।
29 गेंदों पर 97 रन की विस्फोटक पारी ने सारी बहस खत्म कर दी। सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाजों के विरुद्ध जिस आत्मविश्वास और बेखौफ अंदाज में उन्होंने बल्लेबाजी की, उससे साफ हो गया कि वैभव सिर्फ लंबे शाट खेलने वाले बल्लेबाज नहीं, बल्कि बड़े मंच पर मैच का रुख बदलने का दम रखने वाले खिलाड़ी हैं।
उनको देखकर क्रिकेट के भगवान को भी यह कहना पड़ा कि वैभव के बल्ले का स्विंग बेहतरीन है। इससे भी खास बात यह है कि वह अपने पैरों पर पड़ती गेंद के लिए जगह बनाते हुए फ्रंटफुट का कैसे खूबसूरती से इस्तेमाल करते हैं। इससे वह मनचाहे शाट खेल पाते हैं। उसकी पारी शानदार थी।
चौके-छक्कों से बनाए 90 प्रतिशत रन
युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का बल्ला आईपीएल के वर्तमान सत्र में जमकर गरज रहा है। उन्होंने 15 मुकाबलों में 242.85 की शानदार स्ट्राइक रेट से 680 रन बनाए हैं और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शीर्ष स्थान पर काबिज हैं। वैभव ने इस दौरान 55 चौके और 65 छक्के लगाए। खास बात यह है कि उनके कुल रनों में से 610 रन सिर्फ बाउंड्री के जरिए आए हैं, जो उनके कुल स्कोर का 89.70 प्रतिशत है। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने विरोधी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा है।
किसने क्या कहा
वैभव सूर्यवंशी ने अपनी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण से बिहार क्रिकेट को नई पहचान दिलाई है। एक आइपीएल सत्र में सबसे ज्यादा छक्के लगाने सहित कई रिकार्ड बनाना बेहद शानदार उपलब्धि है। – हर्ष वर्धन, अध्यक्ष, बीसीए
बेबी बास ने विश्व बास का रिकॉर्ड तोड़ा। इस लड़के की बल्लेबाजी अविश्वसनीय है। देखने में मजा आता है।- युवराज सिंह, पूर्व भारतीय क्रिकेटर
वैभव जैसे क्रिकेटर सुनिश्चित करते हैं कि भारतीय क्रिकेट सुरक्षित हाथों में है। इस टूर्नामेंट में वैभव ने जो किया है, उसे बताने के लिए शब्दकोष में पर्याप्त शब्द नहीं है। क्या शानदार खिलाड़ी है। – सुरेश रैना, पूर्व भारतीय क्रिकेटर
एक बार फिर वैभव सूर्यवंशी की खास पारी। पहली बार आइपीएल प्लेआफ खेलते हुए 29 गेंद में 97 रन। शानदार प्रदर्शन। – इयान बिशप, पूर्व वेस्टइंडीज क्रिकेटर
हम चमत्कार देख रहे हैं। भविष्य के सितारे को देख रहे हैं। वैभव सूर्यवंशी वंडर बाय को देख रहे हैं। – मोहम्मद कैफ, पूर्व भारतीय क्रिकेटर
सूर्यवंशी कोई मजाक है। हे ईश्वर. कवर के ऊपर से वह छक्का।- केविन पीटरसन, पूर्व इंग्लैंड बल्लेबाज
दबाव में भी उसकी स्पष्टता जबर्दस्त है और वह भी सिर्फ 15 वर्ष की उम्र में। पैट कमिंस अलग-अलग तरीके आजमाते रहे लेकिन उसकी लय नहीं बिगाड़ सके। इतनी कम उम्र में इतनी समझ कमाल की है।- एबी डिविलियर्स, पूर्व दक्षिण अफ्रीका क्रिकेटर