
भोपाल : मध्यप्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को मात देने के लिए कांग्रेस भी नरम हिंदुत्व की राह पर अग्रसर दिख रही है. इस वर्ष के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाह रही है. मध्यप्रदेश में पिछले 14 साल से अधिक समय से भाजपा सत्ता में है. भाजपा को सत्ता से बेदखल करने के लिए कांग्रेस सॉफ्ट हिन्दुत्व की रणनीति बना रही है.
महाकाल के आशीर्वाद के बाद ज्योतिरादित्य करेंगे पार्टी का प्रचार
मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी के अनुसार चुनाव प्रचार अभियान समिति के चेयरमैन ज्योतिरादित्य सिंधिया आगामी 11 मई को उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद चुनाव प्रचार की शुरूआत करेंगे. उन्होंने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया धार्मिक व्यक्ति हैं. कांग्रेस की नई रणनीति के तहत प्रदेश में 14 वर्षों से अधिक समय तक सत्ता पर काबिज रही भाजपा को हराने के लिए सिंधिया हिंदू देवी-देवताओं का आर्शीवाद लेने हेतु प्रदेश के कई मंदिरों में जाने वाले हैं.
प्रदेश अध्यक्ष बनते ही मंदिरों की शरण में पहुंचे थे कमलनाथ
मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ के मंदिर दर्शन को कांग्रेस की नई रणनीति से जोड़ कर देखा जा रहा है. नवनियुक्त प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने पहले ही स्पष्ट संदेश दे दिया है कि वह नरम हिन्दुत्व के रास्ते पर आगे बढ़ने वाले हैं. छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से 9 बार सांसद रहे कमलनाथ ने प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण करने के दूसरे ही दिन भोपाल के प्रसिद्ध गुफा मंदिर और उसी दिन उज्जैन के महाकाल मंदिर और दतिया के सिद्ध देवी मंदिर पीताम्बरा पीठ में पूजा अर्चना की. महाकाल के दर्शन के बाद कमलनाथ ने संवाददाताओं से कहा था कि नंवबर माह में प्रस्तावित प्रदेश के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी पूर्ण बहुमत हासिल करेगी. कुल 230 विधानसभा सीटों में से 150 से अधिक सीटों पर कांग्रेस विजय हासिल करेगी.
गुजरात मॉडल की तर्ज पर एमपी में चुनाव प्रचार करेगी कांग्रेस
सूत्रों के मुताबिक एक कांग्रेस नेता ने कहा कि कांग्रेस गुजरात मॉडल की तर्ज पर ही मध्यप्रदेश में चुनाव प्रचार करेगी. पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी भी प्रदेश में चुनाव प्रचार अभियान की शुरूआत प्रसिद्ध महाकाल मंदिर या पीताम्बरा पीठ के देवी मंदिर से क्र सकते हैं. मध्यप्रदेश में प्रचार के दौरान राहुल गांधी प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिरों में भी जाएंगे.
दिग्विजय सिंह कर चुके हैं नर्मदा परिक्रमा
मध्यप्रदेश में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी इस क्रम में तैंतीस सौ किलोमीटर की लम्बी नर्मदा परिक्रमा पूरी कर चुके हैं. नर्मदा के दोनों किनारों पर लगभग 6 माह चली उनकी यह यात्रा पिछले माह ही समाप्त हुई है. यात्रा के समापन पर नरसिंहपुर जिले के बरमान घाट पर एक विशाल भंडारा भी किया गया. इस समागम में ‘जय संत दिग्विजय’ के नारों ने भी लोगों को आचंभित कर दिया क्योंकि अल्पसंख्यकों को समर्थन करने के पूर्व अनुभवों के कारण दिग्विजय को मुस्लिम समर्थक नेता माना जाता है.
भाजपा ने कहा कांग्रेस पाखंड कर रही है
प्रदेश भाजपा के महामंत्री वीडी शर्मा के अनुसार कांग्रेस नेताओं का मंदिरों में जाना विशेषकर दिग्विजयनाथ की नर्मदा यात्रा मात्र महज एक पाखंड है. भाजपा नेता का कहना है कि सभी जानते हैं कि दिग्विजय मुस्लिम समर्थक नेता हैं और अल्पसंख्यकों के तुष्टीकरण में विश्वास रखते हैं. भाजपा का कहना है कि प्रदेश के लोग जानते हैं कांग्रेस के नेता केवल वोट हासिल करने के लिए अचानक धार्मिक हो गए हैं और मंदिरों में माथा टेक रहे हैं.
भाजपा को भरोसा मिलेगा पूर्ण बहुमत
भाजपा नेता ने कहा किउनके मंदिरों में जाने की रणनीति आगामी चुनावों में बहुसंख्यकों के वोट हासिल करने के लिए है. लेकिन इसका कोई फायदा कांग्रेस को मिलने वाला नहीं है. भाजपा को प्रदेश में चौथी बार भी बहुमत हासिल करने का भरोसा है. भले ही सभी राजनीतिक पार्टियां मतदाताओं को रिझाने के लिए कोई भी रणनीति बनाएं चुनाव के परिणाम तो अब आना वाला वक्त ही तय करेगा कि जनता किसे चुनेगी.