स्मार्ट इंडिया हैकथॉन: जल संकट का हल ढूंढऩे जुटे 344 युवा वैज्ञानिक

वाराणसी (जेएनएन)। देश में आगे आने वाली जल संकट का हल ढूंढऩे के लिए देशभर के करीब 344 युवा वैज्ञानिक शुक्रवार की सुबह से ही नान स्टाप जुटे हैं। सुबह करीब आठ बजे देश के 22 केंद्रों पर 36 घंटे के लिए स्मार्ट इंडिया हैकथॉन 2018 का आगाज हुआ। बीएचयू के इंडोर स्टेडियम में देश के विभिन्न क्षेत्रों की 43 टीमें जुटी हुई हैं। यहां पर कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डा. सत्यपाल सिंह एवं कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने किया। वहीं रात के आठ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कुछ प्रतिभागियों से बात की।

उद्घाटन समारोह के बाद प्रतियोगिता शुरू हुई। प्रतिभागियों को जल संसाधन से जुड़ी समस्या पर एक एप या सॉफ्टवेयर बनाने का टास्क दिया गया। इसके बाद टीमें समस्या का हल निकालने के लिए जुट गईं। उनको उन्हीं के टेबल पर खाने-पीने की चीजें व स्टेशनरी मुहैया कराई जा रही है। उनको कार्यक्रम समाप्ति यानी 36 घंटे तक 500 मीटर के बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी। कुछ प्रतिभागियों ने प्रोजेक्ट्स के रूप में तकनीकी कौशल का परिचय दिया।

 महत्वपूर्ण आविष्कार युवा सोच से हुए

केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डा. सत्यपाल सिंह ने बताया कि विश्व के ज्यादातर महत्वपूर्ण आविष्कार युवा सोच से हुए हैं। युवाओं के हाथ में देश के विकास की डोर है। ऐसे में हैकथॉन एक बेहतर प्लेटफार्म साबित होगा। कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने बताया कि देश में बदलाव और विकास के लिए हैकथॉन एक बेहतर कदम है। इस प्रयास से ना सिर्फ देश को अनेक समस्याओं का हल मिलेगा, बल्कि  इससे छात्रों और युवाओं में समूह भावना का निर्माण होगा।

जल प्रबंधन के लिए सॉफ्टवेयर बनाया

टीम ने निर्धारित समस्या को ध्यान में रखते हुए जल प्रदूषण के निदान व प्रबंधन के लिए एक सॉफ्टवेयर बनाया। छत्तीसगढ़ और तेलंगाना से आई टीमों ने वर्षा जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए अपने सॉफ्टवेयर तैयार करने में अपनी तकनीकी क्षमता दिखाई। प्रतियोगिता वाराणसी, चंडीगढ़, मुंबई, पानीपत, बेंगलुरू, नोएडा, कोयंबटूर, कोलकाता, जयपुर, हैदराबाद, पुणे, करनूल, उदयपुर, नागपुर, भुवनेश्वर, अहमदाबाद, हूबली, गोवाहाटी, चेन्नई, इंदौर, कानपुर इन शहरों में हो रही है।
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