कैम्ब्रिज एनालिटिका का दावा- भारत में 2009 में की थी ऑनर किलिंग पर रिसर्च

फेसबुक डेटा लीक मामले से चर्चा में आने वाली कैम्ब्रिज एनालिटिका के बारे में एक और खुलासा हुआ है. मामले में व्हिसलब्लोअर क्रिस्टोफर विली ने यूके की पार्लियामेंट्री कमेटी को जो रिपोर्ट सौंपी है उसमें कहा गया है कि उनकी पेरेंट कंपनी SCL ने भारत में 2009 और 2010 में ऑनर किलिंग पर रिसर्च की थी.

अपनी 122 पेज की रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि SCL इंडिया ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा में उनके क्लाइंट के लिए ऑनर किलिंग के बारे में जानने पर काम किया था.

इस रिसर्च के तहत ये पता लगाया गया था कि आखिर इस तरह के मामले क्यों होते हैं. और वो क्या परिस्थितियां होती हैं जिनके कारण ऑनर किलिंग होती हैं. हालांकि, इस रिपोर्ट में ये नहीं बताया गया कि वो क्लाइंट कौन था, जिसके लिए ये रिसर्च की गई थी. हालांकि, चारों प्रदेशों को जो जानकारी दी है उसमें ये बताया है कि उनका क्लाइंट कोई एजेंसी भी हो सकती है.

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इन डॉक्यूमेंट्स में जो दावा किया गया है, उसकी इंडिया टुडे पुष्टि नहीं करता है. लेकिन सवाल उठता है कि जब एक एजेंसी इतने बड़े पैमाने पर रिसर्च कर रही थी, तो क्या सरकार को इस बारे में बिल्कुल खबर नहीं थी. गौर करने वाली बात ये भी है कि 2009 में ही भारत में आम चुनाव भी थे.

कांग्रेस के साथ जुड़ा है नाम!

आपको बता दें कि जब से कैम्ब्रिज एनालिटिका चर्चा में आई है, उसका नाम लगातार कांग्रेस के साथ जुड़ता गया है. बीजेपी द्वारा इस मामले में कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगने के बाद कई नए खुलासे हो रहे हैं, जिसमें कैम्ब्रिज एनालिटिका के कर्मचारी रहे विसलब्लोअर क्र‍िस्टफर विली के खुलासे में कांग्रेस पार्टी का नाम लेना शामिल है. अब नए खुलासे के अनुसार कैम्ब्रि‍ज एनालिटिका के निलंबित सीईओ एलेक्सजेंडर निक्स के लंदन स्थित दफ्तर में कांग्रेस का पोस्टर दीवार पर चिपका दिखाई दे रहा है.

गौरतलब है कि कैम्ब्रिज एनालिटिका के पूर्व कर्मचारी रहे क्रिस्टोफर विली ने कई खुलासे किए थे. उसने बताया कि भारत में रहकर काफी काम किया और उसका यहां ऑफिस भी था. विली ने ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमन्स में डिजिटल, कल्चर, मीडिया और स्पोर्ट्स कमिटी के सामने यह बयान दिया था.

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