भूलकर भी महिलाओं के बाल ना पकड़े वार्ना हो जायेगा वंश नाश, जाने क्या है इसके पीछे का रहस्य

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हमारे हिन्दू धर्मशास्त्रों में ऐसा लिखा है की कभी भी किसी स्त्री के बाल है पकड़ने चहिये क्यूंकि इससे आपके वंश का नाश हो सकता है। लम्बे और खूबसूरत बाल महिलाओं के सुंदरता में चार चाँद लगाने के लिए होता हैं ना की उन्हें दण्डित करने के लिए। इसके अलावा महिलाओँ को अपने बालों को हमेशा बाँध कर ही रखने की बात की गयी है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं की आखिर क्यों धर्मशास्त्रों में महिलाओं के बाल को न पकड़ने की सलह दी गयी है और क्यों महिलाओं को अपने बाल खुले नहीं छोड़ने.

हमारे धर्मशास्त्रों की माने तो पुराने काल में महिलाएं खुले बाल तभी रखती थी जब वो किसी के लिए शोक कर रही होती थी। रामायण काल में जब सीता जी का विवाह राम जी से हो रहा था तो सीता जी माँ ने उनका बाल बांधते हुए उनसे कहा था की कभी भी अपने बाल खुले मत छोड़ने। बंधे हुए बाल रिश्तों को भी बाँध कर रखता है जबकि खुले बाल केवल एकांत में अपने पति के सामने ही रखना। आजकल लोग इन बातों को नहीं मानते हैं और महिलाएं भी फैशन की आड़ में अपने बाल अधिकतर खुले ही रखती हैं। बाल खुले रखने से नेगेटिविटी आती है और तो और घर में क्लेश का भी माहौल बनता है। पुराने ज़माने इसलिए घर की महिलाएं हमेशा अपने बालों को बांध कर रखती थी। इसके अलावा ऐसा भी माना जाता है की खुले बाल रखने वाली स्त्रियों पर नेगटिव शक्तियों ज्यादा प्रभाव डालती हैं। अक्सर महिलाएं रात को सोते वक़्त अपने बाल खोलकर सोती हैं जबकि शास्त्रों में लिखा है की रात को बाल कभी भी खोलकर है सोना चहिये क्यूंकि इससे नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव महिलाओं पर पड़ता है। हमेशा रात को सोते वक़्त बाल बाँध कर ही सोना चाहिए।

पुराने काल में भी जिन्होनें महिलाओं के बाल पकड़े उनके वंश का अंत हो गया

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हमारे शास्त्रों में यूँ ही है लिखा है की स्त्रियों के बाल पकड़ने वालों के वंश का नाश होजाता है बल्कि इस बात के प्रमाण भी मौजूद हैं। बात अगर रामायण काल की करें तो जब रावण देवी सीता का हरण करने आता है तो वो उनका बाल पकड़ कर उन्हें पुष्पक विमान में बिठाता है। रावण का अंत कैसा हुआ ये तो सभी जानते हैं यहाँ तक की उसके वंश का कोई भी नहीं बचा और उसका सम्पूर्ण वंश नाश होगया। इसके बाद बात करें महाभारत काल की तो, दुर्योधन ने भरी सभा में सबके सामने द्रौपदी को उसके बाल पकड़ कर अपमानित किया था जिसका नतीजा सम्पूर्ण कौरवों को भुगतना पड़ा था और उनके सम्पूर्ण वंश का ही खात्मा होगया था। इतना है नहीं बल्कि कंश के वंश का खात्मा भी देवकी की संतान महामाया के बाल पकड़ कर मारने की वजह से ही हुई थी। इसलिए कहते हैं की कभी भी किसी पुरुष को स्त्रियों के बाल नहीं पकड़ने चहिये।

 
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