सिर्फ एक रात के लिए दुल्हन बनते हैं किन्नर और दूसरे दिन रोते हैं फूट-फुटकर!

आप सभी जानते ही हैं कि हम सभी के साथ इस दुनिया मे किन्नर भी रहते हैं. ऐसे मे किन्नर के बारे में हम सभी जानते हैं और उनसे जुड़ी एक कथा के अनुसार आजतक वह एक ऐसी परंपरा निभा रहे हैं जो बहुत कम लोग जानते हैं. जी हाँ, कहा जाता है कि किन्नर एक रात के लिए शादी करते है और एक रात के लिए वह दुल्हन बनते हैं. किसकी यह हम आपको बताते हैं. आप सभी को शायद ही पता हो कि किन्नर अपने ही देवता से एक रात के लिए शादी करते हैं.

जी हाँ, कहा जाता है इनके देवता का नाम है इरावन है जो कि अर्जुन और नाग कन्या उलूपी की संतान हैं. कहते हैं और यह बताया भी गया है कि ”महाभारत युद्ध से पहले पांडवों ने मां काली की पूजा की जिसमें एक राजकुमार की बलि होनी थी. कोई भी राजकुमार जब आगे नहीं आया तो इरावन ने कहा कि वह बलि के लिए तैयार है लेकिन उसने एक शर्त रख दी कि वह बिना शादी किए बलि नहीं चढ़ेगा. इसके बाद पांडवों के पास समस्या यह आ गई कि एक दिन के लिए कौन सी राजकुमारी इरावन से विवाह करेगी और अगले दिन विधवा हो जाएगी. इस समस्या का समाधान करने के लिए श्री कृष्ण ने एक उपाय निकाला और उन्होंने खुद मोहिनी रूप धारण किया. उसके बाद उन्होंने इरावन से विवाह किया. वहीं अगले दिन सुबह इरावन की बलि दे दी गई और श्री कृष्ण ने विधवा बनकर विलाप भी किया.”

कहा जाता है उसी घटना के बार उसे याद कर किन्नर इरावन को अपना भगवान मानते हैं और फिर एक रात उनसे शादी करते है और अगले दिन फूट-फुटकर रोते हैं.