मिशन 2019 के मद्देनजर प्रदेश कांग्रेस संगठन में बदलाव की तैयारी

केंद्र में एकबार फिर से अपनी सरकार बनाने के प्रयास में लगी कांग्रेस उत्तर प्रदेश से ही अब मिशन -2019 की तैयारी में जुटी गई है। इसके लिए कांग्रेस संगठनात्मक ढांचे में कसाव लाएगी। खासकर युवा वर्ग को जोडऩे के लिए जरूरी बदलाव की तैयारी है। कांग्रेस अब युवक कांग्रेस तथा भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआइ) के संगठन के पुराने स्वरूप को फिर लागू करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। पिछले लगभग एक दशक से कांग्रेस से युवाओं की बढ़ती दूरियां हाईकमान के लिए चिंता का सबब है। गत विधान सभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से मेल करना भी युवाओं को नहीं लुभा सका। अखिलेश यादव और राहुल गांधी को उत्तर प्रदेश के लड़के बता कर प्रचारित करना भी युवाओं को कांगे्रस की ओर न लुभा सका।

मिशन 2019 के मद्देनजर प्रदेश कांग्रेस संगठन में बदलाव की तैयारी

एनएसयूआइ के राष्ट्रीय महामंत्री रहे डॉ. प्रदीप अरोड़ा ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर में युवा वर्ग को कांग्रेस से जोडऩे के लिए संगठन के पुराने स्वरूप को बहाल कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि चार जोन बनाए रखने के साथ प्रदेश स्तर पर एक अध्यक्ष और कमेटी जरूरी है। युवा कांग्रेस व एनएसयूआइ के प्रदेश अध्यक्षों को अपनी कमेटियां बनाने और जिलों में फेरबदल करने का अधिकार मिलना चाहिए। इससे संगठन की सक्रियता बढ़ेगी व नए युवाओं को जोडऩे का जरिया मिलेगा।

युवक कांग्रेस व एनएसयूआइ में बीते 2009 के बाद कोई एक प्रदेश अध्यक्ष नहीं बना बल्कि चार जोन में अलग-अलग प्रदेश अध्यक्ष चुने जाते हैं। युवा कांग्रेस में योगेश दीक्षित और एनएसयूआइ में राहुल राय अंतिम प्रदेश अध्यक्ष रहे थे। सूत्रों का कहना है कि चार जोन में आपसी तालमेल बढ़ाने के लिए एक संचालन समिति गठित करने का प्रस्ताव भी है। देखना है कि युवक कांग्रेस व एनएसयूआइ की सक्रियता बढ़ाने को नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी संगठन को पुराने स्वरूप में बहाल करने के प्रस्ताव पर राजी होते हैं या बदलाव फिर से ठंडे बस्ते में पहुंच जाएगा।

युवा कांग्रेस के मध्य जोन की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक 24 जनवरी को सुबह 11 बजे प्रदेश दफ्तर में होगी। प्रदेश अध्यक्ष अंकित परिहार ने बताया कि प्रभारी व महासचिव श्रीनिवास बैठक में उपस्थित रहेंगे। बैठक में प्रदेश पदाधिकारी एवं सभी लोकसभा क्षेत्र अध्यक्ष व कमेटी के पदाधिकारी और विधानसभा क्षेत्रों के अध्यक्ष उपस्थित रहेंगे।

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