
कोलकाता के आनंदपुर के नाजीराबाद में एक प्रसिद्ध मोमो चेन के कारखाने और डेकोरेटर के गोदाम में लगी भीषण आग की घटना में मृतकों की संख्या बढक़र 16 हो गई है तथा 10 लोग अब भी लापता हैं।
स्वजन ने स्थानीय थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। सोमवार तड़के लगी इस आग में कल आठ लोगों के शव बरामद हुए थे। मंगलवार को आठ और शव बरामद हुए। राज्य सरकार ने मृतकों के स्वजन को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
दो गोदामों में भारी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग तेजी से फैली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लपटें इतनी भयावह थीं कि अंदर फंसे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। समाचार लिखे जाने तक मंगलवार को भी आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका।
स्थानीय लोगों और प्रशासन को अंदेशा है कि मलबे के नीचे दबे होने के कारण मृतकों की संख्या में अभी और इजाफा हो सकता है। मंगलवार सुबह जब फोरेंसिक टीम और अधिकारी अंदर पहुंचे तो मंजर खौफनाक था। बरामद किए गए शव इस कदर झुलस चुके थे कि उनकी पहचान करना असंभव है। प्रशासन ने डीएनए और फोरेंसिक जांच के लिए अवशेषों को लैब भेजा है।
दमकल मंत्री के देरी से पहुंचने पर फूटा स्थानीय लोगों का गुस्सा
हादसे के करीब डेढ़ दिन बाद मंगलवार को दमकल मंत्री सुजीत बोस और विभाग के महानिदेशक (डीजी) रणबीर कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। दमकल मंत्री के देरी से पहुंचने पर स्थानीय लोगों और भाजपा समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा।
मोयना से भाजपा विधायक अशोक ङ्क्षडडा की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने मंत्री के खिलाफ गो बैक के नारे लगाए, जिससे वहां तृणमूल और भाजपा समर्थकों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई। सुजीत बोस ने स्वीकार किया कि अग्निशमन के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे।
नहीं था कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र
दमकल विभाग के डीजी रणबीर कुमार ने बताया कि फैक्ट्री और गोदाम के पास कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं था। 35 हजार वर्ग फुट में फैला यह परिसर पूरी तरह अवैध रूप से सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर चलाया जा रहा था। इसकी जांच की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।