
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एनसीसी कैडेट्स को देश की दूसरी सुरक्षा पंक्ति बताया। उन्होंने युवाओं से अनिश्चित वैश्विक हालात में शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से हमेशा तैयार रहने की अपील की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) को देश की दूसरी सुरक्षा पंक्ति बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया में इतनी अनिश्चितता फैली है कि कब किस मोर्चे पर क्या हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। ऐसे में युवाओं को शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक तौर पर मजबूत रहना चाहिए। वह एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर को संबोधित कर रहे थे।
रक्षा मंत्री कहा सेना ने पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले का संयमपूर्वक करारा जवाब दिया। यह इसलिए सम्भव हो पाया क्योंकि हमारी सेनाएं शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक हर दृष्टि से मजबूत हैं। रक्षा मंत्री ने बताया कि ऑपेरशन सिंदूर के बाद जब वह भुज में सैनिकों और एनसीसी कैडेट्स से मिले तो उन्हें यह जानकर बहुत अच्छा लगा कि हमारी दूसरी सुरक्षा पंक्ति अपने पूरे जोश में है। देशभर में मॉक ड्रिल्स के दौरान एनसीसी कैडेट्स ने जनता को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साल 1965 और 1971 के युद्ध में भी एनसीसी कैडेट्स दूसरी सुरक्षा पंक्ति के रूप में तैनात रहे। रक्षा मंत्री ने कहा, समस्याओं और अनिश्चितताओं के कारण आज की दुनिया एक नई महाभारत है और इस महाभारत में आप लोग ही नए अभिमन्यु हैं। आज का युवा किसी भी चक्रव्यूह में प्रवेश कर उससे विजयी होकर बाहर आने में सक्षम है।
कंफर्ट जोन से बाहर आएं
राजनाथ ने कहा, चाहे वीडियो गेम हों या त्वरित फूड डिलिवरी, तमाम सुविधाएं मनुष्य के जीवन में आराम लाने के लिए हैं। किंतु जिंदगी की असल उपलब्धि आराम भरे दायरे से बाहर आने में है। हम आरामदायक स्थिति में रहना चाहते हैं, लेकिन एनसीसी सुबह जल्द उठाकर पीटी करवा कर आपको इसी आरामदायक दायरे से बाहर निकालता है। इससे आप मानसिक रूप से मजबूत बनते हैं। आरामदायक दायरे से बाहर निकले लोग ही इतिहास रचते हैं।
फोकस बनाए रखें
रक्षा मंत्री ने फोकस की कमी को दुनिया की सबसे बड़ी कमी बताया। उन्होंने कहा कि हर किसी को सब कुछ तुरंत चाहिए। ज्ञान भी मनोरंजन भी और परिणाम भी तुरंत चाहिए। यही आदत आगे चलकर बहुत बड़ा खतरा बन जाती है। क्योंकि जीवन की बड़ी लड़ाइयां तुरंत नहीं जीती जातीं, इनके लिए धैर्य और फोकस चाहिए। उन्होंने कहा कि एनसीसी में आपको फोकस सिखाया जाता है। यह जीवन के हर क्षेत्र में काम आएगा।
प्लान बी तैयार रखें
राजनाथ ने एनसीसी कैडेड्स से कहा कि हमें किसी एक रास्ते पर निर्भर न रहकर हमेशा विकल्प तैयार रखने चाहिए, ताकि असफलता की स्थिति में हताशा न हो। उन्होंने कहा कि जब आपके पास सिर्फ एक ही रास्ता होता है तो उसके बंद होने पर इंसान घबरा जाता है। उसे लगता है सब खत्म हो गया, लेकिन जब विकल्प होते हैं तो वह टूटता नहीं हैं। जिंदगी टेस्ट क्रिकेट जैसी है, पिच पर डटे रहना है। एक बॉल गई तो दूसरी बॉल भी आएगी और उस पर अच्छा शॉट लगेगा।