भारत-अमेरिका का दबाव आया काम, पाक ने हाफिज सईद के संगठन पर कड़ा प्रतिबंध लगाया

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इस्लामाबादः अमेरिकी दबाव के आगे झुकते हुए पाकिस्तान ने पिछले सप्ताह चुपचाप एक अध्यादेश जारी कर आतंकी संगठन जमात उद दावा को प्रतिबंधित आतंकवादी और आतंकी संगठनों की सूची में डाल दिया. जमात उद दावा का सरगना कुख्यात आतंकी और मुंबई हमले का मास्टर माइंड हाफिज सईद है. 

भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र की ओर से हाफिज सईद को प्रतिबंधित कराने की कोशिश में लगा हुआ है लेकिन चीन के अड़ंगा लगाने की वजह से उसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध नहीं लग सका है. पाकिस्तान सरकार के इस ताजा कदम को अन्य आतंकी संगठनों जैसे लश्कर ए तैयबा और FIF के लिए झटका माना जा रहा है, क्योंकि पाकिस्तान की सरकार ने एक तरह से संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की सूची को भी स्वीकार कर लिया है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 27 प्रतिबंधित संगठनों को अपनी सूची में रखा है. इसमें फलाह इ इंसानियत फाउंडेशन (FIF), लश्कर ए तैयबा और हरकत उल मुजाहिदीन के नाम शामिल हैं.

शुक्रवार को जारी किया गया अध्यादेश

सरकार ने संशोधित एंटी टेररिज्म एक्ट (एटीए) अध्यादेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है. इसके तहत प्रतिबंधित संगठनों की संपत्तियां जब्त की जाएंगी. राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने पिछले शुक्रवार को इस अध्यादेश को मंजूरी दी थी, जिसे सोमवार शाम को सार्वजनिक किया गया.

पाकिस्तानी अखबार द डॉन ने लिखा है. ”राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने पिछले शुक्रवार को एंटी टेरोरिज्म एक्ट, 1997 में संशोधन के लिए चुपचाप एक अध्यादेश जारी कर दिया. अध्यादेश के जरिए इस कानून को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा आतंकी संगठनों और आतंकियों पर प्रतिबंध लगाने के लिए सुझाए गए मसौदे के अनुरूप बनाया गया है. सरकार के इस कदम से हाफिज सईद के संगठन जमात उद दावा और फलाह ए इंसानियत को लेकर स्थिति साफ हो गई है. अब इन संगठनों वर्जित संगठनों की सूची में डाल दिया गया है.”

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पाकिस्तान सरकार ने पेरिस में फिनाशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की होने वाली अहम बैठक से कुछ दिनों पहले यह कदम उठाया है. डॉन ने लिखा है कि भारत और अमेरिका के दबाव में FATF पाकिस्तान को अपनी ग्रे सूची में डाल देता. इससे पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय ट्रांजेक्शन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता. बाद में पाकिस्तान की वित्तीय नियामक संस्था सेक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमिशन ने जमात उद दावा, FIF के साथ-साथ अन्य संगठनों को चंदा इकट्ठा करने पर रोक लगा दिया.

ट्रम्प प्रशासन पाकिस्तान को 33.6 करोड़ डॉलर की सहायता देगा

सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक अक्तूबर से शुरू होने वाले वित्त वर्ष 2019 के लिए 40 खरब डॉलर का वार्षिक बजट आज पेश किया. इसमें पाकिस्तान के लिए 25.6 करोड़ डॉलर की असैन्य मदद एवं आठ करोड़ डॉलर की सैन्य मदद का प्रस्ताव दिया गया है. पाकिस्तान को मदद के प्रस्ताव से कुछ हफ्ते पहले ट्रम्प प्रशासन ने अपनी जमीं से काम कर रहे आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई न करने के लिए पाकिस्तान को मिलने वाली करीब दो अरब डॉलर की सुरक्षा सहायता पर रोक लगा दी थी. व्हाइट हाउस ने कहा था कि आतंकी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने पर वह रोक हटाने पर विचार करेगा.

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