सुरक्षा के प्रति सतर्क हुई रेलवे, अब पहचान बताए बगैर कर सकेंगे शिकायत

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नई दिल्‍ली। 13 लाख रेलवे कर्मचारियों को जल्‍द ही ‘व्‍हिसलब्‍लोअर्स’ के लिए वेबसाइट के तौर पर एक प्‍लेटफार्म मिलेगा। इसके जरिए सीधे तौर पर रेलवे बोर्ड चेयरमैन समेत शीर्ष अधिकारियों को अपनी पहचान छिपाकर सुरक्षा में किसी भी चूक या कमी के बारे में सूचित किया जा 

सकेगा।

CRIS बना रही वेबसाइट

इस वेबसाइट को सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (CRIS) बना रही है। वेबसाइट का काम मार्च तक पूरा हो जाएगा और कर्मचारी अपनी शिकायत दर्ज करा पाएंगे। ट्रैकमैन से लेकर ऑफिसर रैंक तक के अधिकारी गुमनाम होकर सुरक्षा खामियां बता सकते हैं। इसमें इंजीनियर का मेनटेनेंस प्रोटोकॉल ना मानना, ट्रेनों के प्रिवेंटिव मेनटेनेंस को फॉलो न करने से लेकर काम के वक्त सोना तक शामिल होगा।

पारदर्शी होगी व्‍यवस्‍था

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बजट ब्रीफ्रिंग के दौरान रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि रेलवे जल्‍द ही एक सिस्‍टम लाने जा रहा है जिससे कांट्रैक्‍ट पर काम करने वालों की पूरी जानकारी पारदर्शी तरीके से सबके सामने रहेगी। उन्‍होंने कहा था कि कांट्रैक्‍ट लेबर को लेकर शिकायतें मिल रही हैं, इसी के बाद उन्‍होंने एक पारदर्शी सिस्‍टम बनाने की पहल की है।

यहां से होगी वेबसाइट की निगरानी

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी की अध्यक्षता वाला रेलवे मंत्रालय का सुरक्षा विभाग इस वेबसाइट की सीधे निगरानी करेगा। एयर इंडिया के अध्यक्ष और मैनेजिंग डायरेक्टर रहते हुए लोहानी वहां भी ऐसा ही सिस्टम लेकर आए थे। रेलवे में इस सिस्टम को लाने के लिए रेलवे अधिकारियों ने एयर इंडिया के अधिकारियों से मुलाकात भी की।

रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा रेलवे की पहली प्राथमिकता है। ये नया सिस्टम व्हिसलब्लोअर्स को गुमनाम तरीके से शिकायत करने में मदद करेगा। एक रेलवे अधिकारी ने कहा, ‘ऐसा हो सकता है कि कई इनपुट झूठ निकलें लेकिन हम इसकी जांच कर सकते हैं। इस वेबसाइट पर लोगों की पहचान गोपनीय होगी ताकि बगैर किसी डर के वे अपनी शिकायत कर सकें। रेलवे यात्रियों की सुरक्षा के उद्देश्य से विभिन्न कार्यों पर 73,000 करोड़ रुपये खर्च करने जा रहा है।

 
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