कैंसर पीड़ित बेटे के इलाज को पिता बेचेगा किडनी, परेशानी बयां कर प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिख मांगी अनुमति

एंकर –हर पिता के लिए बेटा कलेजे का टुकड़ा ही होता है,,,, उसकी सलामती और खुशी के लिए कुछ भी करना पड़े,,,, पिता पीछे नहीं रहता,,,। मुंह के कैंसर से पीड़ित बेटे के इलाज में सब कुछ गंवा चुके एक पिता ने भी अपनी किडनी दांव पर लगा दी है,,,,बेबस पिता ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर किडनी बेचने की अनुमति मांगी है,,,,। कहीं से कोई मदद नहीं मिलने से टूट चुके पिता को यही आखरी रास्ता दिख रहा है,,,। हालांकि, सरकार की तरफ से इस बारे में कोई जवाब नहीं मिला है,,,। अस्पतालों के चक्कर काटते फिर रहे मजदूर परिवार के आगे दोनों वक्त खाने के लाले हैं ।ढाई लाख रूपये का कर्ज ही चढ़ चुका है,,,,,

दरअसल यह गुहार लगाई है शहर के नौरंगाबाद इलाके में ज्वालापुरी स्थित गली नंबर 9 के जितेंद्र यादव के मकान में किराए पर रह रहे हैं राजकुमार शर्मा ने,,,, परिवार में पत्नी शिवगामी, दो बेटे विनय शर्मा और दीपक है। राजकुमार ताला फैक्ट्री में मजदूरी करके परिवार पाल रहे हैं। माली हालत पहले से दयनीय है । पिछले साल दिसंबर में छोटे बेटे दीपक के मुंह में छाला आया। दर्द बड़ा तो पास के एक डॉक्टर से दवा ले ली । 2 दिन बाद समस्या और बड़ी तो राजकुमार जे०एन० मेडिकल कॉलेज पहुंचे,,,,। जहां जांच में मुंह का कैंसर बताया गया,,,। यह सुनकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई,,,,। साहस करके डॉक्टर से इलाज शुरू करने की बात कही,,,, पर उचित व्यवस्था न होने का हवाला देकर उसे दिल्ली के एम्स रेफर कर दिया गया । बकौल राजकुमार,,, दो दिन बाद एम्स की ओपीडी में नंबर आया तो दीपक की बायोप्सी कराई गई । मुंह में सूजन के कारण ऑपरेशन ना करने का हवाला देकर उन्हें घर भेज दिया । कुछ दिन बाद फिर एम्स गए, पर हफ्ते भर तक सुनवाई ना हुई तो थक हार कर लौट आए,,,,। कई बार मेडिकल कॉलेज गए, पर वहां भी किसी ने नहीं सुनी। इस बीच, लोगों के बताने पर गाजियाबाद, आगरा, मथुरा व अलीगढ़ में कई लोगों को दिखाने पहुंचे । लाभ कुछ ना हुआ । अब दीपक घर पर जिंदगी के लिए मौत से जंग लड़ रहा है । 4 माह से अस्पतालों के चक्कर काट रहे राजकुमार काम पर भी ना जा सके, परिवार पर फाके की नौबत है, ढाई लाख रुपए का कर्ज चढ़ चुका है। पीड़ित परिवार का कहना है कि प्रधानमंत्री को इलाज में मदद के लिए दो पत्र लिख चुके हैं CM से लेकर डीएम तक भी गुहार लगाई है ।दो बार बेटे को लेकर कलेक्ट्रेट भी गए, पर DM से बात ना हुई, कोई रास्ता ना देख कर 17 जून को पीएम को किडनी बेचने की अनुमति देने का पत्र लिखा अभी जवाब नहीं आया है।

बाइट –राजकुमार (गुहार लगाने वाला पीड़ित पिता)
बाइट –शिवगामी (दीपक की माँ)
बाइट –जितेंद्र (मकान स्वामी)
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