‘नकल’ से जीतेंगे इंडियावाले, इंग्लैंड में चमकेंगे ‘हैदराबाद ब्वॉयज’

नई दिल्ली. T20 सीरीज के लिए भारत और इंग्लैंड दोनों टीमों की तैयारियां पूरी हैं. अब बस इंतजार है हमले का. दोनों टीमों के बीच पहला मुकाबला आज मैनचेस्टर में खेला जाना है. इस मुकाबले में टीम इंडिया की जीत में नकल सबसे बड़ा फैक्टर साबित होने वाला है. यहां नकल से मतलब चीटिंग से नहीं बल्कि नकल बॉल से है, जिसे फेंकने में IPL में हैदराबाद की टीम से खेलने वाले दो धुरंधर गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और सिदार्थ कॉल माहिर हैं. इन दोनों गेंदबाजों की खासियत उनकी नकल बॉल है. ये गेंद क्रिकेट के छोटे फॉर्मेट में किसी भी तेज गेंदबाज का अचूक हथियार साबित हो सकता है, बशर्ते कि उसे इसे सही तरीके से फेंकना आए. भुवनेश्वर और सिदार्थ कॉल में नकल बॉल को सही तरीके से डालने की पूरी काबिलियत है.

नकल बॉल क्या है?

नकल बॉल है क्या अब जरा वो समझिए. दरअसल, ये गेंद क्रिकेट की नहीं बल्कि अमेरिकी खेल बेसबॉल की देन है. ‘नकल’ यानी अंगुलियों का जोड़. नाम से तो लगता है कि इसे उस गेंद को कहते होंगे जो नकल के उपयोग से फेंकी जाती हो लेकिन ऐसा है नहीं. इस गेंद को गेंदबाज अपनी अंगुलियों के आखिरी छोर से पकड़कर फेंकते हैं. इस गेंद की खास बात ये है कि ये गेंद हवा में घूमती हुई नजर नहीं आएगी, बल्कि किसी एक दिशा में बिना हरकत के बिलकुल सीधी जाती नजर आएगी, जैसे कोई पत्थर फेंका गया हो. बाउंस के बाद ये गेंद हवा के दबाव और गेंदबाज के जोर को देखते हुए किसी भी दिशा में रुख कर सकती है. यही वजह है कि बल्लेबाजों के लिए इस गेंद पर शॉट का चयन करना बेहद मुश्किल होता जा रहा है.

साउथ अफ्रीका में भी भुवनेश्वर की सफलता में उनके नकल बॉल की अहम भूमिका रही थी.

इसके बाद IPL-11 में भी भुवी और सिदार्थ कॉल ने साथ मिलकर नकल बॉल से बड़े-बड़े गेंदबाजों को छकाया. नकल बॉल न सिर्फ विकेट चटकाने में अहम किरदार निभाता है बल्कि ये डेथ ओवर्स में गेंदबाज के लिए ब्रम्हास्त्र का काम करता है. इंग्लैंड के खिलाफ पहले T20 में प्लेइंग इलेवन में भुवी को जगह मिलना तय है. वहीं बुमराह की गैर-मौजूदगी सिदार्थ कॉल का प्लेइंग इलेवन में चुना जाना लगभग पक्का है. अब जब ये दोनों साथ होंगे तो इंग्लैंड की टीम का इनके नकल के आगे घुटने टेकना तय है.

https://youtu.be/Xny5jr2vDK4

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