रॉबर्ट वाड्रा की अग्रिम जमानत रद करने की याचिका पर सुनवाई टली

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दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को मनी लांड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा और उनके करीबी सहयोगी मनोज अरोड़ा को दी गई अग्रिम जमानत को रद करने को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका पर सुनवाई को टाल दी है। मामले की अगली सुनवाई 11 फरवरी को होगी।

इससे पहले 23 दिसंबर को वाड्रा की कानूनी टीम द्वारा वरिष्ठ वकील केटीएस तुलसी की अनुपस्थिति का हवाला देते हुए अधिक समय मांगने के बाद मामले को 14 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया था।

वाड्रा के करीबी और एनआरआइ बिजनेसमैन सी.सी. थम्पी को ईडी ने गिरफ्तार किया

समाचार एजेंसी आइएएनएस के अनुसार वाड्रा के करीबी और एनआरआइ बिजनेसमैन सी.सी. थम्पी को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। थम्पी को नई दिल्ली से शुक्रवार शाम को वाड्रा की विदेशी संपत्ति की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।। एजेंसी ने कहा कि थम्पी की गिरफ्तारी वाड्रा से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच के मद्देनजर हुई है।

ट्रायल कोर्ट ने वाड्रा और अरोड़ा को  दी थी अग्रिम जमानत

ट्रायल कोर्ट ने 1 अप्रैल को वाड्रा और अरोड़ा को अग्रिम जमानत दी थी। कोर्ट ने दोनों को 5 लाख रुपये के निजी मुचलके और इतने के ही जमानत राशी पर जमानत देने का निर्देश दिया था। रॉबर्ट वाड्रा कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पति हैं।

वाड्रा ने पूछताछ के दौरान सहयोग नहीं किया- ईडी

बाद में दोनों की अग्रिम जमानत को रद करने की मांग करते हुए, ईडी का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील डीपी सिंह ने कहा था कि ट्रायल कोर्ट ने कुछ तथ्यों पर विचार नहीं किया। ईडी ने कहा था कि वाड्रा ने पूछताछ के दौरान सहयोग नहीं किया।

अग्रिम जमानत ने जांच को बाधित किया

जांच एजेंसी ने दावा किया था कि वाड्रा और अरोड़ा को दी गई अग्रिम जमानत ने जांच को बाधित कर दिया। यह मामला लंदन स्थित 1.9 मिलियन पाउंड की संपत्ति की खरीद में कथित रूप से मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है।

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