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	<title>उत्तराखंड Archives - Haqeeqat Today</title>
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	<description>Most Popular Urdu News Paper &#38; Portal</description>
	<lastBuildDate>Sat, 27 Jun 2026 09:06:03 +0000</lastBuildDate>
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		<title>जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए 65 करोड़ !</title>
		<link>https://www.haqeeqattoday.com/news/334690</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Haqeeqat Today Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Jun 2026 09:06:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>रुद्रपुर में कृषि विभाग द्वारा आयोजित &#8216;खेत बचाओ अभियान&#8217; कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि मंत्री गणेश जोशी तथा जनपद प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा ने किया। इस अवसर पर ₹46.32 करोड़ की लागत से निर्मित 9 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>रुद्रपुर में कृषि विभाग द्वारा आयोजित &#8216;खेत बचाओ अभियान&#8217; कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि मंत्री गणेश जोशी तथा जनपद प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा ने किया। इस अवसर पर ₹46.32 करोड़ की लागत से निर्मित 9 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा ₹323.34 करोड़ की लागत के 32 विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। इस प्रकार कुल ₹369.66 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया।</p>
<p>केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब खेत बचेंगे तो जमीन बचेगी, जमीन बचेगी तो पृथ्वी बचेगी और पृथ्वी बचेगी तो जीवन सुरक्षित रहेगा।उन्होंने किसानों से मृदा संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि भूमि केवल उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी धरती माता है, जिसका संरक्षण हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और निकट भविष्य में हॉर्टिकल्चर हब के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा। इस दिशा में भारत सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।</p>
<p>केंद्रीय मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि सेब, अखरोट एवं बादाम सहित उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधों के उत्पादन हेतु मुक्तेश्वर में ₹100 करोड़ की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किया जाएगा। बड़ी नर्सरी स्थापित करने वालों को ₹4 करोड़ तथा छोटी नर्सरी स्थापित करने वालों को ₹2 करोड़ तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि चौबटिया (अल्मोड़ा) में ₹15 करोड़ की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त न्यूजीलैंड के सहयोग से उत्तराखण्ड में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ₹15 करोड़ की विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ (फेंसिंग) कार्य हेतु ₹65 करोड़ उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही प्रदेश में ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित करने के लिए ₹104 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की जा रही है, जिससे किसानों को मौसम की सटीक जानकारी समय पर उपलब्ध हो सकेगी तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ और अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकेगा।</p>
<p>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वस्थ किसान, स्वस्थ मिट्टी तथा स्वस्थ कृषि व्यवस्था ही विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड की सशक्त नींव है। उन्होंने कहा कि &#8220;खेत बचाओ अभियान&#8221; केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का जन आंदोलन है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्राकृतिक खेती, कृषि अवसंरचना तथा डिजिटल कृषि मिशन जैसी योजनाओं से किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को ₹3 लाख तक का ब्याज मुक्त कृषि ऋण उपलब्ध करा रही है। नहरों से सिंचाई की सुविधा निःशुल्क प्रदान की जा रही है तथा फार्म मशीनरी बैंक योजना के अंतर्गत कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को सशक्त बनाने के लिए रेनफेड फार्मिंग परियोजना भी स्वीकृत की गई है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>केदारनाथ धाम: इस बार मानसून से पहले ही हेली सेवा का संचालन बंद</title>
		<link>https://www.haqeeqattoday.com/news/334684</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Haqeeqat Today Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Jun 2026 05:51:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही हेली सेवा का संचालन शुरू किया गया था। 25 जून 2026 तक की यात्रा अवधि में कुल 11800 से अधिक शटल (उड़ान) की। इसमें 1.37 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने हेलिकॉप्टर से केदारनाथ की यात्रा की। चारधाम यात्रा में केदारनाथ हेली सेवा का संचालन &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही हेली सेवा का संचालन शुरू किया गया था। 25 जून 2026 तक की यात्रा अवधि में कुल 11800 से अधिक शटल (उड़ान) की। इसमें 1.37 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने हेलिकॉप्टर से केदारनाथ की यात्रा की।</p>
<p>चारधाम यात्रा में केदारनाथ हेली सेवा का संचालन इस बार मानसून आने से पहले बंद कर दिया गया है। डीजीसीए की ओर से 25 जून से आगे हेली सेवा संचालन की अनुमति नहीं दी गई। अब मानसून सीजन समाप्त होने के बाद सितंबर से हेली सेवा दोबारा से संचालित की जाएगी।</p>
<p>22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही हेली सेवा का संचालन शुरू किया गया था। इस बार हेली सेवा के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से आठ हेली ऑपरेटरों का चयन किया। गुप्तकाशी, सिरसी, फाटा हेलिपैड से केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा संचालित की जाती है।</p>
<p>हेली ऑपरेटर कंपनी राजस ऐरा स्पोर्ट्स, ट्रांस भारत एविएशन, यूनाइटेड हेली चार्टर्स, हिमालयन हेली सर्विस, पिलिग्रिमेज एविएशन, एरो एयरक्राफ्ट, चिप्सन एविएशन व थंबी एविएशन ने माध्यम से 22 अप्रैल से 25 जून 2026 तक की यात्रा अवधि में कुल 11800 से अधिक शटल (उड़ान) की। इसमें 1.37 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने हेलिकॉप्टर से केदारनाथ की यात्रा की।</p>
<p>यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि डीजीसीए ने 25 जून तक केदारनाथ हेली सेवा की अनुमति दी थी। केदारघाटी में बारिश व मौसम खराब होने से हेली सेवा में सुरक्षा के लिहाज से संचालन को आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं दी है। मानसून सीजन खत्म होने के बाद सितंबर में फिर से हेली सेवा का संचालन किया जाएगा।</p>
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		<item>
		<title>उत्तराखंड: गंभीर बीमार और पारिवारिक परिस्थितियों वाले प्रकरण छोड़ अन्य शिक्षकों के तबादले लटके</title>
		<link>https://www.haqeeqattoday.com/news/334622</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Haqeeqat Today Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Jun 2026 05:49:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उत्तराखंड में शिक्षकों के तबादलों की प्रक्रिया एक बार फिर अटक गई है। शासन ने गंभीर बीमारियों और विशेष पारिवारिक परिस्थितियों वाले शिक्षकों के तबादलों को स्थानांतरण समिति के स्तर से नियमानुसार मंजूरी देने की अनुमति दे दी है, लेकिन दुर्गम से दुर्गम और सुगम से दुर्गम क्षेत्रों में अनुरोध आधारित अन्य तबादलों पर फैसला &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>उत्तराखंड में शिक्षकों के तबादलों की प्रक्रिया एक बार फिर अटक गई है। शासन ने गंभीर बीमारियों और विशेष पारिवारिक परिस्थितियों वाले शिक्षकों के तबादलों को स्थानांतरण समिति के स्तर से नियमानुसार मंजूरी देने की अनुमति दे दी है, लेकिन दुर्गम से दुर्गम और सुगम से दुर्गम क्षेत्रों में अनुरोध आधारित अन्य तबादलों पर फैसला फिलहाल टल गया है।</p>
<p>शासन ने गंभीर बीमार और पारिवारिक परिस्थितियों वाले शिक्षकों के तबादलों के प्रस्ताव को स्थानांतरण समिति के स्तर से किए जाने की मंजूरी दी है, लेकिन दुर्गम से दुर्गम एवं सुगम से दुर्गम क्षेत्र में अनुरोध वाले तबादले लटक गए हैं। शासन ने इन तबादलों पर फिर से विचार के लिए कार्मिक एवं सतर्कता विभाग को प्रस्ताव भेजा है। वहीं, जिन तबादलों के लिए मंजूरी मिली है, वह भी ऐसे समय पर मिली, जब तबादलों के लिए एक सप्ताह से भी कम समय बचा है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शासन को इसके लिए एक बार फिर समय बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया है।</p>
<p>शिक्षा विभाग में शिक्षक पूरे साल दुर्गम से सुगम क्षेत्र में तबादलों के लिए तबादला एक्ट के तहत तबादले का इंतजार करते रहते हैं, लेकिन पिछले साल जहां तबादला एक्ट के तहत शिक्षकों के तबादले नहीं हो पाए, वहीं सत्र 2026-27 में भी तबादलों के प्रस्तावों को ऐसे समय पर नियुक्ति प्राधिकारी के स्तर पर गठित तबादला समितियों को भेजने की मंजूरी मिली है, जब इसके लिए गिनती के कुछ दिन बचे हैं।</p>
<p>शासन ने जारी आदेश में कहा है कि धारा 27 के तहत चार प्रधानाचार्य, 91 प्रवक्ता, 97 सहायक अध्यापक एलटी गढ़वाल मंडल, 73 सहायक अध्यापक एलटी कुमाऊं मंडल के खुद, पति, पत्नी की गंभीर बीमारी, दिव्यांगता, बीमार बच्चों, विधवा, विधुर, तलाकशुदा, परित्यक्ता, आपदा प्रभावित एवं माता-पिता की गंभीर बीमारी के आधार पर तबादले प्रस्ताव पर स्थानांतरण समितियां कार्रवाई करेगी। जबकि अनुरोध के आधार पर दुर्गम से दुर्गम और सुगम से दुर्गम क्षेत्र में तबादलों के लिए कार्मिक एवं सतर्कता विभाग से परामर्श के बाद अगल से आदेश जारी किया जाएगा।</p>
<p><strong>तबादलों के लिए अंतिम तिथि 30 जून<br />
</strong>तबादला एक्ट के तहत शिक्षकों, कर्मचारियों के तबादलों के लिए अंतिम तिथि 10 जून है, लेकिन तय समय पर तबादलों की प्रक्रिया पूरी न होने से कार्मिक विभाग ने इसे बढ़ाकर 30 जून किया था, लेकिन शिक्षा विभाग में 30 जून तक तबादले संभव नहीं हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तबादलों के लिए शासन से और समय मांगा गया है। समय मिलने पर ही तबादले किए जा सकेंगे।</p>
<p><strong>तबादलों के लिए अब तक मुख्य निर्वाचन अधिकारी से भी नहीं ली गई अनुमति<br />
</strong>देहरादून। शिक्षा विभाग ने तबादलों के लिए प्रस्ताव को नियुक्ति प्राधिकारी के स्तर पर गठित तबादला समितियों को भेजने की मंजूरी दी हैं, लेकिन तबादलों के लिए अब तक मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से अनुमति नहीं ली गई। जबकि मुख्य निर्वाचन अधिकारी के स्तर से स्पष्ट निर्देश है कि राज्य में निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण का काम चल रहा है। इस काम से जुड़े किसी भी अधिकारी का तबादला बिना आयोग की पूर्व अनुमति के न किया जाए।</p>
<p><strong>अनुरोध के आधार पर तबादलों के लिए मांगे जाएंगे नए आवेदन<br />
</strong>देहरादून। शिक्षा सचिव रविनाथ रामन के मुताबिक तबादलों के लिए मिले जिन प्रस्तावों को नियुक्ति प्राधिकारी के स्तर पर गठित तबादला समितियों को भेजा गया है, ये प्रस्ताव पिछले साल के हैं। तबादलों के इन प्रस्तावों के साथ नए आवेदन भी मांगे जाएंगे। वहीं, तबादलों के लिए कार्मिक विभाग से और समय मांगा जाएगा।</p>
<p>The post <a href="https://www.haqeeqattoday.com/news/334622">उत्तराखंड: गंभीर बीमार और पारिवारिक परिस्थितियों वाले प्रकरण छोड़ अन्य शिक्षकों के तबादले लटके</a> appeared first on <a href="https://www.haqeeqattoday.com">Haqeeqat Today</a>.</p>
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			</item>
		<item>
		<title>राजाजी में गूंजेगी दहाड़, कॉर्बेट से पांच और बाघ लाने की मिली मंजूरी</title>
		<link>https://www.haqeeqattoday.com/news/334619</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Haqeeqat Today Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Jun 2026 05:37:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>उत्तराखंड में बाघ संरक्षण की महत्वाकांक्षी पहल को नया बल मिला है। राजाजी टाइगर रिजर्व के पश्चिमी-दक्षिणी हिस्से में बाघों की स्थायी और संतुलित आबादी विकसित करने की दिशा में दूसरे चरण की तैयारी शुरू हो गई है। राजाजी टाइगर रिजर्व के पश्चिमी-दक्षिणी क्षेत्र में बाघों की संख्या बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ी &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>उत्तराखंड में बाघ संरक्षण की महत्वाकांक्षी पहल को नया बल मिला है। राजाजी टाइगर रिजर्व के पश्चिमी-दक्षिणी हिस्से में बाघों की स्थायी और संतुलित आबादी विकसित करने की दिशा में दूसरे चरण की तैयारी शुरू हो गई है।</p>
<p>राजाजी टाइगर रिजर्व के पश्चिमी-दक्षिणी क्षेत्र में बाघों की संख्या बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ी सफलता मिली है। पार्क प्रशासन को अब कार्बेट नेशनल पार्क से पांच और बाघों को लाने के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) से सहमति मिल गई है। इनमें तीन बाघिन और दो बाघ शामिल हैं। पार्क प्रशासन ने इसके लिए एनटीसीए के समक्ष प्रस्तुतीकरण दिया था। इससे क्षेत्र पार्क के पश्चिमी क्षेत्र में बाघों के कुनबे के विस्तार और जैव विविधता संरक्षण को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जगी है।</p>
<p>पिछले कई वर्षों से राजाजी टाइगर रिजर्व के पश्चिमी क्षेत्र में बाघों की स्थायी आबादी विकसित करने के प्रयास किए जा रहे थे। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के मार्गदर्शन में बाघ पुनर्वास परियोजना शुरू की गई थी। इसके तहत दिसंबर 2020 में पहला बाघ सफलतापूर्वक यहां लाया गया था।</p>
<p>वर्ष 2020 से 2025 के बीच कार्बेट से कुल पांच बाघों (तीन बाघिन और दो बाघ) को राजाजी के पश्चिमी क्षेत्र में स्थानांतरित किया गया। सभी बाघों का मेडिकल परीक्षण करने के बाद उन्हें सैटेलाइट रेडियो कॉलर पहनाकर जंगल में छोड़ा गया था, ताकि उनकी गतिविधियों और स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा सके। मई 2025 में पांचवें बाघ को मोतीचूर रेंज में छोड़े जाने के साथ परियोजना का पहला चरण पूरा हुआ था।</p>
<p>अब दूसरे चरण के तहत फिर से तीन बाघिन और दो बाघ राजाजी लाए जाएंगे। वन अधिकारियों का मानना है कि इससे पश्चिमी-दक्षिणी क्षेत्र में बाघों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ उनका प्राकृतिक प्रजनन भी तेज होगा। इससे न केवल वन्यजीव संरक्षण को बल मिलेगा, बल्कि राजाजी देश के प्रमुख बाघ आवासों में और अधिक मजबूत पहचान बना सकेगा।</p>
<p><strong>पूर्व में उम्मीदों को लगा था झटका<br />
</strong>राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन नेशनल पार्क के पश्चिमी हिस्से में बाघों की आबादी बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। वर्ष 2024 में यहां बाघिन ने चार शावकों को जन्म दिया तो राजाजी प्रशासन को उम्मीदें भी जगीं, लेकिन इस कवायद को झटका तब लगा जब दो शावकों को गुलदार ने हमला कर शिकार बना लिया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गुलदार के निशान सामने आए थे। हालांकि बाद में दो शावकों का अभी भी पता नहीं चल पाया था। वहीं 2020 से 2025 तक लाए गए पांच बाघों में से तीन बाघों की पार्क की से बाहर चले जाने की आशंका है। जिनमें से एक बाघ कभी कभार पार्क सीमा के भीतर आ जाता है।</p>
<p><strong>बाघ विहीन था पश्चिमी क्षेत्र<br />
</strong>राजाजी टाइगर रिजर्व में कुल 55 बाघ हैं। सभी बाघ पूर्वी क्षेत्र में हैं क्योंकि यह क्षेत्र नेशनल कार्बेट पार्क से जुड़ा हुआ है। पश्चिमी हिस्सा बाघ विहीन हो गया था। अत्यधिक मानवीय निर्मित अवरोधों के चलते बाघों का मूवमेंट नहीं हो पा रहा था। राजाजी नेशनल पार्क गंगा के कारण पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्र में बंटा हुआ है। पूर्वी क्षेत्र में तीन रेंज (गौरी, चोला व रवासन रेंज) और पश्चिमी क्षेत्र में सात रेंज (हरिद्वार, कांसरो, मोतीचूर, धोलखंड, बेरीबाड़ा, चीलावाली व रामगढ़) हैं। पश्चिमी क्षेत्र में मानव निर्मित अवरोध सड़कें व चीला नहर आदि होने से यहां बाघों का मूवमेंट नहीं हो पा रहा था जबकि यहां प्रचुर मात्रा में संसाधन हैं। यह क्षेत्र कहीं ज्यादा बाघों को वहन कर सकता है।</p>
<p><strong>2016 में बनी थी बाघ शिफ्टिंग योजना<br />
</strong>राजाजी टाइगर रिजर्व में बाघों का कुनबा बढ़ाने के लिए बाघ शिफ्टिंग योजना वर्ष 2016 में बनाई गई थी। वर्ष 2018 में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से इसे मंजूरी मिली। 24 दिसंबर 2020 को पहले बाघ को मोतीचूर में शिफ्ट किया गया था। इसके बाद नौ जनवरी 2021 को बाघिन, 20 मई 2023 को बाघिन, 16 मार्च 2024 को बाघिन और अब एक मई 2025 को एक बाघ को यहां शिफ्ट किया गया।</p>
<p>पार्क के पश्चिमी क्षेत्र में पांच बाघों को फिर लाए जाने के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) प्रस्तुतीकरण दिया गया है। एनटीसीए ने बाघों को लाने की सहमति दी है। जल्द ही लिखित में यह सहमति प्राप्त हो जाएगी। जिसके बाद अन्य प्रक्रियाएं शुरू होंगी। <strong>– कोको रोशे, निदेशक, राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क।</strong></p>
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			</item>
		<item>
		<title>नगरासू गुरुद्वारा विवाद: मुख्यमंत्री धामी ने कहा- श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता</title>
		<link>https://www.haqeeqattoday.com/news/334593</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Haqeeqat Today Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Jun 2026 11:35:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने वालों से अपील की कि वे समाज और समुदायों को बांटने का प्रयास न करें। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम व हेमकुंड साहिब यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुख-सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://www.haqeeqattoday.com/news/334593">नगरासू गुरुद्वारा विवाद: मुख्यमंत्री धामी ने कहा- श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता</a> appeared first on <a href="https://www.haqeeqattoday.com">Haqeeqat Today</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने वालों से अपील की कि वे समाज और समुदायों को बांटने का प्रयास न करें।</p>
<p>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम व हेमकुंड साहिब यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुख-सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों का देवभूमि में स्वागत है। उत्तराखंड आस्था, संस्कृति और प्रकृति की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों से अपील की कि वे देवभूमि के शांत वातावरण में अपनी यात्रा का पूर्ण आनंद लें और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्णप्रयाग और नगरासू में सामने आई घटनाओं के संबंध में सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार, प्रशासन एवं पुलिस आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं। जांच में जो भी दोषी पाया गया है, उसके विरुद्ध कार्रवाई की गई है व सभी तथ्यों के आधार पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने वालों से अपील की कि वे समाज और समुदायों को बांटने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के लोगों ने मिल-जुलकर देश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रामक और भड़काऊ खबरें फैलाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p><strong>40 लाख से ज्यादा श्रद्धालु कर चुके दर्शन<br />
</strong>मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चारधाम यात्रा के साथ-साथ हेमकुंड साहिब यात्रा भी सुचारू रूप से संचालित हो रही है। चारधाम यात्रा में अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं, हेमकुंड साहिब यात्रा के शुरुआती दिनों में ही श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 25 हजार अधिक दर्ज की गई है।</p>
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		<item>
		<title>हरि सेवा आश्रम में श्रीमद् संत सम्मेलन, सीएम धामी, विधानसभा अध्यक्ष सहित कई नेता मंत्री हुए शामिल</title>
		<link>https://www.haqeeqattoday.com/news/334572</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Haqeeqat Today Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Jun 2026 10:14:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>हरिद्वार स्थित हरि सेवा आश्रम में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के समापन अवसर पर संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, योग गुरु बाबा रामदेव और अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित सम्मेलन का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>हरिद्वार स्थित हरि सेवा आश्रम में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के समापन अवसर पर संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, योग गुरु बाबा रामदेव और अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित सम्मेलन का शुभारंभ किया।</p>
<p>कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, आचार्य बालकृष्ण, निरंजन पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज और कैलाश विजयवर्गीय सहित कई नेता संत पहुंचे।</p>
<p>संत सम्मेलन में धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रहे।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<item>
		<title>सीएम धामी ने बनबसा में युवाओं, छात्रों व जवानों संग किया योग, दी शुभकामनाएं</title>
		<link>https://www.haqeeqattoday.com/news/334550</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Haqeeqat Today Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 21 Jun 2026 08:28:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>भारतीय जनता पार्टी विश्व योग दिवस पर प्रदेश में योग कार्यक्रमों का आयोजन कर योग से निरोग के संदेश के साथ जन-जन को योग से जोड़ेगी। विश्व योग दिवस रविवार 21 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, राष्ट्रीय महामंत्री अरूण सिंह, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश &#8230;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>भारतीय जनता पार्टी विश्व योग दिवस पर प्रदेश में योग कार्यक्रमों का आयोजन कर योग से निरोग के संदेश के साथ जन-जन को योग से जोड़ेगी। विश्व योग दिवस रविवार 21 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, राष्ट्रीय महामंत्री अरूण सिंह, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक तथा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह बड़ी संख्या में जनमानस के साथ योग करके विश्व योग दिवस मनाएगें। भारतीय जनता पार्टी मंडल स्तर पर विश्व योग दिवस के कार्यक्रम आयोजित करेगी।</p>
<p>पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी तथा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी महाराजगंज में पार्टी के पदाधिकारियों, जनप्रनिधियों, कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय नागरिकों के साथ योग करेंगे। पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री अरूण सिंह हापुड़, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य प्रयागराज, ब्रजेश पाठक लखनऊ तथा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह लखनऊ के राजाजीपुरम् में विश्व योग दिवस पर आयोजित योग कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।</p>
<p>उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार में मंत्री एस.पी. सिंह बघेल आगरा, जयंत चौधरी मेरठ, हरदीप पुरी सोनभद्र तथा बीएल वर्मा लखनऊ में योग दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों में सम्मिलित रहेंगे। मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार के मंत्री, पार्टी के प्रदेश, क्षेत्र, जिला, मंडल, शक्ति केंद्र तथा बूथ के पदाधिकारी, सांसद, विधायक, नगर निगम के महापौर व सदस्य, नगर पालिका, नगर पंचायत अध्यक्ष व सदस्य, आयोग, बोर्ड, निगम के अध्यक्ष व सदस्य सहित सभी जनप्रतिनिधि, पार्टी के नेता तथा कार्यकर्ता स्थानीय नागरिकों के साथ विश्व योग दिवस के कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे। पार्टी मंडल स्तर पर योग शिविरों का आयोजन करेगी। इसके साथ ही विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, आध्यात्मिक तथा व्यावसायिक वर्गों के भी योग शिविर आयोजित किए जाएगें।</p>
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		<item>
		<title>बदरीनाथ धाम की दूरी 33 किमी होगी कम, 2027 तक तैयार होगा हेलंग-मारवाड़ी बाईपास</title>
		<link>https://www.haqeeqattoday.com/news/334511</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Haqeeqat Today Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 19 Jun 2026 07:17:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत निर्माणाधीन हेलंग-मारवाड़ी बाईपास मार्ग का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। करीब 6.5 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण बाईपास के वर्ष 2027 तक पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद है। इसके निर्माण के बाद बदरीनाथ धाम जाने वाले यात्रियों की करीब 33 किलोमीटर (आना-जाना) दूरी कम हो जाएगी। साथ ही &#8230;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत निर्माणाधीन हेलंग-मारवाड़ी बाईपास मार्ग का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। करीब 6.5 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण बाईपास के वर्ष 2027 तक पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद है। इसके निर्माण के बाद बदरीनाथ धाम जाने वाले यात्रियों की करीब 33 किलोमीटर (आना-जाना) दूरी कम हो जाएगी। साथ ही ज्योतिर्मठ और मारवाड़ी के बीच अक्सर लगने वाले लंबे जाम से भी राहत मिलेगी।</p>
<p>जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि परियोजना पर युद्धस्तर पर काम चल रहा है। इस पर मोटर पुल का निर्माण किया जा रहा है। निर्धारित समय के भीतर इसे पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान में मार्ग पर हिल कटिंग के साथ प्रथम चरण का डामरीकरण कार्य भी किया जा रहा है। अब तक लगभग पांच किलोमीटर क्षेत्र में पहाड़ी कटान का कार्य पूरा हो चुका है।</p>
<p><strong>बाईपास मार्ग सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण<br />
</strong>हेलंग से शुरू होकर यह बाईपास ज्योतिर्मठ से 13 किलोमीटर पहले मारवाड़ी पुल तक पहुंचेगा। परियोजना के पूरा होने के बाद बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा अधिक सुगम और सुरक्षित हो जाएगी।बीआरओ अधिकारियों के अनुसार, सड़क निर्माण के साथ डबल लेन डामरीकरण का कार्य किया जा रहा है।</p>
<p>वर्तमान में पहला डामर लेयर बिछाया जा रहा है, जबकि पूरी सड़क तैयार होने के बाद अंतिम डामरीकरण किया जाएगा। परियोजना के तहत एक बड़े और दो छोटे मोटर पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर कल्वर्ट बनाए जा रहे हैं ताकि बरसाती जल निकासी और सड़क की मजबूती सुनिश्चित की जा सके।</p>
<p>यह बाईपास मार्ग सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चीन सीमा से सटे क्षेत्रों तक सेना के भारी वाहनों और सैन्य उपकरणों को पहुंचाने में भी बड़ी सुविधा मिलेगी। वर्तमान में हेलंग से ज्योतिर्मठ और मारवाड़ी तक हाईवे का हिस्सा अपेक्षाकृत संकरा है, जिससे सेना को भारी उपकरण सीमा तक पहुंचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>सेना के प्रस्ताव पर मिली थी मंजूरी<br />
</strong>हेलंग-मारवाड़ी बाईपास का प्रस्ताव भारतीय सेना ने केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के समक्ष रखा था। सेना का मानना था कि इस मार्ग के निर्माण से सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चीन सीमा क्षेत्र तक पहुंच आसान होगी। अब परियोजना के अंतिम चरण में पहुंचने के साथ उम्मीद की जा रही है कि यह मार्ग न केवल तीर्थयात्रियों बल्कि स्थानीय लोगों और सेना के लिए भी बड़ी राहत साबित होगा।</p>
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		<item>
		<title>उत्तराखंड: राज्य खाद्य व अंत्योदय राशन कार्ड की अधिकतम आय सीमा में होगा बदलाव</title>
		<link>https://www.haqeeqattoday.com/news/334486</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Haqeeqat Today Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 09:06:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>राज्य खाद्य व अंत्योदय राशन कार्ड की अधिकतम आय सीमा में बदलाव होगा।कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने समिति बनाकर समीक्षा करने के निर्देश दिए। राशन विक्रेताओं को 39 करोड़ रुपये का लाभांश जारी होगा। प्रदेश में एपीएल (राज्य खाद्य योजना) और अंत्योदय राशन कार्ड की अधिकतम आय सीमा जल्द संशोधित की जाएगी। खाद्य एवं नागरिक &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>राज्य खाद्य व अंत्योदय राशन कार्ड की अधिकतम आय सीमा में बदलाव होगा।कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने समिति बनाकर समीक्षा करने के निर्देश दिए। राशन विक्रेताओं को 39 करोड़ रुपये का लाभांश जारी होगा।</p>
<p>प्रदेश में एपीएल (राज्य खाद्य योजना) और अंत्योदय राशन कार्ड की अधिकतम आय सीमा जल्द संशोधित की जाएगी। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को इसके निर्देश दिए। उन्होंने कहा, राशन विक्रेताओं का 39 करोड़ रुपये का बकाया लाभांश एक सप्ताह में जारी कर दिया जाएगा।</p>
<p>मंत्री रेखा आर्या ने समीक्षा बैठक में कहा कि राशन कार्ड बनाने के न्यूनतम आय मानक काफी पुराने हो चुके हैं। इससे लोगों को कार्ड बनवाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने अधिकारियों को एक समिति बनाकर इन मानकों की समीक्षा करने को कहा। समिति में सभी जिला पूर्ति अधिकारियों के सुझाव भी शामिल किए जाएंगे।</p>
<p>केंद्र सरकार से हाल ही में 39 करोड़ रुपये का बजट प्राप्त हुआ है। इसी के तहत नवंबर से जो लाभांश बकाया है उसे जारी किया जाएगा। बैठक में प्रमुख सचिव एल फैनई, खाद्य आयुक्त बंसीलाल राणा, अपर आयुक्त पीएस जंगपांगी, राशन विक्रेता संगठन के अध्यक्ष रेवाधर बृजवासी आदि मौजूद रहे।</p>
<p><strong>राशन वितरण प्रणाली होगी ऑनलाइन<br />
</strong>बैठक में राशन विक्रेता संगठन के पदाधिकारियों ने राज्य खाद्य योजना के तहत लाभांश 50 रुपये से बढ़ाकर 180 रुपये करने की मांग उठाई। इस पर मंत्री ने कैबिनेट में जल्द प्रस्ताव लाने का आश्वासन दिया। राशन विक्रेताओं की मांग पर मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 30 जून तक राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह ऑनलाइन किया जाए। इससे मैन्युअल रजिस्टर रखने की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी। राशन कार्ड बनाने के लिए एक नए सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जा रहा है। कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए जल्द प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए केंद्र से दो प्रशिक्षक बुलाए गए हैं।</p>
<p><strong>चारधाम यात्रा और गैस आपूर्ति<br />
</strong>बैठक में चारधाम यात्रा को देखते हुए भी विशेष निर्देश दिए गए हैं। सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को अगले तीन माह का राशन जल्द दुकानों तक पहुंचाने को कहा गया है। इससे राशन वितरण में कोई देरी नहीं होगी। एलपीजी गैस आपूर्ति की समीक्षा करने के बाद मंत्री ने बताया। प्रदेश में घरेलू और व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति अब पूरी तरह नियमित है। कहीं से भी गैस की कमी की कोई शिकायत नहीं है।</p>
<p>The post <a href="https://www.haqeeqattoday.com/news/334486">उत्तराखंड: राज्य खाद्य व अंत्योदय राशन कार्ड की अधिकतम आय सीमा में होगा बदलाव</a> appeared first on <a href="https://www.haqeeqattoday.com">Haqeeqat Today</a>.</p>
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		<item>
		<title>हाईटेक होगा दून एयरपोर्ट: सुरक्षित उड़ान के लिए बनेगी नई आधुनिक एटीसी बिल्डिंग</title>
		<link>https://www.haqeeqattoday.com/news/334464</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Haqeeqat Today Web]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 17 Jun 2026 09:26:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदेश]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.haqeeqattoday.com/?p=334464</guid>

					<description><![CDATA[<p>देहरादून एयरपोर्ट पर विमानों के सुरक्षित संचालन को और बेहतर बनाने के लिए एक नई आधुनिक एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा। वर्तमान बिल्डिंग के स्थान पर परिसर में ही अन्य उचित जगह बनने वाली इस नई बिल्डिंग में अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इससे एटीसी की कार्यक्षमता बढ़ेगी और अधिकारी एक साथ &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://www.haqeeqattoday.com/news/334464">हाईटेक होगा दून एयरपोर्ट: सुरक्षित उड़ान के लिए बनेगी नई आधुनिक एटीसी बिल्डिंग</a> appeared first on <a href="https://www.haqeeqattoday.com">Haqeeqat Today</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>देहरादून एयरपोर्ट पर विमानों के सुरक्षित संचालन को और बेहतर बनाने के लिए एक नई आधुनिक एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा। वर्तमान बिल्डिंग के स्थान पर परिसर में ही अन्य उचित जगह बनने वाली इस नई बिल्डिंग में अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इससे एटीसी की कार्यक्षमता बढ़ेगी और अधिकारी एक साथ अधिक विमानों को नियंत्रित कर सकेंगे।</p>
<p>नई ऑटोमेशन और आधुनिक सर्विलांस सुविधाओं से एयर स्पेस और एयरपोर्ट रनवे की क्षमता बढ़ेगी। आधुनिक सुविधाओं वाला नया एटीसी तैयार होने पर उसी एयरस्पेस में ज्यादा उड़ानों को नियंत्रित किया जा सकेगा। देहरादून एयरपोर्ट के आसपास का अधिकांश एयरस्पेस वायु सेना नियंत्रित करती है।</p>
<p>वर्तमान में देहरादून एयरपोर्ट पर प्रतिदिन 22 से 24 उड़ानें आवाजाही करती हैं। प्राइवेट विमान और हेलिकॉप्टरों की संख्या अलग है। नए एटीसी बिल्डिंग तैयार होने और उसमें नए आधुनिक उपकरण लगने से एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ेगी, जिससे विमानों की आवाजाही और बेहतर तरीके से नियंत्रित की जा सकेगी।</p>
<p><strong>400 करोड़ की लागत से बनाया गया बड़ा टर्मिनल<br />
</strong>70 के दशक में बिरला द्वारा बनाई गई छोटी सी हवाई पट्टी को विकसित कर 2006-07 में देहरादून एयरपोर्ट का रूप दिया गया था। उस वक्त एटीसी, मौसम विभाग आदि की नई बिल्डिंग बनाई गई थी। तब टर्मिनल एक छोटे से भवन में संचालित किया जाता था।</p>
<p>2010 में करीब 30 करोड़ की लागत से नया टर्मिनल बनाया गया था। पैसेंजर बढ़ने के बाद करीब 400 करोड़ की लागत से बड़ा टर्मिनल बनाया गया। इसी टर्मिनल भवन में 2024 से एयरपोर्ट संचालित किया जा रहा है। इसकी क्षमता पीक ऑवर में 3240 पैसेंजर तक की है, जबकि पुराने टर्मिनल में सिर्फ डेढ़ सौ पैसेंजर ही हैंडल किए जा सकते थे।</p>
<p>देहरादून एयरपोर्ट पर नई एटीसी बिल्डिंग बनाई जानी प्रस्तावित है, जिसमें अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इससे मौजूदा एयर स्पेस में ही और अधिक विमानों की आवाजाही सुनिश्चित की जा सकेगी। वहीं फ्लाइटों के संचालन में विलंब भी कम होगा। <strong>– भूपेश सीएच नेगी, एयरपोर्ट निदेशक</strong></p>
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