अखबारी कागज से जीएसटी मुक्त कराने हेतु हर सम्भव प्रयास करेंगे-मुख्य सचिव

लखनऊ, 25 अप्रैल। केन्द्र सरकार द्वारा अखबारी कागज पर लागू जीएसटी को लेकर आज पत्रकारो का एक समूह प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार और प्रमुख सचिव वाणिज्य कर आलोक सिंहा से मिलकर जीएसटी समाप्त कराने हेतु ज्ञापन दिया। पत्रकारों के प्रतिनिधि मन्डल को आश्वत करते हुये मुख्य सचिव ने कहा अखबारी कागज से जीएसटी हटाने के लिये वह हर सम्भव प्रयास करेंगे।

केन्द्र सरकार द्वारा न्यूजप्रिंट पर लागू किये गये जीएसटी से देश के लगभग सभी लघु एवं मध्यम समाचार पत्र बंदी की कगार पर पहुॅच गये है। इतना ही नही यदि न्यूजप्रिंट से जीएसटी मुक्त नही किया गया तो देश के लाखों पत्रकार एवं उनसे जुड़े कर्मचारी बेरोजगार हो जायेंगे। क्योंकि अखबार नही रहेगा तो पत्रकार नही रहेगा, इसी को ध्यान में रखकर आज आल इण्डिया स्माल एंड मीडियम न्यूजपेपर्स फेडरेशन की उत्तर प्रदेश इकाई के पदाधिकारी, पत्रकारों एवं प्रकाशकों का एक प्रतिनिधि मण्डल उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार एवं प्रमुख सचिव वाणिज्यकर आलोक सिंहा से मिलकर, उनको जीएसटी से समाचार पत्रों को होने वाली समस्याओं से अवगत कराया तथा न्यूजप्रिंट से जीएसटी हटाने के लिये ज्ञापन दिया। संगठन द्वारा दिये गये ज्ञापन मुख्य सचिव ने आश्वासन दिया कि वह इस प्रकरण पर गम्भीरता से विचार करते हुए जीएसटी काउंसिल को अखबारी कागज को जीएसटी से मुक्त करने के हेतु अपनी संस्तुति सहित पत्र भेजेंगे। 

मुख्य सचिव राजीव कुमार एवं प्रमुख सचिव वाणिज्यकर आलोक सिंहा से मिलने वाले प्रतिनिधि मण्डल में आल इण्डिया स्माल एंड मीडियम न्यूजपेपर्स फैडरेशन की उत्तर प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष हेमन्त मैथिल, उपाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार गौतम, सचिव नीरज श्रीवास्तव, सचिव प्रमोद श्रीवास्तव, जेड ए आजमी, अजय श्रीवास्तव, शैलेन्द्र श्रीवास्तव, स्वतंत्र भारत समाचार पत्र के संजय सिंह श्रीवास्तव, आज समाचार पत्र के हरिन्दर सिंह साहनी थे। 

गौरतलब है कि इससे पहले प्रतिनिधि मण्डल प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक,केन्द्रीय वित्तमंत्री अरूण जेटली, उत्तर प्रदेश के वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल को भी न्यूजप्रिंट से जीएसटी हटाने की मांग को लेकर ज्ञापन दे चुका है।

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