छोटे लिंग को लेकर है टेंशन, तो करें सिर्फ ये एक उपाय

आज के समय में पॉर्न फिल्मों को देखना बहुत ही कॉमन बात है। आज के समय में आपको कई ऐसे लोग मिल जायेंगे जिन्हें पॉर्न वीडियोज देखने की दिलचस्पी होती है। लेकिन क्या आपको मालूम है कि ये पॉर्न फ़िल्में आपके जीवन पर क्या प्रभाव डालती हैं। दरअसल, ऐसी फ़िल्में इंसान की सोंच को बहुत हद तक प्रभावित करती हैं। अधिकतर पुरुष अपनी सेक्स लाइफ की तुलना एक पॉर्न फिल्म से करने लगते हैं और खुद की एक पॉर्न स्टार से।

एक न्यूज पोर्टल से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ डॉक्टर्स का कहना है कि पुरुष प्रोफेशनल पॉर्न स्टार्स की तरह परफॉर्म करने के प्रेशर में आ जाते हैं। पुरुषों में चिंता की वजह होती है कि कहीं उनका बॉडी पार्ट छोटा तो नहीं। वे सोचते हैं कि छोटे बॉडी पार्ट की वजह से उनका पार्टनर संतुष्ट न हो रहा हो।

एकदम नॉर्मल और स्वस्थ शरीर होने के बावजूद पुरुषों को अपने बॉडी पार्ट को लेकर चिंता होती है। डॉक्टर भोंसले का कहना है, ‘वे यह सोच ही नहीं पाते कि साइज से उनके पार्टनर की संतुष्टि पर कोई फर्क नहीं पड़ता। पुरुषों को यह पता ही नहीं होता कि कई लोग बड़े बॉडी पार्ट के बाद भी अपने पार्टनर को संतुष्ट नहीं कर पाते जबकि कुछ लोग छोटे बॉडी पार्ट के साथ भी पार्टनर को अच्छी तरह संतुष्ट कर लेते हैं।

पॉर्न फिल्मों की वजह से ही पुरुष टेंशन में आ जाते और सोंचते हैं कि वे भी अपने पार्टनर के साथ सेक्स के दौरान उतना ही समय बिताए जितना एक पॉर्न स्टार बिताता है।

इसके अलावा पॉर्न फ़िल्में पुरुषों की सेक्स लाइफ को भी प्रभावित करती हैं। दरअसल, पुरुष अपने पार्टनर के साथ सेक्स करने के दौरान वो पोजीशंस ट्राई करने की कोशिश करते हैं जिन्हें वे पॉर्न फिल्मों में देखते हैं। लेकिन सेक्स के दौरान कई बार वे लाख कोशिश के बाद भी उस पोजीशन में सेक्स नहीं कर पाते। और उनका मन दुखी हो जाता है।

E-Paper