
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और उनकी पत्नी हिलेरी क्लिंटन एपस्टीन जांच में अमेरिकी हाउस के सामने पेश होंगे। वे अब कांग्रेस की जांच में गवाही देने को तैयार हो गए हैं। यह फैसला उन्होंने तब लिया जब इसकी अवहेलना करने पर उनपर अवमानना लग सकता था।
यह जांच सेक्स अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी है। उसकी मौत 2019 में हिरासत में हो गई थी। एपस्टीन के साथ दुनिया भर के बड़े-बड़े कारोबारी, राजनेता और हस्तियां जुड़ी हुई थीं। क्लिंटन दंपती की एपस्टीन से पुरानी मुलाकातें और संपर्क इस जांच का मुख्य हिस्सा बने हुए हैं।
क्लिंटन दंपती अब देंगे गवाही
क्लिंटन के प्रवक्ता एंजेल उरेना ने एक्स पर पोस्ट किया कि पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन जांच के लिए पेश होंगे। उन्होंने लिखा, “पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व विदेश मंत्री वहां होंगे। वे ऐसी मिसाल कायम करना चाहते हैं जो सभी पर लागू हो।”
यह फैसला ऐसे समय आया है जब हाउस में अवमानना रेजोल्यूशन पर वोट होने वाला था। हाउस ओवरसाइट कमिटी ने पिछले हफ्ते क्लिंटन दंपती के खिलाफ अवमानना की सिफारिश की थी, जिसमें कुछ डेमोक्रेट्स का भी साथ था। अवमानना पास होने पर उन्हें आपराधिक आरोपों का सामना करना पड़ सकता था।
समन को मानने से किया था इनकार
क्लिंटन दंपती ने पहले समन को मानने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि ये समन वैध नहीं हैं क्योंकि इनका कोई स्पष्ट विधायी मकसद नहीं है। इसके बजाय उन्होंने लिखित शपथ-पत्र दिए थे, जिसमें एपस्टीन और उसकी साथी घिस्लेन मैक्सवेल के बारे में अपनी जानकारी बताई थी।
बिल क्लिंटन ने माना कि उन्होंने 2000 के दशक में क्लिंटन फाउंडेशन के मानवीय कामों के लिए एपस्टीन के निजी जेट पर उड़ान भरी थी, लेकिन उन्होंने एपस्टीन के निजी द्वीप पर कभी जाने से इनकार किया। हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि उनकी एपस्टीन से कोई खास बातचीत नहीं हुई, वे कभी उसके जेट पर नहीं चढ़ीं और न ही द्वीप पर गईं थीं।