ओपी रावत ने कहा-हर मतदाता को चुनाव प्रक्रिया से जोड़ना हमारी पहली प्राथमिकता:

नवनियुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त ओमप्रकाश रावत ने खास बातचीत में कहा कि भारत जैसे विशाल देश में हर मतदाता को चुनाव प्रक्रिया से जोड़ना और मतदान में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना हमारी पहली प्राथमिकता है। निर्वाचन आयोग ने अपना ध्येय वाक्य ही रखा है- कोई मतदाता छूट न जाए। स्कूल, कॉलेज, आंगनवाड़ी, सामाजिक संस्थाएं सहित जहां से भी हम मतदाताओं को जोड़ सकते हैं, जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कब तक 100 फीसद मतदाता सूची में जुड़ जाएंगे, यह कहना संभव नहीं है, क्योंकि हर साल 18 साल के होने वाले महिला-पुरुष को जोड़ने की प्रक्रिया सतत चलती रहेगी। नई व्यवस्था के तहत मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, पता बदलवाने सहित कई ऑनलाइन सेवाएं शुरू की हैं।

ओपी रावत

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सहित 17 राज्यों में पिछले साल शुरू हुए इस प्रोजेक्ट का काफी अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। जल्द ही इसे बाकी राज्यों में भी शुरू करेंगे। इससे मतदाताओं को लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। वे खुद ही अपना नाम जुड़वा या हटवा सकेंगे। साथ ही उसमें करेक्शन भी कर सकेंगे। बार-बार पता बदलने की वजह से मतदाताओं को जो परेशानी आती थी, वो भी दूर हो जाएगी।

मध्यप्रदेश के मतदाताओं पर फोकस

 

रावत का कहना है कि इस साल हमारा फोकस मध्य प्रदेश के मतदाताओं पर रहेगा, क्योंकि वहां साल के अंत में विधानसभा चुनाव है। उसके बाद लोकसभा चुनाव है। मध्य प्रदेश के लिए वर्तमान में सबसे बड़ी चुनौती छिंदवाड़ा, अनूपपुर जैसे आदिवासी बहुल इलाकों में मतदाताओं को सूची में जोड़ना और उन्हें मतदान के लिए प्रेरित करना है। आमतौर पर इन इलाकों में लोग मजदूरी के लिए बाहर चले जाने से यह परेशानी आती है। चुनाव में मुख्य फोकस महिलाओं, निशक्तजन, युवा, जनजातीय समुदाय, मजदूर-बेघर आबादी, शहरी आबादी, उग्रवाद प्रभावित इलाके, अप्रवासी भारतीय, रक्षा कर्मी, वरिष्ठ नागरिक रहेंगे।

 1977 बैच और मध्य प्रदेश कैडर के आईएस अधिकारी और वर्तमान में चुनाव आयुक्त की जिम्मेदारी संभाल रहे ओम प्रकाश रावत भारत के अगले मुख्य चुनाव आयुक्त होंगे। सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त एके ज्योति का कार्यकाल पूरा हो रहा है। ओम प्रकाश रावत, ए के ज्‍योति का स्थान लेंगे और 23 जनवरी को मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त का पदभार ग्रहण करेंगे।
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