जाने डायरिया के लक्षण और इसके होने पर क्या खाएं और क्या नहीं…

सर्दी-जुकाम और बुखार की तरह डायरिया भी आम समस्या है, हालाँकि इसे एक गंभीर समस्या भी माना जाता है। गर्मी और बरसात के मौसम में इसका प्रकोप सबसे ज्यादा होता है। वहीं इसके पीछे अहम कारण गंदगी माना जाता है। इस दौरान पेट में ऐंठन और सूजन बहुत अधिक तकलीफदायक होती है। वैसे डायरिया होने पर बार-बार उल्टी और दस्त होता है और यही डायरिया के लक्षण हैं। वहीं अगर डायरिया का इलाज सही वक्त पर न किया जाए, तो इससे जान भी जा सकती है। अब आज हम आपको बताएंगे डायरिया के लक्षण और इसके होने पर क्या खाएं और क्या नहीं।

डायरिया के लक्षण-
पेट दर्द
सूजन
पेट में मरोड़
वजन घटना
बुखार
मल में रक्त आना
लगातार उल्टी होना
लगातार लूज मोशन होना
शरीर में दर्द
बार-बार प्यास लगना
डिहाइड्रेशन
सिरदर्द

डायरिया में क्या खाना चाहिए- दस्त होने पर आपको दिनभर में थोड़ा-थोड़ा खाना चाहिए। इसके अलावा दस्‍त होने पर ब्लैंड फूड का सेवन करना चाहिए। जी दरअसल मुलायम, लो डायट्री फाइबर, कच्‍चे की बजाय पके हुए और कम मसालेदार खाने को ब्‍लैंड फूड कहते हैं। इसके अलावा दस्त होने पर आप ओटमील, दलिया, केले, सफेद चावल, ब्रेड, उबले हुए आलू खा सकते हैं। इसी के साथ दस्त होने पर खाने में चावल और मूंग दाल की पतली खिचड़ी दही के साथ खाएं। जी दरअसल दही में प्रोबायोटिक्‍स होते हैं जो पेट में गुड और बैड बैक्टीरिया के बैलेंस को ठीक करते हैं। इसलिए दही का सेवन जरूर करें। इसके अलावा डायरिया होने पर ऐसे प्रोबायोटिक्‍स का सेवन करें जो दूध से न बने हों। दूध से बने उत्‍पाद पेट को और खराब कर सकते हैं। इसी के साथ दस्‍त होने पर ज्यादा से ज्यादा लिक्विड पीएं। खूब सारा पानी पिएं। पानी में ओआरएस डालकर पीएं। इसी के साथ ध्यान रहे डायरिया होने पर खनिज और इलेक्‍ट्रोलाइट की कमी हो जाती है, इसलिए हर मोशन के बाद पानी जरूर पिए। इसके अलावा आप नारियल पानी, इलेक्‍ट्रोलाइट वॉटर और स्‍पोर्ट्स ड्रिंक्‍स भी पी सकते हैं। इसी के साथ दस्त होने पर पका हुआ केला खा सकते हैं।

डायरिया में क्या ना खाएं- अगर आपको उल्टी दस्त की समस्या हो रही है तो मसालेदार भोजन से परहेज करें। इसके अलावा ज्यादा ऑयली या फैटी भोजन नहीं करना चाहिए। बल्कि आपको उबली हुई सब्जियां या लीन प्रोटीन का सेवन की करना चाहिए। इसी के साथ उल्टी दस्त होने पर आपको ज्यादा मीठा नहीं खाना चाहिए। जी दरअसल शुगर जब आंतों में पहुंचती है तो सेंसिटिव बैक्‍टीरिया को प्रभावित करती है। इससे डायरिया से पीड़ित मरीज की स्थिति और खराब हो सकती है। आप मीठे जूस और मीठे में कुछ भी ज्यादा न खाएं। इसके अलावा पेट खराब होने पर फाइबर वाली चीजें कम खानी चाहिए। जी हाँ, आपको खाने में साबुत अनाज, चावल और ब्रेड, बीज और सूखे मेवों ज्यादा नहीं खाने चाहिए।

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