इस नक्षत्र में जन्मे लोग होते हैं बेहद हंसमुख और मिलनसार

27 नक्षत्रों में से स्वाति नक्षत्र 15वां नक्षत्र है। यह राहु का दूसरा नक्षत्र है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, स्वाति नक्षत्र के सभी चार चरण तुला राशि में होते हैं। जिसके कारण नक्षत्र पर तुला राशि और शुक्र ग्रह का भी प्रभाव पड़ता है। स्वाति नक्षत्र में जन्मे लोग आकर्षक व्यक्तित्व के होते हैं। इस नक्षत्र में जन्मा जातक अच्छी कद-काठी का होता है। ये हंसमुख और मिलनसार प्रवृत्ति के होते हैं। इस नक्षत्र में जन्मे लोगों के चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहती है। ये व्यवहार कुशल व शिष्टाचारी होते हैं। ये दयालु प्रवृत्ति और आत्म नियंत्रण वाले होते हैं। जानिए इनके बारे में खास बातें-

स्वाति नक्षत्र में जन्मे लोगों का स्वभाव और व्यक्तित्व-

इस नक्षत्र में जन्मे लोग कभी आलस नहीं करते हैं और अपने काम में निपुण होते हैं। ये बुद्धिमान व अपने कामों को पूरा करने वाले होते हैं। इस नक्षत्र में जन्मे लोग जिद्दी स्वभाव के होते हैं, जिसके कारण ये अच्छे-बुरे कामों में भेद नहीं कर पाते हैं। ये लोग जीवन के शुरुआती 25 साल व्यवसायिक रूप से मुसीबतें झेलते हैं।

स्वाति नक्षत्र में जन्मे लोग अपनी चीजों के बारे में किसी की टिप्पणी पसंद नहीं करते हैं। ये लोग अपने काम को पूरी ईमानदारी के साथ करते हैं। इस नक्षत्र में जन्मे लोगों के लिए न्यायिक व्यवस्था में काम करना लाभकारी रहा है।

कैसी होती है आर्थिक स्थिति-

स्वाति नक्षत्र में जन्मे लोगों की आर्थिक स्थिति आमतौर पर अच्छी रहती है। ये धन संचय में भरोसा रखते हैं और अपनी कड़ी मेहनत के दम पर करियर में सफलता पाते हैं।

कैसा रहता है वैवाहिक जीवन-

स्वाति नक्षत्र में जन्मे लोगों का वैवाहिक जीवन बहुत सुखमय नहीं रहता है। वैचारिक मतभेद होने के कारण जीवनसाथी के साथ अनबन बनी रहती है। 

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