
सीतापुर। जनपद में जहां एक ओर जुझारू IPS अधिकारी SP आनन्द कुलकर्णी ज़िले की चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगातार प्रयासरत हैं वहीं जनपद के कुछ अधिकारी उनकी इस मुहीम में पलीता लगा रहे हैं। ग़ौरतलब है कि कोर्ट के अदेश को ताख पर रख कर जनपद में क्षात्र-क्षातराओं व शिक्षक-शिक्षिकाओं की जिन्दगी से रहा बड़ा खिलवाड़ किया जा रहा है।
जिले में ज़्यादातर कालेज, इंन्टर कालेज, डिग्री कालेज, शिक्षण संस्थान ऐसे चल रहे हैं जिसमें सबसे चैकाने वाली बात ये है प्लस टू और जी प्लस थ्री भी हैं। जिले को कुछ को छोड़ कर लगभग किसी के पास फायर की फिक्स व्यवस्था हाउज रिल, हाईजेन्सेट, पानी टैंक, पानी पाइप आदि जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। फायर विभाग के कुछ कर्मचारी जाकर खाना पूर्ति मात्र करके इनको आपना संरक्षण दिये हुऐ हैं और दिखावे के लिये नाम मात्र के फायर सिलेंडर लगावा दिये गये हैं, जिसकी मोटी रकम ले लेते हैं।
इन कॉलेज व शिक्षण संस्थाओं में सैकडों बच्चे पढते है जिनकी जिन्दगी के साथ चन्द रूपये के चलते बड़ा खिलवाड किया जा रहा है। इन स्कूलो व संस्थाओ की बसों में भी ज़्यादातर फायर के स्टूमेन्ट नहीं लगे है। जिनमें लगे है वो भी मानक के अनुरूप नहीं है। इस बाबत जब मुख्य अग्निशमन अधिकारी के CUG नम्बर बात की गई तो उन्होंने उल्टे ही सवाल खड़ा करते हुए पूछ लिया कि “इस बाबत जानकारी लेने की आपको क्या ज़रूरत पड़ गयी। इसकी जानकारी तो मुझे भी नहीं है। ये सारी जानकारियां तो विभाग का लेने का काम है”. जब विभाग के उच्च अधिकारी को जनपद में हाईराइज़ बिल्डिंग्स, होटल, मॉल और शिक्षण संस्थान की जानकारी ही नहीं है तो ऐसे हालात में अगर जनपद में कोई अप्रिय घटना घट जाती है तो आखिर इसका जिम्मेदार कौन होगा?