पुतिन चौथी बार बने रूस के राष्ट्रपति, लेकिन देश भर में हो रहा है उनका विरोध

व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को चौथी बार रूसी राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली. 65 साल के पुतिन अब अगले छह साल यानी 2024 तक इस पद पर बने रहेंगे. शपथ ग्रहण समारोह में करीब 500 मेहमानों ने हिस्सा लिया. व्लादिमीर पुतिन प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के तौर पर पिछले 18 साल से सत्ता में रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर उन्होंने तीन अमेरिकी राष्ट्रपतियों के कार्यकाल देखे हैं. शपथ लेने से पहले ही रूस में उनका विरोध शुरू हो चुका है. रूस के मास्को और सेंट पीटर्सबर्ग समेत बीस शहरों में शनिवार को उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए. 19 शहरों में करीब एक हज़ार लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

क्यों हो रहा है विरोध?

इस साल हुए चुनाव में पुतिन को 76 फीसदी से ज़्यादा वोट मिले थे. ये किसी भी चुनाव में उनका सबसे बढ़िया प्रदर्शन था. लेकिन कुछ अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने चुनाव में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की शिकायत की थी. चुनाव में हेरफेर के आरोप लगाए गए थे. रुसी नेता एलेक्सी नावाल्नी भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लंबे समय से आवाज़ उठाते रहे हैं. इस साल पुतिन के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ने से नावाल्नी को रोक दिया गया था. उन्हें ग़बन के एक मामले में दोषी पाया गया था. हालांकि नावाल्नी इससे इंकार करते हैं और इसे राजनीति से प्रेरित आरोप बताते हैं.

पुतिन का दबदबा

पिछले चार सालों से फोर्ब्स पत्रिका द्वारा दुनिया की सबसे ताकतवर हस्ती करार दिए जा रहे पुतिन जूडो में ब्लैक बेल्ट धारी नेता हैं. रूस में उनका समर्थन करने वाले नेता उन्हें एक उद्धारक मानते हैं जिसने कमजोर पड़ते देश में दोबारा गर्व एवं पारंपरिक मूल्य बहाल किए. दूसरी तरफ उनके विरोधी उन्हें एक ऐसा नेता मानते हैं जो देश में लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं.सात अक्तूबर , 1952 को लेनिनग्राद ( अब सेंट पीटर्सबर्ग ) के एक साधारण परिवार में जन्मे पुतिन ने रूसी खुफिया सेवा केजीबी में शामिल होकर अपना बचपन का सपना पूरा किया. बाद में सेंट पीटर्सबर्ग के मेयर अनातोली सोबचाक के अधीन काम करते हुए उनका राजनीति जीवन शुरू हुआ.

पुतिन का सफर

स्वास्थ्य एवं शराब के नशे की समस्याओं से जूझ रहे येल्तसिन ने अगस्त , 1999 में पुतिन को देश का प्रधानमंत्री बना दिया और चेचेन्या क्षेत्र में विद्रोहियों के दमन के लिए शुरू किए गए दूसरे युद्ध की देखरेख करने के साथ उनकी लोकप्रियता बढ़ गयी. उन्होंने अपने निजी जीवन को हमेशा मीडिया की नजरों से दूर रखने की कोशिश की. तीन दशकों की शादी के बाद 2013 में उन्होंने पत्नी ल्यूडमिला को तलाक दे दिया लेकिन उनके नये प्रेम संबंधों की खबरें लगातार चर्चा में रहीं जिनमें एक पूर्व ओलंपिक जिम्नास्ट से संबंध शामिल हैं. हालांकि इनकी पुष्टि नहीं हुई. संविधान में संशोधन के बाद वो 2012 में फिर से राष्ट्रपति बने जिसे लेकर देश की सड़कों पर भारी विरोध प्रदर्शन हुए. लेकिन पुतिन लगातार मजबूत होते रहे.

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