आज मकोका कोर्ट में जेडे मर्डर केस पर छोटा राजन को सुनाया जायेगा फैसला

इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट ज्योर्तिमय डे (जेडे) मर्डर केस में मुंबई की स्पेशल मकोका अदालत बुधवार को फैसला सुना सकती है. करीब सात साल पुराने इस मामले में माफिया सरगना छोटा राजन और 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है. इस मामले की शुरुआती जांच पहले मुंबई पुलिस ने की थी, फिर इसे सीबीआई को सौंप दिया गया. स्पेशल कोर्ट के जज समीर एस अडकर आज इस केस पर फैसला सुनाएंगे.

साल 2015 में इंडोनेशिया के बाली में गिरफ्तारी के बाद जेडे मर्डर केस पहला ऐसा मामला है, जिसमें छोटा राजन के खिलाफ मुकदमा चला. मुकदमे की सुनवाई के दौरान छोटा राजन को दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया था. वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिये अदालत में उसकी हाजिरी होती थी. मामले की सुनवाई के बाद सीबीआई ने मकोका कोर्ट में चार्जशीट दायर की थी.

क्या है जेडे मर्डर केस?

ज्योर्तिमय डे मुंबई में एक अंग्रेजी अखबार के लिए इंवेस्टिगेटिव और क्राइम रिपोर्टिंग करते थे. 11 जून 2011 की दोपहर मुंबई के पवई इलाके में अंडरवर्ल्ड के शूटरों ने उनकी हत्या कर दी थी. जेडे के सीने पर 5 गोलियां मारी गई थी. घटना के वक्त डेडे बाइक से कहीं जा रहे थे. उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था. मुंबई पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की और दो शूटरों को गिरफ्तार कर लिया.

छोटा राजन के इशारे पर हुई हत्या

मामले में छोटा राजन का नाम भी सामने आया था. अभियोजन पक्ष के मुताबिक, छोटा राजन को यह लगता था कि जेडे उसके खिलाफ लिखते थे, जबकि मोस्ट वॉन्टेड अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का महिमामंडन करते थे. राजन को ये भी शक था कि उसे मरवाने के लिए जेडे डी कंपनी की मदद कर रहे हैं, क्योंकि जेडे को लंदन और फिलीपिंस में मिलने के लिए बुलाया गया था. सिर्फ इसी वजह से छोटा राजन ने जेडे की हत्या करवाई थी.

मुंबई अंडरवर्ल्ड पर किताब भी लिख रहे थे जेडे

जानकारी के मुताबिक, जेडे मुंबई अंडरवर्ल्ड पर किताबें भी लिख रहे थे. ‘जीरो डायल’ उनकी ही किताब है. छोटा राजन पर भी जेडे एक किताब लिख रहे थे. छोटा राजन पर रिसर्च के लिए वे कई लोगों से मिले, जिनमे छोटा राजन के दुश्मन डी कंपनी के लोग भी शामिल थे.

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