धमाके से ढहा उत्तर कोरिया का परमाणु टेस्ट साइट

उत्तर कोरिया के नेता किंम जोंग उन ने पिछले हफ्ते न्यूक्लियर टेस्ट और इंटरकॉन्टिनेंटल मिसाइल लॉन्च को रोकने और पुंगये-री शहर में मौजूद परमाणु सविधाओं खत्म करने की शपथ ली थी, लेकिन चीन के भू-गर्भ विशेषज्ञों के मुताबिक किम जोंग उन ने यह फैसला इसलिए लिया है क्योंकि पिछले साल एक ताकतवर बम ब्लास्ट के बाद उत्तर कोरिया की अंडरग्राउंड न्यूक्लियर टेस्ट साइट आंशिक रूप से ढह गई है.

बता दें कि उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग ने पिछले शनिवार घोषणा की थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप से मुलाकात को देखते हुए उन्होंने सभी तरह से परमाणु या मिसाइल टेस्ट रोक दी है. उत्तर कोरिया ने अपने 6 में से 5 परमाणु परीक्षण इसी साइट से किए थे, जिसमें से पिछले साल सितंबर में सबसे बड़ा परीक्षण किया गया था. इस न्यूक्लियर टेस्ट के कारण 6.3 की तीव्रता का भूकंप भी आया था, जिसके झटके चीन के उत्तरी सीमा तक महसूस किए गए थे.

उत्तरी कोरिया ने तब दावा किया था कि उसने हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया है. वहीं चीनी विषेशज्ञों के साथ मिल कर किए गए दो शोध में पता चला कि 4.1 की तीव्रता वाले भूकंप और करीब साढ़े आठ मिनट तक चलते रहे उसके आफ्टरशॉक्स की वजह से पहाड़ को आतंरिक नुकसान पहुंचा और वो ढह गया है.

एक वेबसाइट पर छपी रिपोर्ट में विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि पहाड़ के ढहने से लीक हुए रेडियोएक्टिव मैटेरियल की लगातार निगरानी की जानी चाहिए. विशेषज्ञों का कहना है कि स्टडी को जल्द ही पब्लिश किया जाएगा, जिसमें कहा गया है कि परमाणु परिक्षण साइट के ‘ढहने के कारण जमीन के नीचे बनाए गए स्ट्रक्चर को खत्म कर दिया है. ऐसे में वो अब भविष्य के परीक्षणों के लिए उपयुक्त नहीं रह गया है.’

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