
हिंदू धर्म में कुछ चीजें करने के लिए सख्त मना किया गया है। इनमें से एक है चौखट पर बैठना। घर की चौखट का बहुत धार्मिक महत्व है। इसकी साफ-सफाई के नियम कई धार्मिक पुराणों में पढ़ने को मिल जाते हैं। वास्तु शास्त्र में भी घर की चौखट पर बैठकर कुछ काम करने को बिल्कुल मना किया गया है।
वास्तु शास्त्र घर की चौखट या दहलीज को देवी लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है। इस सकारात्मक ऊर्जा का द्वार बताया गया है। इसलिए घर की चौखट पर बैठना वस्तु के हिसाब से सही नहीं है।
चलिए हम आपको बताते हैं कि अपने घर की चौखट पर बैठकर आपको क्या-क्या नहीं करना चाहिए।
खाना नहीं खाना चाहिए
अगर आपकी भी घर के द्वार पर बैठकर कुछ खाने की आदत है, तो इस सुधार लें। वास्तु शास्त्र में इसे बहुत ही खराब माना गया है, क्योंकि खाते वक्त घर की चौखट पर यदि आप झूठा भोजन गिरा देते हैं, तो घर में कीड़े-मकौड़ों का प्रवेश होता है। इन्हें वास्तु में नकारात्मक ऊर्जा का स्त्रोत माना गया है। ऐसा करने से आपके घर में हमेशा अन्न की कमी बनी रहती हैं।
बाल नहीं बनाने चाहिए
बहुत सी महिलाओं की आदत होती है कि वह घर की चौखट पर बैठकर बालों को झाड़ती हैं और इससे बाल टूटकर वही पर गिर जाते हैं। वास्तु शास्त्र में महिलाओं के बाल को शुक्र, बुध और शनि ग्रह से जोड़कर देखा जाता है। अगर बाल टूट कर वहीं चौखट पर पड़े रह जाएं, तो इससे आपके ये तीनों ग्रह प्रभावित होते हैं और आपकी आर्थिक स्थिति पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
जूते-चप्पल न उतारे
घर के मुख्य द्वार से देवी लक्ष्मी का प्रवेश होता है। इसलिए मुख्य द्वार की चौखट पर रंगोली और सुगंधित पुष्प डालने चाहिए, ना कि जूते-चप्पल उतारने चाहिए। जिन घरों में ऐसा नहीं होता है, वहां देवी लक्ष्मी का वास कभी भी नहीं होता है।
डस्टबीन न रखें
घर का कूड़ादान कभी भी घर की दहलीज पर नहीं रखना चाहिए। यह आपके शुक्र ग्रह को कमजोर बनाता है। शुक्र का संबंध देवी लक्ष्मी से भी है। यदि आपका शुक्र कमजोर होगा, तो आपको जीवन में यश, वैभव और भैतिक सुख में अभाव महसूस होगा।
झगड़ा न करें
घर का मुख्य द्वार हमेशा सुंदर और शांत होना चाहिए। यहां खड़े होकर कभी बातचीत न करें। यदि बातें कर भी रहें हैं, तो कभी भी क्रोध में या फिर अपशब्द का इस्तेमाल न करें। ऐसा करने भी आपके घर में दरिद्रता के प्रवेश का कारण बन सकता है।