क्या आप जानते है, अधिक सोने से भी बढ़ता है मोटापा…

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अधिक सोने से – सुनिता बहुत सोती है। इसके कारण उसेक चेहरे पर हमेशा ग्लो रहता है। सही भी है। ज्यादा सोने का मतलब है कि आप तनाव कम लेते हैं और कम तनाव मतलब चेहरे पर ताजगी और ग्लो। लेकिन कुछ सप्ताह से उसका मोटापा बढ़ने लगा था। उसे सब बोलते थे कि खाना कम करो। लेकिन बेचारी दो रोटी ही खाती थी।

फिर भी मोटापा बढ़ रहा था। एक दिन उसने जिम ज्वॉयन करने का सोचा। तब उसे जिम के ट्रेनर ने ही बताया कि आप कम खाती हैं और फिर भी मोटी हो रही हैं तो एक बार अपने लाइफस्टाइल पर भी नजर डालें। तब उसे पता चला कि ज्यादा सोने से वह मोटी हो रही है।

ज्यादा सोने से मोटापा

यह सुनकर अजीब लगता है। लेकिन यह सच है। जब आप ज्यादा सोने लगते हैं और कोई फीजिकल एक्सरसाइज नहीं करते हैं तो शरीर में खाने के द्वारा शरीर में गया वसा बर्न नहीं होता और चर्बी के रुप में शरीर में इकट्ठा होने लगता है। इसलिए दादी मां और बड़े-बुजुर्ग बोलते भी थे कि ज्यादा सोने से मोटे हो जाओगे। लेकिन हमलोग हमेशा हर किसी की बातों को अनसुना कर देते हैं वैसे ही मोटे होने की बात को भी अनसुना कर देते हैं।

लाइफस्टाइल भी करती है प्रभावित

हमारी जीवनशैली और जीन्स भी हमारे वजन के बढ़ने और घटने को प्रभावित करते हैं। साथ ही आप जितनी ऊर्जा ले रहे हैं और कितनी खर्च कर रहे हैं, उसका फर्क भी आपके वजन पर पड़ता है। कई अध्ययनों में इस बात की पुष्टि हुई है कि सोना अपने आप में वजन में वृद्धि का कारण नहीं है। हम जब सो रहे होते हैं, तब भी हमारा शरीर हमारे विकास, रखरखाव और जीवित रहने के लिए आवश्यक जटिल प्रक्रियाओं को ईंधन देने के लिए ऊर्जा खर्च कर रहा होता है। वास्तव में सोने की कमी या देर रात काम करना वजन बढ़ने के कारणों में से एक है। नींद की कमी आपके शरीर में लेप्टिन (leptin) और ग्रहलिन (grehlin) हार्मोन के उत्पादन को धीमा कर देती है, जिससे आपको पेट भर खाने के बाद भी भूख लगती है। इसलिए कम सोने से भूख बढ़ती है और हम ज्यादा खाते हैं जो मोटापे को बुलावा देती है। लेकिन कई बार इसका उल्टा भी देखने को मिलता है।

अधिक सोने से बढ़ता है मोटापा

कई बार अधिक सोने से भी मोटापा बढ़ता है और यह तब होता है जब हम खाकर डायरेक्ट सो जाते हैं। खाने के बाद सीधे सोने से हमारी कोई फिजिकल एक्सरसाइज नहीं होती है जिसके कारण कैलोरी और वसा शरीर में चर्बी के रुप में इकट्ठी होने लगती है और हम मोटे होने लगते हैं।

इंस्टीट्यूट ऑफ़ कार्डियोवैस्कुलर एंड मेडिकल साइंसेज़ से जुड़े डॉक्टर जैसन गिल का कहना है कि आंकड़े बताते हैं कि आनुवांशिक रूप से मोटापे के ख़तरे से जूझ रहे लोग अगर बहुत कम सोते हैं या फिर ज़्यादा नींद लेते हैं तो उनके शरीर के वज़न पर इसका काफ़ी हद तक प्रतिकूल असर पड़ता है। ये तब भी होता है जब वे दिन में या काम के दौरान ऊंघते हों। इस अध्ययन को अमेरिकन जर्नल ऑफ़ क्लीनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित किया गया है। इसलिए अगर ध्यान रखें कि अधिक सोने से आपका मोटापा तो नहीं बढ़ रहा है। अगर मोटापा बढ़ रहा है तो सतर्क हो जाएं और आज ही अपनी लाइफस्टाइल को सही करें।

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