बेदाग़ छवि के लीडर पूर्व केंद्रीय मंत्री असलम शेर खान ने राहुल गाँधी को लिखा पत्र

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पूर्व केंद्रीय मंत्री और हॉकी में ओलंपिक पदक विजेता असलम शेर खान ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने की इच्छा जताई है।

 

इस बारे में असलम ने कहा कि मैंने पत्र तब लिखा जब कांग्रेस एक बार फिर चुनाव हार गई। जब राहुल गांधी ने कहा कि वह पार्टी अध्यक्ष के पद से हटना चाहते हैं और किसी और को यह जिम्मेदारी संभालते देखना चाहते हैं, मुझे लगा कि यह एक अवसर है।असलम शेर खान ने कहा कि कांग्रेस को इस वक्त साहस की जरूरत है, किसी को आगे आना चाहिए। इसीलिए मैंने उन्हें (राहुल गांधी) को पत्र लिखा कि यदि वह पार्टी अध्यक्ष बने रहना चाहते हैं तो वह ऐसा कर सकते हैं, लेकिन अगर वह ऐसा नहीं करना चाहते तो उनके इस फैसले का भी सम्मान होना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘यदि आप नेहरू-गांधी परिवार से बाहर का व्यक्ति चाहते हैं तो मुझे मौका दीजिए क्योंकि अन्य कोई आगे नहीं आ रहा है। मैंने पत्र में लिखा है कि मुझे दो साल के लिए यह अवसर दिया जाए। कांग्रेस को राष्ट्रवाद से दोबारा जोड़ना बेहद आवश्यक है।’गौरतलब हो कि असलम शेर खान ने १९७२ से १९७६ तक ओलम्पिक में हॉकी टीम में रहकर भारत को कई पदक दिलवाये, वर्ष १९८५ से १९८९ तक और १९९१ से १९९६ तक बैतूल ( मध्य प्रदेश ) से संसद पहुंचे, प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिंह राव सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे.

राजनैतिक विशषेक तारिक़ फ़ैज़ी( अंतराष्ट्रीय महासचिव उर्दू प्रेस क्लब इंटरनेशनल नई दिल्ली) का कहना है कि मौजूदा चुनाव में इस दक्षिण भारत को छोड़ कर उत्तर भारत की जनता ने इस बात का अहसास दिला दिया है कि देश के बागडोर राष्ट्रीय पार्टी के हाथ में जानी चाहिए, देश में दो राष्ट्रीय पार्टी है एक सत्ता है और एक विपक्ष में है, असलम साहब की गिनती उन चुंनिदा लीडरों में होती है जिन पर कोई दाग नहीं है, जो संघठन को धरातल पर मज़बूत कर सकें, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी को असलम साहब के पत्र पर विचार करना चाहिए

वरिष्ठ पत्रकार खालिद नसीम सिद्दीक़ी का कहना है कि अगर कोंग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी नेतृत्व परिवर्तन की बात करते है, नेहरू गाँधी परिवार से किसी को भी राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनाना चाहते, तो असलम साहब उनके लिए विकल्प है, कांग्रेस पहले के मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद को भी राष्ट्रीय अध्यक्ष के ज़िम्मेदारी दे चुकी है,
उर्दू पत्रकार अज़हर उमरी का कहना है कि मौजूदा वक़्त में अल्पसंख्यक समुदाय का क्षेत्रीय पार्टियों से मोह भंग हो गया है, उनको इस बात का ज्ञान हो गया है कि उनका विकास कांग्रेस या सत्ता धारी पार्टी ही कर सकती है, छोटे दल उनको डरा कर और बेबकूफ़ बना कर उनका वोट हासिल कर रहे है, इस चुनाव के नतीजों से अल्पसंख्यक समुदाय ने क्षेत्रीय पार्टियों सन्देश दिया है, अगर असलम साहब को राष्ट्रीय अध्यक्ष की ज़िम्मेदारी दी जाती है तो अल्पसंख्यक समाज कोंग्रेस में विश्वास करेगा,

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