रेल कर्मचारियों के यात्रा पास पर अब दूरी की बाध्यता खत्म

- in झारखण्ड

धनबाद, जेएनएन। रेलवे कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। अब यात्रा पास में दूरी की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। जल्दी पहुंचने वाली ट्रेनों में उन्हें यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। इसका लाभ धनबाद रेल मंडल के तकरीबन 26 हजार कर्मचारियों सहित देशभर के लगभग 10 लाख से अधिक रेलकर्मियों को मिलेगा। रेलवे कर्मियों को एक साल में परिवार के साथ ट्रेन में सफर करने के लिए तीन पास मिलते हैं। कर्मचारी इसके लिए यात्रा करने के स्थान के साथ आवेदन देते हैं।

रेलवे उस स्थान तक पहुंचने के लिए पास तो उपलब्ध कराती है पर उसमें शर्त रहता है कि जिस रूट पर सफर कर रहे हैं उसकी दूरी अधिक न हो। ऐसे में रेल कर्मियों को परेशानी होती है। इसके मद्देनजर ही अब यह तय किया गया है कि अब दूरी की बाध्यता नहीं होगी। लंबी दूरी वाले मार्ग पर जल्दी पहुंचाने वाली ट्रेन के लिए भी पास जारी होंगे नहीं लेने पर एक्सपायर हो जाते हैं पास प्रति वर्ष रेल कर्मियों द्वारा तीन पास नहीं लेने पर शेष बचे पास एक्सपायर हो जाते हैं। इस संबंध में नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन की ओर से रेलवे बोर्ड चेयरमैन को पत्र लिखा गया था।

फेडरेशन के पत्र के आलोक में रेलवे बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर वेलफेयर वी मुरलीधरन ने कर्मियों को मिलने वाले यात्रा पास में दूरी की शर्त समाप्त कर दी है। अब उन्हें जल्दी पहुंचने वाली ट्रेनों में यात्रा पास उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही पास को एक्सपायर होने से बचाने के लिए भी बोर्ड स्तर पर गंभीरता से विचार किये जाने की बात कही गई है।

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‘नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमैन के पत्र पर संज्ञान लेकर रेल मंत्रालय ने लाखों कर्मचारियों की बड़ी मुश्किल का हल कर दिया है। इससे लाखों कर्मचारी लाभान्वित होंगे। रेलवे का यह कदम स्वागतयोग्य है।’

 

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