उत्‍तराखंड की सुरम्य वादियों में आप भी ले सकेंगे आयुर्वेदिक उपचार

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देहरादून, [विकास गुसाईं]: नैसर्गिक सौंदर्य से परिपूर्ण उत्तराखंड की वादियां देश-विदेश के सैलानियों को बरबस ही अपनी ओर खींचती हैं। फिर चाहे चारधाम हों अथवा दूसरे पर्यटक स्थल, ये सभी धीरे-धीरे अपनी वैश्विक पहचान बना रहे हैं। अब देवभूमि योग केंद्र के रूप में भी अपनी छाप छोड़ रही है। इसी कड़ी में वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में प्रदेश सरकार आगे बढ़ रही है।

यहां के शांत औद्योगिक वातावरण में उद्योग व पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार अंतर्राष्ट्रीय मंच पर दस्तक देने की तैयारी में है। इसके लिए अप्रैल में दुबई और बैंकॉक में होने वाले कार्यक्रमों में उत्तराखंड निवेशकों को आकर्षित करने का प्रयास करेगा। यह दोनों ही विश्व के उन पांच प्रमुख शहरों में शामिल हैं, जहां सर्वाधिक पर्यटक आते हैं।

उत्तराखंड की मुख्य पहचान तीर्थाटन के रूप में हैं। प्रतिवर्ष देश-विदेश से 30 लाख यात्री उत्तराखंड आते हैं। इनमें से 20 लाख से अधिक यात्री चारधाम यात्रा के अलावा जागेश्वर धाम व हेमकुंड साहिब समेत अन्य धार्मिक स्थलों में आते हैं। शेष 10 लाख यात्री यहां के पर्यटक स्थलों में कुदरती नजारों का लुत्फ उठाते हैं।

इनमें विश्व धरोहर में शुमार फूलों की घाटी के अलावा दयारा बुग्याल व औली जैसे पर्यटक स्थल शामिल हैं। यही नहीं, योग भी धीरे-धीरे यहां की पहचान बनता जा रहा है। प्रकृति की वादियों में सुकून के साथ ही योग सीखने के लिए बड़ी संख्या में आने वाले सैलानियों की संख्या इसकी तस्दीक करती है। तीर्थनगरी ऋषिकेश ने तो योगनगरी के रूप में भी पहचान स्थापित कर ली है।

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर देवभूमि की शांत फिजां पर्यटकों को खूब आकर्षित कर रही है। इससे यहां वेलनेस टूरिज्म की संभावनाएं बढ़ी हैं। इतना ही नहीं, उत्तराखंड का शांत व पारदर्शी औद्योगिक वातावरण भी निवेशकों को अपनी ओर खींच रहा है। इसे देखते हुए अब प्रदेश सरकार विदेशों से भी निवेशकों को उत्तराखंड की ओर आकर्षित करने के प्रयासों में जुट गई है।

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इसके लिए अप्रैल के पहले सप्ताह में प्रदेश से उद्योग, पर्यटन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दल दुबई में होने वाले अंतर्राष्ट्रीय निवेशक सम्मेलन में शिरकत करने जाएगा। माना जा रहा कि दुबई के निवेशक अब कच्चे तेल के साथ ही अमेरिकी महाद्वीप के साथ दक्षिण अफ्रीका व दक्षिण एशियाई देशों में निवेश में रुचि दिखा रहे हैं। बता दें कि दुबई विश्व के उन पांच शहरों में शामिल है, जहां सबसे अधिक पर्यटक आते हैं। एक आंकलन के मुताबिक दुबई में सालाना 1.25 करोड़ से अधिक पर्यटक आते हैं। इस कारण उत्तराखंड इसे एक मौके के रूप में देख रहा है।

इसके अलावा अप्रैल के अंतिम पखवाड़े में थाईलैंड के बैंकॉक में भी एक सम्मेलन हो रहा है। यह सम्मेलन भारतीय दूतावास के सौजन्य से आयोजित किया गया है। खास बात यह कि इसमें उत्तराखंड को विशेष तौर पर निवेश के लिए प्रोजेक्ट किया जाएगा। इसमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी शिरकत करेंगे। इस दौरान एक रोड शो का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें उत्तराखंड के पर्यटन, योग, वेलनेस, उद्योग आदि को प्रदर्शित किया जाएगा। एक अनुमान के मुताबिक बैंकॉक में प्रतिवर्ष 1.75 करोड़ पर्यटक आते हैं। ऐसे में माना जा रहा कि यह सम्मेलन उत्तराखंड को अपनी ब्रांडिंग का मंच प्रदान कर सकता है। प्रमुख सचिव मनीषा पंवार ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि इन दोनों कार्यक्रमों के जरिये प्रदेश में निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा।

क्या है वेलनेस टूरिज्म

वर्तमान में महानगरों की भागदौड़, मानसिक थकावट व कार्य के अतिरिक्त बोझ से परेशान लोग कई प्रकार की बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। ऐसे में योग, स्पा और आयुर्वेदिक उपचार के लिए वे प्रकृति की सुरम्य वादियों आना अधिक पसंद करते हैं, जहां प्रकृति से ही उनका उपचार हो सके। उत्तराखंड इन सबके लिए मुफीद है। निवेशक यहां स्पा व आयुर्वेदिक सेंटर खोलकर न केवल प्रदेशवासियों को रोजगार व प्रदेश को राजस्व दे सकेंगे, बल्कि खुद भी कमाई कर सकेंगे।

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