CM मुफ्ती का बड़ा बयान, कहा- देश ने मुश्किल हालात में जम्मू-कश्मीर को अकेला छोड़ा

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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि देश ने जम्मू कश्मीर को मुश्किल हालात से निपटने के लिए अकेला छोड़ दिया है। रियासत इस समय मुश्किल हालात से गुजर रहा है। इसने न केवल कश्मीर में बल्कि जम्मू में भी पर्यटन पर प्रभाव डाला है। वैश्विक स्तर पर देखा जाए तो हर ओर समस्या है। हालांकि, हमारी समस्या है कि देश ने अकेला छोड़ दिया है। 

वे श्रीनगर में ट्रेवल एजेंट्स एसोसिएशन आफ इंडिया (टीएएआई) के 64वें सम्मेलन में बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि हम मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। कश्मीर में कुछ भी होता है तो उसे बढ़ा चढ़ाकर प्रचारित किया जाता है। यहां के हालात किसी से छिपे नहीं हैं। हालात को संभालने के कई तरीके हैं। लेकिन हम केवल एक तरीका इस्तेमाल कर रहे हैं। 

बंदूक का मुकाबला बंदूक से किया जा रहा है। बंदूक से जो जख्म लग रहे हैं उस पर मलहम भी तो करना चाहिए। यदि कोई मलहम लगा सकता है तो वह देश की जनता है। कहा कि यहां जितने लोग आएंगे उनका हर कदम जम्मू कश्मीर की शांति में निवेश होगा। सेना का एक जवान आतंकवाद से भी लड़ता है और सीमा की सुरक्षा भी करता है, यह लड़ने का एक तरीका है। 

दूसरा तरीका है अलगाव की भावना को दूर करना। यहां के लोग अलगाव की भावना महसूस करते हैं। हम देश का ताज रहे हैं, लेकिन आज ताज फीका पड़ गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रियासत में जितनी विविधता है उतनी विविधता पूरे विश्व में कहीं भी नहीं है। इस वजह से कुदरत ने ताज के रूप में रखा है। आज हम मुश्किल में हैं।हम यहां बैठे हैं और कहीं दूर एनकाउंटर हो रहा है तो ऐसा दिखाया जाता है कि खुदा न खास्ता पूरा जम्मू कश्मीर जल रहा है। इससे अन्य राज्यों के लोग यहां आने से कतराने लगते हैं। टीवी चैनलों ने ऐसी छवि बना दी है कि पूरा कश्मीर जल रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह कहने में तनिक भी झिझक नहीं है कि यह महिलाओं के लिए देश में सबसे सुरक्षित जगह है। 

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सब लोग अपने परिवार को लेकर आएं। इस दौरान पर्यटन मंत्री तस्सदुक मुफ्ती, वित्त मंत्री अल्ताफ बुखारी, पर्यटन राज्य मंत्री प्रिया सेठी, टाई के अध्यक्ष सुनील कुमार, इंडगो एयरलाइंस के अध्यक्ष आदित्य घोष सहित कई मंत्री उपस्थित थे।  

हीलिंग टच की जरूरत
उन्होंने कहा कि हम हीलिंग टच चाहते हैं। यह केवल सरकार नहीं कर सकती है। सबके सहयोग की जरूरत है। उम्मीद है कि पर्यटन सीजन बेहतर बीतेगा। जम्मू कश्मीर के लोग बहुत अच्छे है, लेकिन सताए हुए हैं। मुल्क का बंटवारा हुआ जिसमें रियासत का कोई हाथ नहीं था। 

लेकिन आज सीजफायर उल्लंघन के दौरान फायरिंग में बेगुनाह जवान तथा नागरिक मारे जा रहे हैं। घुसपैठ के जरिये आतंकवाद का दंश भी रियासत को ही झेलना पड़ रहा है। यहां के लोग जख्मों से भरे हुए हैं। पर्यटकों के आने से मरहम लग जाता है। 

जम्मू, कश्मीर, लद्दाख सभी में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। जम्मू में कई मंदिरें हैं जिनके लिए पैकेज बनाने को कहा गया है। होटलियर्स पैकेज देने को तैयार हैं। उम्मीद है कि पर्यटन सीजन बेहतर बीतेगा और जब लोग यहां से जाएं तो हमारे बनकर जाएं।
 

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