एक कॉमेडियन मजाक-मजाक में बन गया राष्ट्रपति

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एक ऐसा राजनेता जिसके पास राजनीति का कोई अनुभव नहीं है। उसने यूक्रेन में हुए राष्ट्रपति चुनाव में बड़ी जीत हासिल की है। हम बात कर रहे हैं वोलोदीमीर जेलेंस्की की। रविवार को राष्ट्रपति चुनावों के नतीजे एक एक्जिट पोल में घोषित हुए, जिससे पता चलता है कि इस देश के नए राष्ट्रपति जेलेंस्की होंगे। इसके बाद दुनियाभर के नेताओं ने जेलेंस्की को बधाई दी है।

आपको ये जानकर हैरानी होगी कि जेलेंस्की एक टेलीवीजन शो में राष्ट्रपति की भूमिका निभाते थे। इसके अलावा उनके पास राजनीति का कोई और अनुभव नहीं है। उन्होंने पेट्रो पोरोशेंको को भारी वोटों से हराया है। एक्जिट पोल बताते हैं कि 73 फीसदी वोटों के साथ जेलेंस्की ने जीत हासिल की है।

वहीं पोरोशेंको को महज 24 फीसदी वोट ही मिले हैं। वह 41 साल के कॉमेडियन और अभिनेता जेलेंस्की से हार गए हैं। चुनावों में 42 फीसदी बैलेट की गिनती भी हुई है। तीन सप्ताह पहले मतदान के पहले चरण में वो सबसे आगे थे। तब 39 उम्मीदवार मैदान में थे। वहीं पोरोशेंको हार स्वीकार कर चुके हैं। राजधानी कीव में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वो राजनीति नहीं छोड़ेंगे।

बता दें पोरोशेंको साल 2014 से यूक्रेन के राष्ट्रपति हैं। अरबपति कारोबारी पोरोशेंको उस समय राष्ट्रपति चुने गए थे, जब यूक्रेन में हुए प्रदर्शनों के बाद रूस समर्थक राष्ट्रपति को पद छोड़ना पड़ा था।

वहीं जेलेंस्की ने लोगों से कहा है, “मैं आपका भरोसा कभी नहीं तोड़ूंगा। अभी मैं औपचारिक रूप से राष्ट्रपति नहीं हूं। लेकिन यूक्रेन के नागरिक के तौर पर सोवियत संघ के बाद के सभी देशों से कह सकता हूं कि हमें देखिए, सबकुछ संभव है।”

हालांकि अभी एक्जिट पोल ही आए हैं। अगर ये नतीजों में बदले तो जेलेंस्की पांच साल के लिए यहां के राष्ट्रपति बन जाएंगे। यूक्रेन के राष्ट्रपति का देश की सुरक्षा, रक्षा विभाग और विदेश नीति पर खासा प्रभाव होता है।

कैसे हुए थे चर्चित?

जेलेंस्की एक राजनीतिक हास्य ड्रामे में अभिनय से चर्चित हुए थे। इस धारावाहिक का नाम है ‘सर्वेंट ऑफ द पीपल’। जिसमें उनका किरदार एक ऐसे व्यक्ति का है जो दुर्घटनावश यानी अचानक से यूक्रेन का राष्ट्रपति बन जाता है। सबसे दिलचस्प बात तो ये है कि जेलेंस्की ने अपने शो के नाम पर बनी राजनीतिक पार्टी से ही राष्ट्रपति चुनाव लड़ा है।

यहां के लोग सामाजिक असामनता, भ्रष्टाचार और पूर्वी यूक्रेन में रूसी समर्थित अलगाववादियों के कारण काफी परेशान हैं। जिसके चलते अब तक 13 हजार लोगों की जान जा चुकी है। करीब 4.5 करोड़ लोगों की जिम्मदेरी अब जेलेंस्की पर होगी।

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