पहाड़ खोदकर निकाले गए मोसुल में लापता 39 भारतीयों के शव, सुषमा के 10 खुलासे

इराक के मोसुल में लापता 39 भारतीयों के मारे जाने की पुष्टि हो गई है. मंगलवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में इस बात की जानकारी दी. इन भारतीयों को ISIS के आतंकियों ने जून 2014 में अगवा किया था. सुषमा ने इस मामले में क्या कहा, पढ़ें उनके 10 बड़े खुलासे…

1. सभी 39 भारतीयों को ISIS ने मारा.

2. डीएनए सैंपल की जांच के जरिए शवों की पहचान हुई.

3. हरजीत मसीह की कहानी सच्ची नहीं थी.

4. 39 में से 38 के डीएनए मैच हुए, 39वें की जांच जारी है.

5. हमने पहाड़ की खुदाई करने के बाद शवों को निकाला था, जनरल वीके सिंह वहां पर गए और सबूतों को खोजने में मेहनत की.

6. सबसे पहले संदीप नाम के शख्स का डीएनए मैच किया गया था.

7. वीके सिंह इराक जाएंगे, सभी शवों को लाया जाएगा. सबसे पहले जहाज अमृतसर जाएगा और उसके बाद पटना, पश्चिम बंगाल जाएगा.

 8. डीप पेनिट्रेशन रडार के जरिए बॉडी को देखा गया था, उसके बाद सभी शवों को बाहर निकाला गया.9.  वहां कई तरह के चिन्ह मिले थे और डीएनए की जांच के बाद पुष्टि हुई है.

10. विदेश मंत्री ने बताया कि 3 वर्षों तक ये तलाश चलती रही थी.

क्या थी हरजीत मसीह की थ्योरी?

मोसुल पर ISIS के कब्जे के बाद जून 2014 में 39 भारतीय मजदूरों को बंधक बनाने की खबर आई थी. इस बीच हरजीत सिंह ISIS के चंगुल से निकलने में सफल रहा था. भारत आकर हरजीत मसीह ने दावा किया था कि सभी 39 भारतीय मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी गई है.

जिन 39 भारतीयों को आईएसआईएस के आतंकियों ने जून 2014 में अपहृत किया था. उनमें 22 लोग पंजाब के अमृतसर, गुरदासपुर, होश‍ियारपुर, कपूरथला और जालंधर से थे. पिछले साल केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह इन 39 भारतीयों की तलाश में मोसुल गए थे.

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