आवेदकों ने ई-लॉटरी पर उठाए प्रश्‍नचिन्‍ह 18 हजार से अधिक लोगों ने किया था आवेदन

लखनऊ। गाधी भवन में सोमवार को शराब की दुकानों का आवंटन किया गया। शोर-शराबे और आरोप-प्रत्‍यारोप के बीच दुकानों की ई-लॉटरिंग हुई। इस दौरान उदयगंज से नीरज कुमार और हजरतगंज से अनंत रंजन लाटरी में भाग लेने आए थे। उन्‍होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि ई-लॉटरी के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। कई लोगों के फॉर्म तक रिजेक्‍ट कर दिए गए। हालांकि एडीएम पश्चिम संतोष कुमार वैश्‍य ने इन सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया देखने के लिए पूरी व्‍यवस्‍था की गई थी और किसी भी प्रकार की कोई अव्‍यवस्‍था नहीं हुई। उल्‍लेखनीय है कि गन्‍ना संस्‍थान में आठ मार्च को ई-लॉटरी होनी थी लेकिन दुकानों के आवंटन को तैयार सॉफ्टवेयर पर डेटा लॉगिन ना होने के कारण ई-लॉटरी की प्रक्रिया को स्थगित करना पड़ा था।

विदेशी मदिरा की 177, बीयर की 162, मॉडल शॉप 51 और देशी मदिरा की 508 दुकानों के लिए शहर भर से 18 हजार लोगों ने ई-लॉटरी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए आवेदन किया था। सुबह से ही गांधी भवन में भारी भीड़ एकत्रित थी। हालांकि पिछली बार की अपेक्षा इस बार सर्वर सही से काम कर रहा था और देखते ही देखते ई-लॉटरी की प्रक्रिया समाप्‍त हो गई। साढ़े 10 बजे तक दुकानों का आवंटन आ गया और 11 बजे तक इसकी सूची चस्‍पा कर दी गई। आवंटन प्रक्रिया से नाराज लोगों ने प्रशासन पर खूब आरोप भी लगाए। इस दौरान विदेशी मदिरा की 177, बीयर की 162, मॉडल शॉप की 51 और देशी शराब की 508 दुकानों का आवंटन किया गया। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि छह बीयर की दुकानों का आवंटन नहीं हो पाया है क्‍योंकि इनके लिए किसी ने आवेदन ही नहीं किया था।

नीरज कुमार और अनंत रंजन ने बताया कि भारी संख्‍या में लोगों के फॉर्म को अस्‍वीकार कर दिया गया। इसकी जानकारी किसी को नहीं दी गई जबकि फॉर्म में मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी तक ली गईं थीं। अभ्‍यर्थियों को किसी प्रकार की कोई सूचना नहीं दी जा रही थी। डिस्‍प्ले बोर्ड तक नहीं लगाया गया था। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। इस दौरान जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, जिला आ‍बकारी अधिकारी संतोष कुमार तिवारी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

“मदिरा के दुकानों के लिए ई-लॉटरी पूरे नियमानुसार और व्‍यवस्‍था के अतंर्गत हुई है। गांधी भवन के बाहरी परिसर में प्रोजेक्‍टर की व्‍यवस्‍था की गई थी। जिससे लोगों को कोई दिक्‍कत ना हो और वह बाहर से भी लाटरी प्रक्रिया को देख सकें। जिन लोगों ने आरोप लगाए हैं वह निराधार है।”

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