दिल्ली में एक युवक को भ्रस्टाचार के खिलाफ लड़ना पड़ा महगा 

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भ्रस्टाचार के खिलाफ लड़ाई आम आदमी को कितना महगा पड़ सकता है आप इस बात से अंदाजा लगा सकते है जब इरशाद नाम का युवक अपने साथी के साथ 15 तारीख की रात जब जी टी बी अस्पताल इलाज के लिए जा रहा था तभी रस्ते में राजीव गांधी अस्पताल के पास कुछ लोगो ने घेर लिया और बातचीत करने लगे बातचीत के दौरान उन लोगो ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी और हद तो तब हो गई जब उसके गले में फंदा डाल कर उसे मरा समझ कर फेक गए जब उसे सुबह होश आया तो वो अस्पताल में था पूछे जाने पर बताया की जिन लोगो ने उसको मारने की कोशिश की थी वो सरकारी कर्मचारी है जिनमे .

हेमंत कुमार पटवारी ( डुसुब ) , रामपाल पटवारी ( रेवन्यू ) , कपल शर्मा एम् सी डी थे लेकिन पुलिस में शिकायत के बाद भी मामला नन्द नगरी थाने ने दर्ज नहीं करा है अब इरशाद को अपनी जान का खतरा है और पुलिस उसकी कोई मदद नहीं कर रही है …..हमला इसलिए हुआ की इरशाद उनके खिलाफ लगातार भ्रस्टाचार के खिलाफ आवाज उठता रहा है.

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