योगी ने दिया 15 दिन में बालू-मौरंग के दाम घटाने का अल्टीमेटम

लखनऊ। गोरखपुर व फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में भाजपा को मिली करारी हार के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को 15 दिनों में बालू-मौरंग के दाम घटाने का अल्टीमेटम दिया। इसके लिए उन्होंने 31 मार्च की समय-सीमा तय की है। उन्होंने कहा कि मौरंग के दाम अभी 100 रुपये से ऊपर हैं इसे 60 से 70 रुपये फुट से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को खनन, वन एवं पर्यावरण, पुलिस व परिवहन विभाग के अफसरों को बुलाकर नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने इस मामले में अफसरों की फटकार भी लगाई। सरकार यह मान रही है कि बालू-मौरंग के बढ़े दामों के कारण भी आम जनता के बीच नाराजगी थी। इस कारण भी भाजपा को लोगों ने वोट नहीं दिया। सरकार का यह भी मानना है कि खनन नीति प्रदेश में सही तरीके से लागू नहीं हो सकी है। इस कारण बालू-मौरंग की आसमान छूती कीमतों को काबू में नहीं लाया जा सका।

मुख्यमंत्री ने करीब दो घंटे तक खनन और वन विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद वन मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में बालू-मौरंग व गिट्टी के दाम कम होंगे। इसके लिए वन विभाग के साथ खनन विभाग की जो दिक्कतें हैं उसे भी जल्द दूर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने अफसरों को उचित कदम उठाने के निर्देश दिये हैं।

आम जनता को जल्द मिलेगी राहत: अर्चना पाण्डे

खनन राज्य मंत्री अर्चना पाण्डे ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बालू-मौरंग के दामों पर जल्द काबू में कर आम लोगों को राहत देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस पर बड़ी चिंता जताई। उन्होंने खनन से जुड़े संबंधित विभागों के अफसरों को जरूरी निर्देश भी दिये हैं। अवैध खनन न होने पाये इसके लिए भी विशेष नजर रखने के लिये कहा गया है।

अब केवल संयुक्त दल ही करेगा जांच

मुख्यमंत्री की बैठक में तय हुआ कि अब खनन मामले की जांच कोई एक विभाग नहीं करेगा। इसके लिए संयुक्त टीम बनाई जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें खनन विभाग के साथ ही पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारी मिलकर जांच करेंगे। कोई एक विभाग अवैध खनन की जांच नहीं करेगा। इसको लेकर पूरे प्रदेश में बहुत शिकायतें हैं। इनमें पुलिस व परिवहन विभाग के अफसरों की अवैध वसूली की मुख्य शिकायतें हैं।

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